अमेरिकी डॉलर के मुकाबले दक्षिण कोरियाई वॉन की चाल फिलहाल थम गई है। सोसाइटी जनरल के विश्लेषकों के अनुसार, USD/KRW जोड़ी जून में एक अहम स्तर से टकराने के बाद अपनी बढ़त आगे नहीं बढ़ा पाई और अब यह एक तय दायरे के भीतर घूमती नजर आ रही है। यानी निकट भविष्य में डॉलर के तेज उछाल या वॉन के तेज मजबूत होने, दोनों की गुंजाइश सीमित मानी जा रही है।
1561 का स्तर बना अवरोध
विश्लेषकों की नजर में जून के दौरान 1561 के आसपास का स्तर एक तात्कालिक अवरोध यानी रेजिस्टेंस के तौर पर उभरा। इस स्तर को छूने के बाद जोड़ी की ऊपर की ओर बढ़त रुक गई। तकनीकी भाषा में यही वह जगह होती है जहां खरीदारों का जोर कमजोर पड़ने लगता है और भाव आगे बढ़ने से पहले सुस्ता जाता है। यही वजह है कि अब इस जोड़ी के एक सीमित दायरे में घूमने की उम्मीद जताई जा रही है।
बड़ी गिरावट के आसार अभी नहीं
अहम बात यह है कि इस समय किसी बड़ी गिरावट के संकेत नहीं दिख रहे हैं। इसका मतलब है कि वॉन की ओर से डॉलर पर तेज दबाव बनने या भाव के अचानक नीचे लुढ़कने की आशंका फिलहाल कम है। ऐसे में जोड़ी के तेजी से टूटने के बजाय एक संतुलित दायरे में रहने की संभावना ज्यादा मानी जा रही है।
1530 पर पहला सहारा
अगर आने वाले दिनों में डॉलर में थोड़ी नरमी आती है और जोड़ी नीचे की ओर फिसलती है, तो 1530 का हालिया पिवट लो पहला सहारा यानी सपोर्ट बन सकता है। पिवट लो वह निचला स्तर होता है जहां से पहले भाव पलटकर ऊपर चढ़ा था, इसलिए ऐसे स्तरों पर अक्सर खरीदार दोबारा सक्रिय हो जाते हैं। यही कारण है कि किसी भी छोटी गिरावट की स्थिति में 1530 को पहली रक्षा पंक्ति के रूप में देखा जा रहा है।
ऊपर की ओर क्या हैं लक्ष्य
दूसरी तरफ, अगर जोड़ी 1561 के अवरोध को पार कर ऊपर निकलती है, तो इसे तेजी के दोबारा लौटने का संकेत माना जाएगा। इस स्थिति में अगला पड़ाव 1573 और उसके बाद 1580 के आसपास हो सकता है। यानी 1561 का स्तर इस समय दिशा तय करने वाला अहम मोड़ है, जिसके ऊपर टूटने पर डॉलर को नई मजबूती मिल सकती है।
कुल मिलाकर तस्वीर
संक्षेप में कहें तो, फिलहाल USD/KRW एक इंतजार वाले दौर में है। नीचे की ओर 1530 का सहारा और ऊपर की ओर 1561 का अवरोध, इन्हीं दो दीवारों के बीच जोड़ी की चाल तय होने की उम्मीद है। जब तक 1561 नहीं टूटता, तब तक दायरे में कारोबार की ही स्थिति बनी रहने के आसार हैं, और इसके पार होते ही 1573 से 1580 तक की तेजी का रास्ता खुल सकता है। मुद्रा बाजार पर नजर रखने वाले कारोबारियों के लिए ये तीनों स्तर आने वाले दिनों में सबसे अहम रहेंगे।













