फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी’ को लेकर छिड़ा कानूनी विवाद अब देश की राजधानी की अदालत में और गहरा गया है। इस पूरे मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को नोटिस जारी करते हुए उनसे जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह कानूनी खींचतान 1998 के बहुचर्चित काले हिरण प्रकरण से जुड़ी बताई जा रही फिल्म को लेकर शुरू हुई है, जिस पर अभिनेता और फिल्म निर्माता दोनों ही अपने-अपने कानूनी अधिकारों को लेकर आमने-सामने खड़े हैं।
निर्माता अमित जानी की अर्जी और कोर्ट में रखी गई दलील
इस पूरे विवाद में फिल्म के निर्माता अमित जानी ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए एक विशेष आवेदन दायर किया है। उनकी मुख्य मांग यह है कि सलमान खान की ओर से दायर किए गए मूल मुकदमे की सुनवाई पर फिलहाल रोक लगा दी जाए। इस मामले की सुनवाई मंगलवार को न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी की एकल पीठ के समक्ष हुई।
अदालत की कार्यवाही के दौरान निर्माता अमित जानी के कानूनी प्रतिनिधि ने अपनी दलीलें पेश करते हुए कहा कि ठीक इसी प्रकृति की मांग और विषय से जुड़ा एक अन्य मामला पहले से ही हाईकोर्ट के समक्ष विचाराधीन है। वकील का कहना था कि जब तक उस पूर्व लंबित मामले में कोई अंतिम निर्णय नहीं आ जाता, तब तक सलमान खान से जुड़े इस मौजूदा दीवानी मुकदमे की कार्यवाही को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। उनका तर्क था कि दोनों मामलों में उठाई गई मांगें आपस में जुड़ी हुई हैं, इसलिए मौजूदा कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगाना न्यायहित में होगा।
पर्सनैलिटी राइट्स और सलमान खान के वकील का पक्ष
अदालत में सुनवाई आगे बढ़ने पर पीठ ने सलमान खान के मुकदमे के मूल स्वरूप और उसमें मांगी गई राहत पर विस्तार से चर्चा की। अदालत ने यह जानने की कोशिश की कि क्या यह पूरा मुकदमा अभिनेता के पर्सनैलिटी राइट्स यानी उनके व्यक्तिगत अधिकारों के संरक्षण से संबंधित है।
इस बिंदु पर अभिनेता की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता रवि प्रकाश ने अदालत को स्पष्ट किया कि उनका मूल वाद वास्तव में सलमान खान के पर्सनैलिटी राइट्स के संरक्षण के लिए ही दायर किया गया था। वरिष्ठ वकील ने पीठ को यह भी याद दिलाया कि इस मामले में पूर्व में अदालत अभिनेता के पक्ष में अनुकूल आदेश पारित कर चुकी है। उन्होंने बताया कि उस अदालती आदेश के बाद इस नई फिल्म की घोषणा सार्वजनिक रूप से की गई, जो अभिनेता के जीवन की एक पुरानी घटना पर आधारित प्रतीत होती है। इसी वजह से अभिनेता की कानूनी टीम को फिल्म के निर्माण और प्रदर्शन के खिलाफ अदालत से अतिरिक्त राहत मांगने के लिए मजबूर होना पड़ा।
निर्माता के साक्षात्कारों पर अभिनेता की आपत्ति
सलमान खान की कानूनी टीम ने अदालत में यह बिंदु भी पुरजोर तरीके से उठाया कि फिल्म को लेकर उठाई गई आपत्तियां केवल अनुमानों पर आधारित नहीं हैं। अभिनेता के वकीलों ने रेखांकित किया कि अदालत से राहत की मांग करते वक्त निर्माता द्वारा दिए गए विभिन्न सार्वजनिक बयानों और साक्षात्कारों को रिकॉर्ड पर रखा गया था। इन साक्षात्कारों और बयानों से यह स्पष्ट होता है कि परियोजना का सीधा संबंध अभिनेता के जीवन से जोड़ा जा रहा है, जिस पर अभिनेता की टीम ने गंभीर एतराज जताया है।
दोनों पक्षों की प्रारंभिक दलीलों को सुनने के बाद न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी की अदालत ने वरिष्ठ अधिवक्ता रवि प्रकाश को निर्देश दिया कि वे निर्माता अमित जानी द्वारा दायर इस आवेदन पर औपचारिक उत्तर दाखिल करें। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 16 दिसंबर की तारीख तय की है, जहां दोनों पक्ष अपनी विस्तृत दलीलें पेश करेंगे।



















