नए कारोबारी सप्ताह की शुरुआत के साथ ही पीली धातु यानी सोने की कीमतों में तेजी का सिलसिला लगातार जारी रहा। पिछले सप्ताह ही पांच प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज करने के बाद, सोने का भाव पिछले तीन महीनों के अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया और यह लगभग 4,700 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के करीब पहुंच गया।
गोल्ड ईटीएफ में रिकॉर्ड आवक
विश्व स्वर्ण परिषद के आंकड़ों के मुताबिक, गोल्ड ईटीएफ में पिछले दस महीनों का सबसे मजबूत साप्ताहिक पूंजी प्रवाह दर्ज किया गया, जो कुल मिलाकर 46.7 टन रहा। इसमें से 30.4 टन की हिस्सेदारी केवल उत्तरी अमेरिका की रही, जबकि 13.8 टन का योगदान यूरोप की ओर से आया। मौजूदा वैश्विक घटनाक्रमों को देखते हुए इस बात के पुख्ता संकेत मिल रहे हैं कि ईटीएफ में यह खरीदारी आगे भी जारी रहेगी और सोने की कीमतों में और अधिक उछाल देखने को मिल सकता है।
प्रमुख मुद्राओं और भू-राजनीतिक हलचल का असर
मंगलवार को लगातार दूसरे दिन भी जीबीपी/यूएसडी जोड़ी सीमित दायरे में 1.3600 से ऊपर कारोबार करती नजर आई। अमेरिकी डॉलर में उस समय स्थिरता आई जब निवेशकों ने ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों का आकलन करना शुरू किया। इसके अलावा, पाकिस्तान द्वारा ईरान को घेराबंदी खत्म करने और समझौता ज्ञापन के तहत प्रतिबंध हटाने का प्रस्ताव ले जाने की खबरों के बीच कूटनीतिक प्रयास भी तेज हो गए हैं। दूसरी ओर, यूरोज़न की प्रमुख मुद्रा यूरो/यूएसडी मंगलवार को दोपहर के बाद भी रिकवरी की गति हासिल करने में संघर्ष करती दिखी और 1.1700 के स्तर से नीचे कारोबार कर रही थी। मध्य पूर्व के हालातों पर निवेशकों की सतर्क नजर है, जिसका सीधा फायदा अमेरिकी डॉलर को मिल रहा है। इसके अलावा, अमेरिका में अगस्त महीने के उपभोक्ता विजन और भावना के आंकड़े भी जारी किए गए हैं।
सोने और बिटकॉइन की चाल
एशियाई सत्र के दौरान शुरुआती कारोबार में 4,697 डॉलर का नया तीन महीने का उच्च स्तर छूने के बाद मंगलवार को सोने में गिरावट दर्ज की गई। हालिया तेजी के बाद आरएसआई के ओवरबॉट क्षेत्र में पहुंचने के कारण व्यापारी मुनाफावसूली करते हुए दिखाई दिए। वहीं दूसरी तरफ, बिटकॉइन ने अपनी बढ़त का दायरा बढ़ाते हुए मंगलवार को 80,000 डॉलर के पार कारोबार किया। पिछले तीन वर्षों में यह इसका सबसे मजबूत साप्ताहिक उछाल रहा है, जिसे संस्थागत मांग और सोमवार को स्पॉट एक्सचेंज ट्रेडेड फंड में हुई सकारात्मक आवक का मजबूत समर्थन मिल रहा है।
एशियाई बाजारों का हाल और अमेरिकी बॉन्ड बाजार में हस्तक्षेप
एशियाई बाजारों में लगातार दूसरे सत्र के दौरान भी सुस्त और दिशाहीन कारोबार का दौर जारी रहा। ईरान और फेडरल रिजर्व के रुख को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, खासकर बैसेन्ट की टिप्पणियों के बाद और जैक्सन होल की बैठक से पहले। ओमान के विदेश मंत्री मंगलवार को तेहरान के दौरे पर रहे, जबकि पाकिस्तान ने समझौता ज्ञापन पर अपनी प्रतिक्रिया दी। इसके अलावा अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने बुधवार को अपनी निर्धारित कार्यप्रणाली से हटकर एक बड़ा कदम उठाया। विभाग ने घोषणा की कि वह 10 से 20 वर्ष और 20 से 30 वर्ष के सेक्टरों में तरलता समर्थन पुनर्खरीद यानी लिक्विडिटी सपोर्ट बायबैक ऑपरेशंस के आकार को कम से कम दोगुना कर देगा। इसके तहत अधिकतम सीमा को 2 अरब डॉलर प्रति ऑपरेशन से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दिया गया है, जो 9 सितंबर से प्रभावी होकर 4 नवंबर तक चलेगा।



















