कॉमर्सबैंक के वरिष्ठ विश्लेषक तथा घोष के नवीनतम अध्ययन के अनुसार रूसी केंद्रीय बैंक अपनी आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा में मुख्य ब्याज दर को 14.0 प्रतिशत पर ही बरकरार रख सकता है। बाजार में हालांकि कुछ विश्लेषक 25 आधार अंकों की मामूली कटौती का अनुमान भी लगा रहे हैं, लेकिन बहुसंख्यक राय और आर्थिक कारक ब्याज दर में किसी भी बदलाव न किए जाने की ओर इशारा करते हैं। कमजोर आर्थिक वृद्धि के बावजूद मुद्रास्फीति से जुड़े बुनियादी आंकड़े किसी भी तरह की मौद्रिक ढील की अनुमति नहीं देते हैं। केंद्रीय बैंक का मानना है कि इस चरण में दर में कटौती करना अर्थव्यवस्था के लिए अधिक जोखिम भरा साबित हो सकता है।
मुद्रास्फीति अनुमानों में वृद्धि और महंगाई की चुनौती
रूसी केंद्रीय बैंक द्वारा हाल ही में जारी किए गए सर्वेक्षण के आंकड़े इस बात को स्पष्ट करते हैं कि देश में मुद्रास्फीति का दबाव लगातार बढ़ रहा है। विभिन्न आर्थिक विश्लेषकों ने वर्ष 2026 के अंत तक के लिए अपने मुद्रास्फीति पूर्वानुमान को बढ़ाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया है। इससे पहले जुलाई में यह अनुमान 6.2 प्रतिशत और जून में 5.3 प्रतिशत दर्ज किया गया था। इस प्रकार तीन महीनों के भीतर मुद्रास्फीति के दीर्घकालिक अनुमानों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है।
इतना ही नहीं, निकट भविष्य के लिए आम लोगों और विश्लेषकों की मुद्रास्फीति प्रत्याशाएं 14 प्रतिशत के आंकड़े के आसपास बनी हुई हैं। जब अल्पावधि में महंगाई की उम्मीदें इतनी ऊंची स्तर पर हों, तो केंद्रीय बैंक के लिए ब्याज दरों में कटौती करना लगभग असंभव हो जाता है। ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मुद्रा के अवमूल्यन ने भी मूल्य स्थिरता बनाए रखने की चुनौती को और अधिक कठिन बना दिया है।
क्रेमलिन के राजनीतिक रुख में आया महत्वपूर्ण बदलाव
इस बार मौद्रिक नीति बैठक से ठीक पहले राजनीतिक संदेशों में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सार्वजनिक रूप से टिप्पणी की है कि उच्च ब्याज दरें देश में वृहद-आर्थिक स्थिरता बनाए रखने का एक सोच-समझकर अपनाया गया उपकरण हैं। यह बयान बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे पहले की कम से कम दो बैठकों से पूर्व राष्ट्रपति पुतिन ने संकेत दिया था कि मौजूदा परिस्थितियों में ब्याज दरों में कटौती करना अर्थव्यवस्था के लिए वांछनीय होगा।
राष्ट्रपति पुतिन के इस नए बयान से यह स्पष्ट होता है कि अब राजनीतिक नेतृत्व भी मुद्रास्फीति नियंत्रण को प्राथमिकता दे रहा है। जब देश का शीर्ष नेतृत्व उच्च दरों को स्थिरता के साधन के रूप में स्वीकार कर रहा हो, तो केंद्रीय बैंक पर दरों में कटौती करने का राजनीतिक दबाव काफी कम हो जाता है। यह बदलाव केंद्रीय बैंक को बिना किसी बाहरी दबाव के स्वतंत्र निर्णय लेने की सहूलियत प्रदान करता है।
रूसी रूबल का अवमूल्यन और विनिमय दर की स्थिति
विदेशी मुद्रा बाजार में रूसी रूबल की स्थिति पर नजर डालें तो यह पहले ही कॉमर्सबैंक द्वारा निर्धारित वर्ष के अंत के लक्ष्य से अधिक कमजोर हो चुका है। विश्लेषकों का मानना है कि ऐतिहासिक रुझानों को देखते हुए रूबल का यह वर्तमान मूल्य स्तर अगले कुछ महीनों तक स्थिर या अटका रह सकता है, भले ही आज ब्याज दर को लेकर कोई भी निर्णय लिया जाए।
इसके अलावा, वर्तमान में चल रही कृत्रिम या नियंत्रित USD/RUB और EUR/RUB विनिमय दरों पर 25 आधार अंकों की किसी छोटी कटौती या ठहराव का कोई खास असर पड़ने की उम्मीद नहीं है। वित्तीय प्रतिबंधों और पूंजी नियंत्रण के कारण रूसी मुद्रा बाजार में सामान्य विदेशी मुद्रा तंत्र उस तरह से काम नहीं कर रहा है जैसे खुले बाजारों में करता है। इसलिए ब्याज दर में एक छोटा बदलाव विनिमय दर में कोई बड़ा अंतर पैदा नहीं करेगा।
वैश्विक मुद्रा और कमोडिटी बाजारों का ताजा हाल
रूसी केंद्रीय बैंक के निर्णय के अलावा वैश्विक वित्तीय बाजारों में भी अन्य प्रमुख संपत्तियों में हलचल देखी जा रही है। शुक्रवार के एशियाई कारोबारी सत्र में AUD/USD की जोड़ी 0.7100 के मध्य स्तर के पास स्थिर बनी रही। गुरुवार को अमेरिकी अगस्त पीपीआई आंकड़ों के मजबूत आने से अमेरिकी डॉलर को बल मिला था, जिससे इस जोड़ी में एक सप्ताह से अधिक के निचले स्तर तक गिरावट आई थी। हालांकि, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की ओर से सख्त रुख की उम्मीदों ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की गिरावट को सीमित कर दिया।
दूसरी ओर, USD/JPY की जोड़ी 154.00 के स्तर की ओर नीचे की ओर कारोबार कर रही थी। जापान के थोक मूल्य सूचकांक आंकड़े उम्मीद से अधिक गर्म आने के बाद बैंक ऑफ जापान द्वारा नीतिगत दरें बढ़ाए जाने की संभावनाएं तेज हो गई हैं, जिससे जापानी येन को मजबूती मिली है। हालांकि, अमेरिकी उपभोक्ता मुद्रास्फीति आंकड़ों से पहले डॉलर की मजबूती के कारण गिरावट सीमित रही। वहीं, सोने की बात करें तो यह शुक्रवार को $4,300 के निचले स्तर से उबरकर $4,350 प्रति औंस से ऊपर निकल गया, लेकिन व्यापारी अमेरिकी सीपीआई आंकड़ों की प्रतीक्षा में बड़े सौदे करने से बच रहे हैं।



















