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सब्जी काटने के बाद न फेंकें लौकी के छिलके, आलू संग बनाएं यह लाजवाब और क्रिस्पी भुजियाखानपान
12 अक्तू॰ 2026, 5:17 pm (55 मिनट पहले)· 1

सब्जी काटने के बाद न फेंकें लौकी के छिलके, आलू संग बनाएं यह लाजवाब और क्रिस्पी भुजिया

रसोई में अक्सर बेकार समझकर फेंक दिए जाने वाले लौकी के छिलकों से बेहद कुरकुरी और स्वादिष्ट सूखी भुजिया तैयार की जा सकती है, जिसमें बिना पानी डाले मसालों का बेहतरीन स्वाद मिलता है।

अक्सर घरों में जब भी लौकी की सब्जी बनती है, तो उसके छिलकों को बेकार मानकर सीधे कूड़ेदान में डाल दिया जाता है। ज्यादातर लोग यह नहीं जानते कि इन छिलकों का इस्तेमाल करके एक बेहद लजीज, पौष्टिक और कुरकुरी साइड डिश तैयार की जा सकती है। ताजी और नरम लौकी के छिलकों के साथ जब आलू का मेल होता है, तो यह साधारण सी लगने वाली सामग्री एक चटपटी भुजिया में बदल जाती है। अदरक, हरी मिर्च और देसी मसालों के तड़के से तैयार यह भुजिया न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाती है, बल्कि रसोई में खाद्य पदार्थों की बर्बादी को रोकने का भी एक बेहतरीन तरीका है।

लौकी के छिलके की भुजिया बनाने के लिए जरूरी सामग्री

इस आसान और स्वादिष्ट भुजिया को तैयार करने के लिए बहुत अधिक तामझाम या दुर्लभ मसालों की जरूरत नहीं पड़ती। घर की रसोई में मौजूद बुनियादी चीजों से ही इसे झटपट पकाया जा सकता है। इसके लिए मुख्य रूप से 2 कप लौकी के छिलके चाहिए, जिन्हें पहले से अच्छी तरह धोकर बिल्कुल बारीक काट लिया गया हो। इसके साथ ही 1 मध्यम आकार का आलू चाहिए, जिसे छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा गया हो ताकि वह छिलकों के साथ एक समान गति से पक सके।

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तड़के और मसाले के लिए 1/2 इंच कद्दूकस किया हुआ अदरक, बारीक कटी हरी मिर्च, हींग, राई और जीरा आवश्यक हैं। इसके अलावा पकाने के लिए सरसों का तेल, हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, स्वादानुसार नमक और ताजी कटी हरी धनिया की पत्तियां चाहिए। भुजिया में हल्का खट्टा और चटपटा स्वाद लाने के लिए 1/2 छोटा चम्मच अमचूर पाउडर अथवा चाट मसाला का इस्तेमाल किया जाता है।

पकाने की आसान और सटीक विधि

इस डिश की शुरुआत लौकी के छिलकों की सही तैयारी से होती है। हमेशा ध्यान रखें कि छिलके ताजे और कोमल हों। छिलकों को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें और फिर चाकू की मदद से जितना हो सके बारीक काटें। छिलके जितने महीन कटेंगे, वे पकने में उतना ही कम समय लेंगे और उनका स्वाद भी उतना ही बढ़िया आएगा। इसके बाद आलू को भी छिलकों के आकार के अनुसार छोटे चौकोर टुकड़ों में काट लें।

अब गैस पर एक कड़ाही चढ़ाएं और उसमें सरसों का तेल डालकर अच्छी तरह गर्म करें। जब तेल से हल्का धुआं उठने लगे, तब आंच धीमी करके उसमें राई और जीरा डालें। दोनों चीजों के चटकने के तुरंत बाद हींग, कटी हुई हरी मिर्च और कद्दूकस किया हुआ 1/2 इंच अदरक डालकर कुछ सेकंड के लिए भून लें ताकि मसालों की खुशबू तेल में समा जाए।

इसके तुरंत बाद कड़ाही में कटे हुए आलू और 2 कप बारीक कटे लौकी के छिलके डाल दें। ऊपर से हल्दी पाउडर और स्वादानुसार नमक डालकर चमचे से सभी सामग्रियों को आपस में अच्छी तरह मिला दें। अब कड़ाही को ढक्कन से ढक दें और धीमी आंच पर लगभग 8 से 10 मिनट तक पकने दें। इस पूरी प्रक्रिया में अलग से एक बूंद भी पानी डालने की जरूरत नहीं होती है, क्योंकि लौकी के छिलके और आलू अपनी ही भाप और प्राकृतिक नमी में पकते हैं। बीच-बीच में ढक्कन हटाकर सब्जी को चलाते रहें ताकि वह कड़ाही के तले में चिपके नहीं।

कुरकुरापन लाने का खास तरीका और परोसने का सुझाव

करीब 8 से 10 मिनट बाद जब आलू और छिलके पूरी तरह से गलकर नरम हो जाएं, तब कड़ाही का ढक्कन पूरी तरह हटा दें। अब इसमें धनिया पाउडर और 1/2 छोटा चम्मच अमचूर पाउडर या चाट मसाला डालें। मसाले मिलाने के बाद गैस की आंच तेज कर दें और बिना ढके लगातार चलाते हुए करीब 2 मिनट तक भूनें। तेज आंच पर भूनने से सब्जी की बची हुई अतिरिक्त नमी खत्म हो जाती है और भुजिया में एक शानदार कुरकुरापन आ जाता है। आखिर में गैस बंद कर दें और ऊपर से ताजा हरा धनिया डालकर मिला दें।

अगर आपको अधिक तीखा और चटपटा स्वाद पसंद है तो अमचूर की जगह चाट मसाला चुनना ज्यादा बेहतर रहता है। इस कुरकुरी भुजिया को गरमा-गरम सादी रोटी, तवा पराठे या फिर दाल-चावल के साथ साइड डिश के रूप में परोसा जा सकता है। यह सूखी सब्जी टिफिन और लंच बॉक्स के लिए भी एक बहुत अच्छा और झटपट बनने वाला विकल्प है।

सवाल-जवाब

लौकी के छिलके की भुजिया बनाने के लिए कितने छिलके चाहिए?
इस रेसिपी के लिए 2 कप अच्छी तरह धोकर बारीक कटे हुए ताजे लौकी के छिलके इस्तेमाल किए जाते हैं।
क्या इस भुजिया को पकाते समय पानी डालना जरूरी है?
नहीं, इसमें बिल्कुल भी पानी नहीं डाला जाता क्योंकि यह धीमी आंच पर ढककर अपनी ही भाप में पकती है।
सब्जी को धीमी आंच पर कितनी देर तक ढककर पकाना चाहिए?
आलू और छिलकों को कड़ाही में ढककर धीमी आंच पर लगभग 8 से 10 मिनट तक पकाना होता है।
भुजिया को कुरकुरा बनाने के लिए अंत में क्या करना चाहिए?
ढक्कन हटाकर मसाले मिलाने के बाद तेज आंच पर लगातार चलाते हुए 2 मिनट तक भूनने से भुजिया कुरकुरी बनती है।
खट्टे स्वाद के लिए कौन सा मसाला डाला जा सकता है?
चटपटे स्वाद के लिए 1/2 छोटा चम्मच अमचूर पाउडर या फिर चाट मसाला डाला जा सकता है।
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