वैश्विक मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर और सिंगापुर डॉलर के बीच हलचल एक सीमित दायरे में सिमट गई है। हालिया तेजी के स्तरों के करीब पहुंचने के बाद यूएसडी और एसजीडी का युग्म स्थिरता के संकेत दे रहा है। दैनिक चार्ट पर बढ़त की रफ्तार में सुस्ती दर्ज की जा रही है और रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई अत्यधिक खरीद के स्तर के पास पहुंच चुका है। ट्रेडर्स किसी भी आकस्मिक उछाल पर मुनाफावसूली का रुख अपना रहे हैं, जबकि बाजार का पूरा ध्यान सिंगापुर के मौद्रिक प्राधिकरण के आने वाले नीतिगत फैसले और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड की चाल पर केंद्रित है। ताजा कारोबारी आंकड़ों में यह जोड़ी 1.2790 के स्तर पर देखी गई, जबकि मौजूदा लाइव सत्र में यह 1.28 के स्तर पर कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद स्तर 1.28 से 0.17 प्रतिशत नीचे है। इसका 52 हफ्तों का दायरा 1.26 से 1.31 के बीच रहा है।
तकनीकी स्तर और चार्ट पर अहम सपोर्ट व रेजिस्टेंस
बाजार विश्लेषक सिम मोह सियोंग और क्रिस्टोफर वोंग के अनुसार, दैनिक चार्ट पर तेजी का रुख अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, मगर इसमें थकावट के शुरुआती संकेत साफ दिख रहे हैं। मौजूदा तकनीकी ढांचे में ऊपर की तरफ 1.2820 पर 100 दिनों का मूविंग एवरेज मजबूत रुकावट पेश कर रहा है, जबकि 1.2840 के स्तर पर 38.2 प्रतिशत का फिबोनाची स्तर दूसरा बड़ा अवरोध है। नीचे की ओर गिरावट आने पर 1.2740 का स्तर पहला सहारा बनेगा, जो वर्ष 2026 के निचले स्तर से उच्चतम स्तर तक की चाल का 61.8 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट है। इसके अलावा 1.2720 पर 21 दिनों का मूविंग एवरेज एक अन्य महत्वपूर्ण सपोर्ट के रूप में मौजूद है। लाइव तकनीकी गणना के मुताबिक 14 अवधि का आरएसआई 53 पर है, एमएसीडी 0.00 के साथ बुलिश हिस्टोग्राम दिखा रहा है, और एडीएक्स 28 के स्तर पर बना हुआ है। बॉलिंगर बैंड्स 1.26 से 1.28 के दायरे में सिमटे हैं और 20 दिनों का सपोर्ट 1.26 तथा रेजिस्टेंस 1.28 के आसपास आंका गया है।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और वैश्विक नीतियों का प्रभाव
मुद्रा विनिमय दर पर अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड की बढ़ती ऊंचाई का असर लगातार हावी है। फिक्स्ड इनकम बाजार में बिकवाली का दौर लंबा खिंचने के कारण अमेरिकी बॉन्ड यील्ड कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर बनी हुई है। फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावनाओं में कमी आने के बावजूद, भू-राजनीतिक तनाव और ऊंची यील्ड की वजह से अमेरिकी डॉलर को व्यापक मजबूती मिल रही है। हालांकि एशियाई क्षेत्र में ध्यान अब सिंगापुर के केंद्रीय बैंक के निर्णय पर लगा हुआ है, जिसकी घोषणा 14 अक्टूबर से पहले होनी तय है। नीति निर्माताओं का यह कदम तय करेगा कि सिंगापुर की मुद्रा डॉलर के दबाव को किस हद तक झेल पाती है।
अन्य वैश्विक करेंसियों और एसेट्स में हलचल
मंगलवार को एशियाई सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर में नरमी देखी गई, जिससे पिछले सप्ताह दो महीने के निचले स्तर से शुरू हुई दो दिवसीय रिकवरी पर ब्रेक लग गया। हालांकि ऑस्ट्रेलियाई रिजर्व बैंक की ओर से इस महीने एक और दर वृद्धि की उम्मीद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को कुछ सहारा दे सकती है। दूसरी तरफ जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर शुरुआती यूरोपीय कारोबार में फिर से 158.00 के पार पहुंच गया। बैंक ऑफ जापान की आक्रामक नीतियों की चर्चा और बाजार में संभावित हस्तक्षेप के जोखिम के बावजूद जापानी मुद्रा दबाव में बनी हुई है। जापानी आंकड़ों का व्यस्त सप्ताह सामने है, लेकिन बैंक ऑफ जापान की समयसीमा अभी भी स्पष्ट नहीं है।
कमोडिटी, यूरोप और क्रिप्टो बाजार की चाल
कमोडिटी बाजार में सोने ने सोमवार के मामूली उछाल को आगे बढ़ाने की कोशिश की, मगर मंगलवार को यह 4,200 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के अहम स्तर को दोबारा हासिल करने के लिए जूझता दिखा। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर इंडेक्स में नरमी ने पीली धातु को कुछ सहारा जरूर दिया है। यूरोप में यूरोपीय सेंट्रल बैंक एक बड़े असमंजस से घिर गया है। लक्ष्य से करीब दोगुनी चल रही मुद्रास्फीति से निपटने के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी सामान्य कदम होता, लेकिन बॉन्ड बाजार में पहले से हो रही वित्तीय कसावट ने बैंक के सामने जटिल चुनौती खड़ी कर दी है। डिजिटल एसेट बाजार में बिटकॉइन 85,837 डॉलर पर मजबूत बना हुआ है, जबकि इथेरियम 2,700 डॉलर के ऊपर और रिपल 1.50 डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर के आसपास सीमित दायरे में ट्रेड कर रहे हैं।

















