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अमेरिकी डॉलर और यील्ड में सुस्ती के बावजूद सीमित दायरे में चांदी, तकनीकी संकेतकों से बना दबावबाज़ार
6 अक्तू॰ 2026, 11:53 pm (2 घंटे पहले)· 0

अमेरिकी डॉलर और यील्ड में सुस्ती के बावजूद सीमित दायरे में चांदी, तकनीकी संकेतकों से बना दबाव

अमेरिकी डॉलर और ट्रेजरी यील्ड में नरमी आने से मंगलवार को चांदी को सहारा मिला, हालांकि प्रमुख मूविंग एवरेज के नीचे रहने के कारण धातु सीमित दायरे में बनी हुई है।

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Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण6 अक्टूबर 2026

RSIRelative Strength Index (14)

यह क्या है

RSI 0 से 100 तक का मोमेंटम मापक है जो हालिया बढ़त बनाम गिरावट दिखाता है। 70 के ऊपर ओवरबॉट (खिंचा हुआ), 30 के नीचे ओवरसोल्ड (बिकवाली से थका), और 50 तटस्थ रेखा है।

अभी यह कहाँ है

SI का RSI 45 है।

आगे संभावित चाल

60 के ऊपर बढ़त या 40 के नीचे फिसलन पर नजर रखें।

MACDMoving Avg Convergence/Divergence

यह क्या है

MACD तेज और धीमी मूविंग एवरेज के बीच का फासला नापता है; इसकी सिग्नल लाइन और हिस्टोग्राम बताते हैं कि गति बढ़ रही है या घट रही। लाइन सिग्नल के ऊपर हो तो तेजी, नीचे हो तो मंदी।

अभी यह कहाँ है

SI की MACD लाइन अपने सिग्नल के नीचे है।

आगे संभावित चाल

अगला सिग्नल-लाइन क्रॉसओवर देखने लायक ट्रिगर है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंगलवार को कीमती धातुओं के कारोबार में स्थिरता दर्ज की गई, जहां अमेरिकी डॉलर में नरमी और ट्रेजरी यील्ड में आई गिरावट ने कीमती धातुओं को निचली सतह से हल्का सहारा प्रदान किया। मंगलवार के कारोबारी सत्र के दौरान चांदी 0.75 प्रतिशत की बढ़त के साथ 61.50 डॉलर के आसपास कारोबार करती देखी गई। हालांकि, दिन के कारोबार में देखने को मिली इस रिकवरी के बावजूद धातु एक सीमित दायरे में फंसी नजर आ रही है। व्यापक आर्थिक अनिश्चितताओं और तकनीकी मोर्चे पर मजबूत अवरोधों के कारण कीमतों की ऊपरी चाल लगातार बाधित हो रही है। दूसरी तरफ, ताजा बाजार आंकड़ों के अनुसार यह धातु 61.89 डॉलर के स्तर पर रही है, जबकि इसका पिछला बंद भाव 60.87 डॉलर था, जो 1.68 प्रतिशत के दैनिक उछाल को दर्शाता है। चालू 52 हफ्तों के दौरान धातु 45.85 डॉलर से 121.30 डॉलर के दायरे में घूम चुकी है, और हालिया सत्र में इसका ट्रेडिंग वॉल्यूम 20 दिनों के औसत के मुकाबले 16.58 गुना दर्ज किया गया।

प्रमुख तकनीकी स्तर और मूविंग एवरेज का दबाव

तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो दैनिक आधार पर चांदी अपने प्रमुख सिंपल मूविंग एवरेज के नीचे बनी हुई है, जिससे इसका तकनीकी परिदृश्य कमजोर बना हुआ है। गति संकेतक जैसे 14-दिवसीय आरएसआई 45 के स्तर पर है, जो 50 से नीचे होने के कारण खरीदारों में गति की कमी दर्शाता है। इसके अलावा एमएसीडी -1.14 पर है जबकि इसकी सिग्नल लाइन -0.77 पर है, जिसके चलते हिस्टोग्राम -0.37 के साथ मंदी का रुख दिखा रहा है। ऐसी स्थिति में बाजार में आने वाली किसी भी रैली पर मुनाफावसूली या बिकवाली का खतरा बना रहता है। अन्य मूविंग एवरेज के संदर्भ में, 20-दिवसीय ईएमए 62.92 डॉलर, 50-दिवसीय ईएमए 63.93 डॉलर और 200-दिवसीय ईएमए 67.27 डॉलर पर स्थित हैं। इसी तरह 50-दिवसीय एसएमए 64.01 डॉलर और 200-दिवसीय एसएमए 72.60 डॉलर पर बने हुए हैं। 50-दिवसीय ईएमए का 200-दिवसीय ईएमए से नीचे होना चार्ट पर डेथ क्रॉस को रेखांकित करता है, जो दीर्घकालिक मंदी की प्रवृत्ति को पुष्ट करता है।

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कारोबारियों के लिए तात्कालिक प्रतिरोध दायरा 62 डॉलर के आसपास केंद्रित है, जो कि 62.13 डॉलर के 61.8 प्रतिशत रिट्रेसमेंट के ठीक पास बैठता है। यदि कीमतें इस स्तर को पार करने में सफल होती हैं, तो बाजार का ध्यान 63.84 डॉलर के 50.0 प्रतिशत रिट्रेसमेंट की ओर जाएगा। इसके बाद 64.20 डॉलर का 50-दिवसीय एसएमए और 64.45 डॉलर का 100-दिवसीय एसएमए अहम बाधाएं साबित होंगे। आगे की तेजी के लिए 65.56 डॉलर पर 38.2 प्रतिशत रिट्रेसमेंट तथा 67.69 डॉलर पर 23.6 प्रतिशत का स्तर महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। मौजूदा स्तरों के अनुसार पिवट बिंदु 61.50 डॉलर है, जबकि रेजिस्टेंस आर1 62.44 डॉलर और आर2 62.98 डॉलर पर मौजूद है। वहीं 20-दिवसीय बोलिंजर बैंड 58.93 डॉलर से 67.98 डॉलर के दायरे में फैला है जिसका मध्य स्तर 63.46 डॉलर है। 14-दिवसीय एडीएक्स 18 पर होने के कारण रुझान में स्पष्ट ताकत की कमी दिखती है, जबकि स्टोकेस्टिक इंडिकेटर की फास्ट लाइन 27 और सिग्नल लाइन 13 पर दर्ज है। 1.49 डॉलर का 14-दिवसीय एटीआर दैनिक अस्थिरता के रूप में स्टॉप-लॉस का दायरा तय करने में मदद करता है।

निचले स्तरों पर समर्थन और संभावित गिरावट का खतरा

गिरावट की स्थिति में धातु के लिए 60.00 डॉलर का मनोवैज्ञानिक स्तर तात्कालिक समर्थन के रूप में कार्य कर रहा है। यह स्तर 59.68 डॉलर पर स्थित 78.6 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के बेहद करीब है। यदि इस क्षेत्र के नीचे निरंतर बिकवाली जारी रहती है, तो धातु 56.57 डॉलर के चक्र निचले स्तर की ओर खिसक सकती है, जो 100 प्रतिशत रिट्रेसमेंट के समतुल्य है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक तात्कालिक समर्थन एस1 60.96 डॉलर और एस2 60.02 डॉलर पर देखा जा रहा है, जबकि 20-दिवसीय समर्थन लगभग 59.98 डॉलर तथा प्रतिरोध 68.11 डॉलर के आसपास आंका गया है।

फेडरल रिजर्व की नीति और व्यापक आर्थिक कारक

बाजार प्रतिभागी अभी भी चालू वर्ष के दौरान ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी की संभावना मानकर चल रहे हैं, जिसके दिसंबर में होने के आसार हैं। इस बीच निवेशकों का पूरा ध्यान बुधवार को आने वाले फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) की बैठक के मिनट्स पर टिका है, जिससे केंद्रीय बैंक के आगामी कदमों के संकेत मिल सकते हैं। बिना यील्ड वाली संपत्ति होने के कारण ब्याज दरों में नरमी आमतौर पर चांदी के पक्ष में जाती है, जबकि सख्त मौद्रिक नीतियां धातु की बढ़त पर ब्रेक लगाती हैं।

अमेरिकी डॉलर और चांदी के बीच का सीधा संबंध भी कीमतों की दिशा तय करने में बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी का मूल्यांकन डॉलर में होता है। डॉलर में मजबूती आने पर चांदी की कीमतों पर दबाव देखा जाता है, जबकि डॉलर के कमजोर होने से धातुओं को गति मिलती है। इसके अलावा निवेश मांग, खनन से होने वाली आपूर्ति और रीसाइक्लिंग दरें भी बाजार के संतुलन को प्रभावित करती हैं। भू-राजनीतिक अस्थिरता या गंभीर आर्थिक मंदी की आशंकाओं के समय भी सुरक्षित निवेश के तौर पर चांदी में खरीदारी बढ़ती है, हालांकि सोने की तुलना में इसका प्रभाव कुछ सीमित रहता है।

औद्योगिक मांग और वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं की भूमिका

सोने के विपरीत, चांदी का एक बड़ा हिस्सा उद्योगों में इस्तेमाल किया जाता है। विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स और सौर ऊर्जा क्षेत्रों में इसकी मांग काफी व्यापक है, क्योंकि सभी धातुओं में इसकी विद्युत चालकता सबसे अधिक होती है, जो तांबे और सोने से भी कहीं ज्यादा है। औद्योगिक गतिविधियों में तेजी कीमतों को ऊपर खींचती है, जबकि मंदी के दौर में मांग घटने से दबाव बनता है।

विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं जैसे अमेरिका, चीन और भारत चांदी के मूल्य निर्धारण में अहम भूमिका निभाते हैं। अमेरिका और विशेषकर चीन के विशाल औद्योगिक क्षेत्र विनिर्माण प्रक्रियाओं में चांदी का भारी उपयोग करते हैं। दूसरी ओर, भारत में आभूषणों और घरेलू उपयोग के लिए की जाने वाली उपभोक्ता मांग वैश्विक कीमतों को दिशा देने में एक महत्वपूर्ण कारक साबित होती है।

सोना-चांदी अनुपात और वैश्विक बाजार का मिजाज

ऐतिहासिक रूप से चांदी का रुख काफी हद तक सोने की चाल के समानांतर चलता है। जब सोने में तेजी आती है, तो सुरक्षित निवेश की धारणा के चलते चांदी भी उसी दिशा में आगे बढ़ती है। इन दोनों धातुओं के सापेक्षिक मूल्यांकन को समझने के लिए निवेशक गोल्ड-सिल्वर रेश्यो का उपयोग करते हैं, जो यह दर्शाता है कि सोने के एक औंस के बराबर मूल्य के लिए चांदी के कितने औंस की आवश्यकता होगी। बाजार में ऊंचा अनुपात इस बात का संकेत माना जाता है कि चांदी का मूल्य वास्तविक से कम आंका गया है या सोना जरूरत से ज्यादा महंगा हो गया है। इसके विपरीत, कम अनुपात यह बताता है कि चांदी की तुलना में सोना कम मूल्यांकित हो सकता है।

मंगलवार को अन्य वित्तीय बाजारों में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला। एशियाई सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) में हल्की गिरावट दर्ज की गई, जिससे पिछले सप्ताह दो महीने के निचले स्तर से शुरू हुई दो दिन की रिकवरी पर विराम लग गया। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर बने रहने और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच अमेरिकी डॉलर मजबूत बना रहा, भले ही अक्टूबर में फेड द्वारा दर वृद्धि के दांव कमजोर पड़े हों। हालांकि, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा चालू महीने में एक और दर वृद्धि की उम्मीद ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को सहारा दे सकती है।

उधर, शुरुआती यूरोपीय कारोबार में डॉलर बनाम जापानी येन (USD/JPY) 158.00 के पार निकल गया। बैंक ऑफ जापान की आक्रामक नीतियों की उम्मीदों और संभावित हस्तक्षेप के जोखिमों के बावजूद येन में कोई खास मजबूती नहीं दिखी। जापानी आंकड़ों और बैंक ऑफ जापान की अस्पष्ट समय-सीमा के बीच येन 158.00 के करीब बना हुआ है। वहीं पीली धातु सोने ने सोमवार के मामूली उछाल को आगे बढ़ाया, लेकिन मंगलवार को 4,200 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के अहम स्तर को पुनः हासिल करने के लिए संघर्ष करती दिखी। ट्रेजरी यील्ड में गिरावट और डॉलर की कमजोरी से सोने को कुछ समर्थन जरूर मिला।

क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन मंगलवार को 85,837 डॉलर पर कारोबार करता दिखा, जहां विक्रेता ट्रेंड पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश में थे। ऑल्टकॉइन्स में भी सीमित दायरा देखा गया, जिसमें एथेरियम 2,700 डॉलर से ऊपर स्थिर रहा और रिपल 1.50 डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर के आसपास बना रहा। यूरोपीय सेंट्रल बैंक के सामने भी दोहरी चुनौती खड़ी है; सामान्य परिस्थितियों में मुद्रास्फीति लक्ष्य से दोगुनी होने पर दरें बढ़ाई जाती हैं, लेकिन बॉन्ड बाजार द्वारा पहले ही सख्ती किए जाने के कारण केंद्रीय बैंक एक जटिल दुविधा से जूझ रहा है।

सवाल-जवाब

मंगलवार को चांदी की कीमतों में क्या हलचल दर्ज की गई?
मंगलवार को चांदी 0.75 प्रतिशत बढ़कर लगभग 61.50 डॉलर के स्तर पर रही, जबकि हालिया आंकड़ों में यह 61.89 डॉलर पर दर्ज की गई।
चांदी के लिए तात्कालिक तकनीकी प्रतिरोध स्तर कौन से हैं?
तात्कालिक प्रतिरोध 62 डॉलर और 62.13 डॉलर पर है, जिसके ऊपर 63.84 डॉलर, 64.20 डॉलर और 64.45 डॉलर के स्तर आते हैं।
चांदी के लिए मुख्य समर्थन स्तर कहां स्थित हैं?
निचले स्तर पर 60.00 डॉलर का मनोवैज्ञानिक स्तर और 59.68 डॉलर का फाइबोनैचि स्तर प्रमुख समर्थन के रूप में कार्य कर रहे हैं।
फेडरल रिजर्व की नीतियों का चांदी पर क्या प्रभाव पड़ रहा है?
साल के अंत में एक और संभावित दर वृद्धि की उम्मीदों के कारण निवेशक सतर्क हैं, क्योंकि ऊंची ब्याज दरें बिना यील्ड वाली धातुओं के आकर्षण को घटाती हैं।
उद्योगों में चांदी की मांग क्यों महत्वपूर्ण है?
चांदी की विद्युत चालकता तांबे और सोने से अधिक होती है, जिसके कारण इलेक्ट्रॉनिक्स और सौर ऊर्जा क्षेत्रों में इसका भारी औद्योगिक उपयोग होता है।
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टिप्पणियाँ 5

Sophie Laurent@sophie-laurent·1 घंटे पहले

चांदी के भाव भले ही सुस्त हों, पर जिस तरह इसका वॉल्यूम बीस दिन के औसत से सोलह गुना बढ़ गया है, वो सचमुच चौंकाने वाला है।

Michael Anderson@michael-anderson·1 घंटे पहले

डॉलर और यील्ड में नरमी के बावजूद चांदी इस दायरे में क्यों अटकी है? क्या आने वाले दिनों में यह इस रेंज को तोड़ पाएगी?

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·1 घंटे पहले

माइकल, आरएसआई 45 पर है और एमएसीडी भी निगेटिव है, तो अभी रेंज टूटने की उम्मीद कम ही है।

Rohan Gupta@rohan-gupta·1 घंटे पहले

चांदी के तकनीकी चार्ट्स पर डेथ क्रॉस और कमजोर आरएसआई देखकर लग रहा है कि अभी बाजार में तेजी की उम्मीद करना जल्दबाजी होगी। जब तक यह प्रमुख मूविंग एवरेज से ऊपर नहीं निकलती, तब तक हर उछाल पर बिकवाली का दबाव बना रहेगा।

Ravikash Gupta@ravikash·1 घंटे पहले

रोहन, तुम्हारी बात ठीक है पर डेथ क्रॉस के बावजूद वॉल्यूम देखना भी तो जरूरी है, 16 गुना वॉल्यूम सिर्फ मुनाफावसूली नहीं लग रहा।

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