अमेरिकी बॉन्ड बाजार में लंबी अवधि की यील्ड के स्थिर होने से डॉलर को जरूरी सहारा मिल रहा है, जिससे मुद्रा बाजार में सतर्कता के साथ स्थिरता का दौर जारी है। वित्तीय बाजारों का ध्यान आगामी जैक्सन होल कार्यक्रम पर केंद्रित है, जहां केंद्रीय बैंकों की नीतियों को लेकर नए संकेत मिल सकते हैं। दूसरी ओर, अमेरिका और कनाडा के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव तथा ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों से जुड़े जोखिम इस पूरे परिदृश्य को और अधिक जटिल बना रहे हैं।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यदि अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक दूरियां फिर से बढ़ती हैं, तो इसका सीधा नकारात्मक असर डॉलर पर पड़ सकता है। हालांकि मौजूदा समय में अमेरिकी मुद्रा में मुख्य रूप से गिरावट के जोखिम हावी नजर आ रहे हैं, लेकिन जैक्सन होल बैठक से पहले डॉलर के एक सीमित दायरे में ही टिके रहने की उम्मीद जताई जा रही है।
ट्रेजरी बायबैक और बॉन्ड बाजार का गणित
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने अपनी सामान्य कार्यप्रणाली से हटकर एक बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने लंबी अवधि के कर्ज के लिए लिक्विडिटी सपोर्ट बायबैक ऑपरेशंस का आकार कम से कम दोगुना करने का निर्णय लिया है। इसके तहत 10 साल से 20 साल और 20 साल से 30 साल की परिपक्वता वाले सेक्टरों में अधिकतम सीमा को 2 अरब डॉलर प्रति ऑपरेशन से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दिया गया है। यह व्यवस्था 9 सितंबर से प्रभावी होकर 4 नवंबर तक चलेगी।
इस बीच मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया कि ट्रेजरी अपने फेडरल रिजर्व खाते का उपयोग लंबी अवधि के कर्ज के बायबैक कार्यों को फंड करने के लिए कर सकता है। हालांकि वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि इससे बॉन्ड बाजार पर कोई बहुत बड़ा विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि मौजूदा समय में बिल जारी करके बायबैक करना और टीजीए को घटाकर बाद में बिल जारी करना दोनों रणनीतियां लगभग एक जैसी ही हैं।
विदेशी मुद्रा बाजार में अन्य प्रमुख मुद्राओं की चाल
विदेशी मुद्रा बाजार में अन्य जोड़ियों की बात करें तो ब्रिटिश पाउंड और अमेरिकी डॉलर यानी GBP/USD की जोड़ी लगातार दूसरे दिन मंगलवार को सीमित दायरे में बनी हुई है और यह 1.3600 के स्तर के आसपास कारोबार कर रही है। बाजार के निवेशक ईरान पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों का बारीकी से आकलन कर रहे हैं, जिससे डॉलर को स्थिरता मिल रही है। इसके साथ ही कूटनीतिक मोर्चे पर भी सुगबुगाहट तेज हो गई है, जिसमें पाकिस्तान द्वारा ईरान के साथ चल रहे गतिरोध को समाप्त करने और समझौता ज्ञापन के तहत प्रतिबंध हटाने से जुड़ा कोई प्रस्ताव ले जाने की खबरें सामने आ रही हैं।
दूसरी ओर, यूरो और अमेरिकी डॉलर यानी EUR/USD की जोड़ी में कमजोरी का रुख बना हुआ है और मंगलवार के दूसरे सत्र में यह 1.1700 के स्तर से नीचे कारोबार कर रही है। मध्य पूर्व के घटनाक्रमों के बीच निवेशक खासी सावधानी बरत रहे हैं, जिसका सीधा फायदा अमेरिकी डॉलर को मिल रहा है। इसके अलावा, अमेरिका के आर्थिक कैलेंडर में आज अगस्त महीने के उपभोक्ता विजन और भावना से जुड़े आंकड़े जारी किए जाएंगे, जिन पर निवेशकों की पैनी नजर है।
कमोडिटी और क्रिप्टोकरेंसी बाजार का हाल
कीमती धातुओं के बाजार में सोने की कीमतों में मंगलवार को गिरावट दर्ज की गई। एशियाई सत्र के शुरुआती घंटों में सोना 4,697 डॉलर के नए तीन महीने के ऊपरी स्तर को छूने के बाद नीचे आ गया। हाल ही में आई जबरदस्त तेजी के बाद रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI के ओवरबॉट यानी अत्यधिक खरीदे गए क्षेत्र में पहुंचने के कारण व्यापारी मुनाफावसूली में जुटे हुए हैं।
दूसरी तरफ, क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन यानी BTC मजबूत स्थिति में बना हुआ है और यह मंगलवार को 80,000 डॉलर के ऊपर कारोबार कर रहा है। यह मई के मध्य के बाद से इसका सबसे उच्च स्तर है, जो निवेशकों की जोखिम लेने की बढ़ती क्षमता, तरलता की बेहतर स्थिति और मजबूत तकनीकी संकेतों को दर्शाता है।
कॉर्पोरेट आय का सीजन और शेयर बाजार का परिदृश्य
एसएंडपी 500 कंपनियों के लिए वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही का अर्निंग सीजन लगभग समाप्ति की ओर है, और इस बार का रिपोर्टिंग चक्र उल्लेखनीय रूप से सकारात्मक रहा है। हालांकि इस हफ्ते सभी की निगाहें कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI क्षेत्र की दिग्गज कंपनी NVIDIA (NVDA) पर टिकी हुई हैं, जिसके वित्तीय नतीजे 'मैग्निफिशिएंट सेवन' समूह के अर्निंग सीजन का समापन करेंगे।



















