जब भी स्पेन के खेल जगत की बात होती है, तो आमतौर पर लोगों के ध्यान में फुटबॉल के दिग्गज क्लब, मातडोर और बुलफाइटिंग का रोमांच उभरता है। हालांकि, इस यूरोपीय राष्ट्र ने अब क्रिकेट के मैदान पर एक ऐसा ऐतिहासिक कारनामा कर दिखाया है जिसकी कल्पना बहुत कम लोगों ने की थी। 2028 टी20 वर्ल्ड कप यूरोप सब-रीजनल क्वालिफायर सी के एक बेहद महत्वपूर्ण मैच में फिनलैंड को पराजित करके स्पेनिश पुरुष क्रिकेट टीम ने लगातार 21वीं अंतरराष्ट्रीय जीत दर्ज की है। इस अभूतपूर्व उपलब्धि के साथ स्पेन ने विश्व क्रिकेट में एक नया स्वर्णिम अध्याय लिख दिया है।
ऑस्ट्रेलिया का 23 साल पुराना कीर्तिमान हुआ ध्वस्त
स्पेन की इस लगातार 21वीं जीत ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का सबसे प्रतिष्ठित विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इससे पहले यह कीर्तिमान ऑस्ट्रेलिया की उस महान टीम के नाम दर्ज था जिसने 2003 में रिकी पोंटिंग की अगुवाई में विश्व क्रिकेट पर एकछत्र राज किया था। कंगारू टीम ने उस दौर में वनडे और टेस्ट प्रारूप मिलाकर लगातार 20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में विजय प्राप्त की थी। 2003 वनडे वर्ल्ड कप के दौरान दक्षिण अफ्रीका में बिना कोई मैच गंवाए खिताब जीतने से लेकर जोहानिसबर्ग के फाइनल में भारत को हराने तक ऑस्ट्रेलिया का अजेय अभियान कायम रहा था। उस वनडे विश्व कप में लगातार 17 वनडे जीतने के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन टेस्ट मैच भी जीते थे। 23 वर्षों तक किसी भी देश के लिए लगातार 20 जीत के आंकड़े को छूना एक सपने जैसा माना जाता था, लेकिन स्पेन ने इस तिलिस्म को तोड़ दिया है।
फिनलैंड के खिलाफ दर्ज की ऐतिहासिक 21वीं जीत
विश्व रिकॉर्ड बनाने वाला यह ऐतिहासिक मुकाबला फिनलैंड के खिलाफ खेला गया, जहां स्पेन के सामने जीत के लिए 132 रनों का लक्ष्य रखा गया था। स्पेनिश बल्लेबाजों ने इस चुनौती को बेहद आसान बना दिया और महज दो विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। इस मुकाबले में स्पेन की टीम ने हर विभाग में शानदार अनुशासन और कौशल का प्रदर्शन किया। इस जीत के साथ ही स्पेन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों में लगातार सबसे अधिक मैच जीतने वाली दुनिया की नंबर एक टीम बन गई है और ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज टीम दूसरे स्थान पर खिसक गई है।
आइल ऑफ मैन से शुरू हुई परीकथा जैसी यात्रा
आईसीसी की टी20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में 28वें स्थान पर मौजूद स्पेन के लिए यह मुकाम हासिल करना किसी चमत्कार से कम नहीं है। इस शानदार विजय अभियान की शुरुआत लगभग तीन साल पहले आइल ऑफ मैन के खिलाफ मिली एक यादगार जीत से हुई थी। उस मैच में मिली सफलता ने टीम के भीतर एक नया आत्मविश्वास जगाया, जो समय के साथ और मजबूत होता चला गया। इसके बाद स्पेन ने यूरोपीय एसोसिएट टीमों के खिलाफ अपना दबदबा पूरी तरह कायम रखा।
यूरोपीय टीमों पर स्पेन का जबरदस्त दबदबा
अपने इस अजेय सफर के दौरान स्पेनिश टीम ने यूरोप महाद्वीप की कई उभरती और मजबूत टीमों को परास्त किया। जर्सी, क्रोएशिया, चेक रिपब्लिक, ग्रीस और मेजबान फिनलैंड जैसी टीमें स्पेन के विजय रथ को रोकने में नाकाम साबित हुईं। स्पेन का प्रदर्शन इस प्रारूप में इतना दबदबा भरा रहा कि साल 2024 में ही टीम ने लगातार 14 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले जीतकर केवल टी20 प्रारूप में सबसे ज्यादा लगातार जीत का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया था। इस उपलब्धि के बाद भी टीम ने अपनी एकाग्रता नहीं खोई और जीत का आंकड़ा 21 मैचों तक पहुंचा दिया।
1992 से 2026 तक स्पेनिश क्रिकेट की विकास यात्रा
स्पेन को पारंपरिक रूप से क्रिकेट खेलने वाला देश कभी नहीं माना गया। देश में क्रिकेट की आधिकारिक शुरुआत 1992 में हुई थी, जब स्पेन को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) का एफिलिएट सदस्य बनाया गया था। वर्षों के निरंतर प्रयास और बुनियादी ढांचे के विकास के बाद 2017 में स्पेन को एसोसिएट सदस्य का दर्जा मिला। स्पेनिश क्रिकेट के इतिहास में सबसे बड़ा मोड़ वर्ष 2019 में आया, जब आईसीसी ने स्पेन को आधिकारिक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का दर्जा प्रदान किया।
50 मैचों में 41 जीत का अद्भुत रिकॉर्ड
टी20 अंतरराष्ट्रीय का दर्जा मिलने के बाद से स्पेन की टीम ने पीछे मुड़कर नहीं देखा है। अब तक खेले गए कुल 50 अंतरराष्ट्रीय टी20 मुकाबलों में से स्पेन ने 41 मैचों में शानदार जीत दर्ज की है, जबकि उसे केवल 8 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है और 1 मैच बेनतीजा रहा। 50 में से 41 जीत का यह आंकड़ा स्पष्ट रूप से साबित करता है कि जीत प्रतिशत के मामले में स्पेन यूरोपीय एसोसिएट क्रिकेट की सबसे सफल और निरंतर प्रदर्शन करने वाली टीम बन चुकी है।


















