भारतीय रसोई में आलू सबसे प्रमुख सब्जियों में से एक है, लेकिन कई बार बाजार से दिखने में सुंदर और चमकदार दिखने वाला आलू जब घर लाकर पकाया जाता है तो उसका स्वाद मीठा निकलता है। नमकीन या मसालेदार सब्जियों में आलू का मीठापन पूरे खाने का स्वाद बिगाड़ देता है। इस समस्या से बचने के लिए आलू खरीदते समय ही कुछ बुनियादी बातों पर ध्यान देना बेहद जरूरी होता है। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. विनोद प्रकाश ने आलू की सही किस्म चुनने और उसकी मिठास पहचानने के महत्वपूर्ण तरीके बताए हैं।
फिरोजाबाद में आलू का उत्पादन और किस्मों की विविधता
उत्तर प्रदेश का फिरोजाबाद क्षेत्र बड़े पैमाने पर आलू उत्पादन के लिए जाना जाता है। यहां के किसान अपने खेतों में आलू की कई अलग-अलग वैरायटी उगाते हैं। इन विभिन्न किस्मों के स्वाद, गुणवत्ता और भंडारण क्षमता में काफी अंतर होता है। स्थानीय सब्जी मंडियों में भी अलग-अलग क्षेत्रों और किस्मों के आलू बिक्री के लिए पहुंचते हैं। कई बार उपभोक्ता केवल आलू की बाहरी सफाई या चमक देखकर उसे खरीद लेते हैं, जिसके कारण बाद में उन्हें मीठे स्वाद का सामना करना पड़ता है। कृषि विशेषज्ञ बताते हैं कि अगर खरीदारी के दौरान थोड़ा ध्यान दिया जाए तो मीठे और गैर-मीठे आलू के बीच अंतर आसानी से समझा जा सकता है।
रंग और छिलके की बनावट से मिठास की पहचान
कृषि वैज्ञानिक डॉ. विनोद प्रकाश के अनुसार बाजार में मुख्य रूप से दो रंगों के आलू उपलब्ध होते हैं, लाल आलू और सफेद आलू। इन दोनों के रंग और छिलके से उनके स्वाद का अंदाजा लगाया जा सकता है। लाल रंग की त्वचा वाले आलू में कुछ समय बाद मिठास आने की संभावना अधिक बनी रहती है। इसके विपरीत, सफेद रंग के वे आलू जिनका ऊपरी छिलका खुरदरा होता है और जिनका आकार थोड़ा लंबा होता है, उनमें तुलनात्मक रूप से कम मिठास पाई जाती है। इसलिए जब भी आप मंडी जाएं, केवल गोल और चिकने आलू चुनने के बजाय खुरदरे छिलके और लंबे आकार वाले सफेद आलू को प्राथमिकता दें।
गूदे की बनावट और चिपचिपाहट का अंतर
आलू के केवल बाहरी हिस्से में ही नहीं, बल्कि उसके आंतरिक गूदे की बनावट में भी अंतर होता है। वैज्ञानिक जांच और अनुभवों के अनुसार लाल रंग के आलू के गूदे में चिपचिपाहट की मात्रा अधिक देखने को मिलती है। दूसरी तरफ, सफेद रंग के आलू के गूदे में यह चिपचिपाहट काफी कम होती है। अधिक चिपचिपाहट वाले आलू अक्सर पकाने पर ज्यादा मीठे और ढीले साबित होते हैं। इसलिए खरीदारी करते समय आलू के गूदे की सघनता और उसकी बनावट को समझना उपयोगी रहता है।
केवल बाहरी चमक पर न जाएं, अपनाएं समझदारी
सब्जी मंडी में विक्रेता अक्सर आलू को धोकर और चमकाकर बेचते हैं। उपभोक्ता अक्सर इसी आकर्षण में आकर खरीदारी कर लेते हैं। डॉ. विनोद प्रकाश की सलाह है कि केवल आलू की ऊपरी चमक पर भरोसा करके खरीदारी न करें। आलू खरीदते समय उसके रंग, छिलके के खुरदरेपन, आकार और गूदे की संरचना का पूरा ध्यान रखें। इन आसान और वैज्ञानिक कसौटियों को अपनाकर आप रसोई के लिए सही स्वाद वाला आलू चुन सकते हैं और अनचाही मिठास की परेशानी से पूरी तरह बच सकते हैं।


















