अमेरिकी डॉलर और स्विस फ्रैंक (USD/CHF) की विनिमय दर में एक बार फिर मजबूत बुलिश रुझान देखने को मिल रहा है। खरीदारों ने 0.8100 के अहम रेजिस्टेंस लेवल पर सफलतापूर्वक कब्जा कर लिया है। एक ऐसे ट्रेडिंग सत्र में जहां अन्य G8 मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर को उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा है, वहीं स्विस फ्रैंक के मुकाबले डॉलर ने बढ़त हासिल की है। वर्तमान लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, यह पेयर 0.8143 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है, जो पिछले क्लोजिंग लेवल 0.8124 से 0.23% की छलांग को दर्शाता है। यह तेजी एक मजबूत हायर-हाई स्ट्रक्चर की पुष्टि करती है, जो इस एसेट को अपने एक साल के उच्चतम स्तर के बेहद करीब ले जा रही है और बाजार के जानकारों को अपने अल्पकालिक अनुमानों को तुरंत बदलने पर मजबूर कर रही है। विदेशी मुद्रा बाजार में इस तरह का ब्रेकआउट अक्सर नए निवेशकों को आकर्षित करता है, जिससे ट्रेडिंग वॉल्यूम में भी इजाफा होता है।
व्यापक आर्थिक माहौल और डॉलर की मजबूती
अमेरिकी डॉलर और स्विस फ्रैंक के बीच की मौजूदा गतिशीलता बड़े आर्थिक बदलावों से गहराई से प्रभावित हो रही है। एक तरफ जहां अमेरिकी डॉलर बॉन्ड यील्ड और वैश्विक व्यापार के उतार-चढ़ाव से जूझ रहा है, वहीं स्विस फ्रैंक लगातार एक सुरक्षित निवेश के रूप में अपनी धाक जमाए हुए है। यह दिलचस्प है कि भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के इस दौर में भी, अमेरिकी डॉलर ने स्विस फ्रैंक के मुकाबले अपनी बढ़त बनाए रखी है। इस हफ्ते प्रमुख मुद्राओं के प्रदर्शन को दर्शाने वाले मार्केट हीटमैप के विश्लेषण से पता चलता है कि स्विस फ्रैंक ने ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले सबसे ज्यादा मजबूती दिखाई है। हालांकि, डॉलर की रफ्तार के आगे स्विस फ्रैंक भी थोड़ा कमजोर नजर आया। यह अंतर आधुनिक मुद्रा बाजार की जटिलताओं को उजागर करता है। जब केंद्रीय बैंक अपनी नीतियों में बदलाव करते हैं, तो ब्याज दरों का फासला अक्सर सुरक्षित निवेश की भावना पर भारी पड़ जाता है। यही कारण है कि कैरी ट्रेड के नजरिए से डॉलर अभी भी कई निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है।
तकनीकी विश्लेषण और बुलिश मोमेंटम
तकनीकी विश्लेषण के नजरिए से देखें तो, USD/CHF का मार्केट स्ट्रक्चर पूरी तरह से बुलिश बना हुआ है। प्राइस एक्शन में लगातार हायर-हाई और हायर-लो का पैटर्न बन रहा है, जो एक मजबूत और टिकाऊ अपट्रेंड की निशानी है। रियल-टाइम मोमेंटम इंडिकेटर्स भी इस शानदार तेजी की तस्दीक कर रहे हैं। बाजार पर नजर रखने वाला प्रमुख इंडिकेटर RSI इस समय 62 के मजबूत स्तर पर है। यह 50 की न्यूट्रल लाइन से काफी ऊपर है, जो बताता है कि खरीदारों का पलड़ा पूरी तरह से भारी है, और फिलहाल ओवरबॉट की स्थिति नहीं बनी है। इसके अलावा, यह पेयर एक लंबी अवधि के अपट्रेंड में ट्रेड कर रहा है, जिसे एक गोल्डन क्रॉस का भी समर्थन प्राप्त है, जहां 50-दिवसीय EMA 0.8015 के स्तर पर है और 200-दिवसीय EMA के ऊपर मजबूती से टिका है। वोलैटिलिटी इंडिकेटर बोलिंजर बैंड्स का निचला सिरा 0.8029 और ऊपरी सिरा 0.8145 पर है, जबकि मिडलाइन 0.8087 पर स्थित है। वर्तमान कीमत ऊपरी बैंड के बिल्कुल करीब है, जो एक स्पष्ट दिशात्मक तेजी का संकेत दे रही है। 29 के स्तर पर मौजूद ADX भी इस बात की पुष्टि करता है कि मौजूदा ट्रेंड काफी सक्रिय और मजबूत हो रहा है, जबकि MACD हिस्टोग्राम फिलहाल तटस्थ है और अगले बड़े ब्रेकआउट का इंतजार कर रहा है।
ऊपरी टारगेट और अहम रेजिस्टेंस लेवल
चूंकि बाजार का रुख स्पष्ट रूप से ऊपर की ओर है, इसलिए ट्रेडर्स की पैनी नजर अब आगामी रेजिस्टेंस लेवल पर टिकी है। USD/CHF के लिए सबसे बड़ी और पहली बाधा 13 जुलाई को बना 0.8149 का उच्चतम स्तर है। लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, मौजूदा कीमत इस स्तर के बेहद करीब पहुंच चुकी है। अगर यह पेयर इस स्तर के ऊपर डेली क्लोजिंग देने में सफल रहता है, तो तकनीकी तौर पर अगला महत्वपूर्ण सप्लाई जोन पूरी तरह से खुल जाएगा। 0.8149 के स्तर को पार करने के बाद, अगला बड़ा टारगेट 1 अगस्त 2025 का उच्चतम स्तर 0.8172 होगा। इस स्तर को सफलतापूर्वक पार करने के बाद, कीमत मनोवैज्ञानिक और तकनीकी रूप से बेहद अहम 0.8200 के स्तर की ओर तेजी से बढ़ेगी। अगर यह बुलिश मोमेंटम इसी रफ्तार से जारी रहता है, तो इसके बाद 19 जून 2025 का पीक 0.8215 और फिर 4 जून 2025 का डेली हाई 0.8250 अगला लक्ष्य होंगे। अंततः, इन सभी रेजिस्टेंस जोन को पार करने के बाद बाजार का मध्यम अवधि का फोकस 0.8300 के स्तर पर केंद्रित हो जाएगा, जो एक बड़ा माइलस्टोन साबित हो सकता है।
गिरावट का जोखिम और सपोर्ट जोन
इसके विपरीत, अगर बाजार में मंदी का रुख पनपना है, तो मौजूदा सपोर्ट लेवल्स का टूटना बेहद जरूरी होगा। मौजूदा बुलिश रुझान को पूरी तरह से नकारने के लिए, USD/CHF पेयर को 0.8061 के नवीनतम साइकिल लो को निर्णायक रूप से नीचे की ओर तोड़ना होगा, जो कि 17 जुलाई के लो ऑफ द डे के भी काफी करीब है। अगर बाजार इस स्तर को होल्ड करने में विफल रहता है, तो कीमतें और नीचे खिसक सकती हैं, और अगला बड़ा सपोर्ट 10 जुलाई के स्विंग लो 0.8030 पर मिलेगा। लाइव टेक्निकल डेटा यह भी दर्शाता है कि 20-दिवसीय सपोर्ट 0.8009 के आसपास मंडरा रहा है, जो 0.8000 के मनोवैज्ञानिक स्तर की अहमियत को कई गुना बढ़ा देता है। अगर कीमत 0.8000 के नीचे डेली क्लोजिंग देती है, तो यह बाजार की धारणा में एक बड़े बदलाव का संकेत होगा, जिससे आक्रामक शॉर्ट-सेलिंग देखने को मिल सकती है। रिस्क मैनेजमेंट टूल्स का इस्तेमाल करने वाले समझदार ट्रेडर्स वोलैटिलिटी से बचने और स्टॉप-लॉस ऑर्डर सेट करने के लिए मौजूदा 0.01 के ATR का सहारा ले सकते हैं।
ब्रिटिश पाउंड और यूके की महंगाई
करेंसी मार्केट के अन्य घटनाक्रमों पर नजर डालें तो, ब्रिटिश पाउंड को इस समय भारी दबाव का सामना करना पड़ रहा है। GBP/USD पेयर अपनी खोई हुई रफ्तार वापस पाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है और बुधवार के कारोबारी सत्र के दूसरे हिस्से में यह 1.3400 के अहम स्तर से नीचे ही बना रहा। इस सुस्ती का सीधा संबंध यूनाइटेड किंगडम से आने वाले नवीनतम आर्थिक आंकड़ों से है। जून के महीने में यूके की वार्षिक CPI मुद्रास्फीति ठंडी पड़कर 2.6% पर आ गई है, जबकि बाजार को इसके 2.7% रहने का अनुमान था। महंगाई के इन नरम आंकड़ों ने बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी की संभावनाओं को काफी कम कर दिया है। दरें घटने की उम्मीद से मुद्रा का आकर्षण कम हो जाता है, जिससे पाउंड अपनी रिकवरी का मोमेंटम खो बैठा है और संस्थागत निवेशक बिकवाली कर रहे हैं। इसके साथ ही, मिडिल ईस्ट से आ रही तनावपूर्ण खबरों के चलते भी निवेशकों ने स्टर्लिंग को लेकर सतर्क रुख अपना लिया है।
यूरोपीय सेंट्रल बैंक और EUR/USD
यूरो भी इसी तरह के बेहद सीमित प्राइस एक्शन से गुजर रहा है। EUR/USD एक्सचेंज रेट फिलहाल 1.1400 के स्तर के आसपास एक संकीर्ण दायरे में ट्रेड कर रहा है। इस सप्ताह की शुरुआत में घरेलू अर्थव्यवस्था से जुड़े किसी भी बड़े डेटा के अभाव में, यूरोपीय मुद्रा पूरी तरह से बाहरी कारकों पर निर्भर हो गई है। इनमें सबसे प्रमुख कारक मिडिल ईस्ट में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है, जिसने बाजार में एक सतर्कता भरा माहौल बना दिया है और यूरो की किसी भी बड़ी तेजी पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। हालांकि, साझा मुद्रा के लिए बाजार की वोलैटिलिटी गुरुवार को तेजी से बढ़ने की भारी उम्मीद है, क्योंकि उसी दिन यूरोपियन सेंट्रल बैंक अपनी महत्वपूर्ण मौद्रिक नीति और ब्याज दरों से जुड़े फैसले का ऐलान करने वाला है। फिलहाल ट्रेडर्स बैंक की फॉरवर्ड गाइडेंस का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं और किसी भी बड़े दांव से दूरी बनाए हुए हैं।
गोल्ड की ऐतिहासिक रैली
विदेशी मुद्रा बाजार से इतर, कमोडिटीज के बाजार में भी भू-राजनीतिक चिंताओं के कारण ऐतिहासिक निवेश देखने को मिल रहा है। गोल्ड लगातार चौथे कारोबारी दिन अपनी बढ़त बनाए हुए है और $4,100 प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक रूप से अहम स्तर के ऊपर मजबूती से टिका है। ईरान से जुड़े तनाव के कारण, यह कीमती धातु बाजार के रिस्क-ऑफ माहौल से बेफिक्र होकर एक बड़े सेफ-हेवन निवेश को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भी सोने की चमक और बढ़ा दी है, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई के फिर से सिर उठाने का बड़ा खतरा पैदा हो गया है। महंगाई के खिलाफ एक बचाव के रूप में सोने की भूमिका इसे और भी आकर्षक बना रही है। इस सप्ताह अब तक पीली धातु में 2.5% की शानदार रैली देखने को मिली है, और यह तीन महीने से अधिक समय में अपना सबसे बेहतरीन साप्ताहिक प्रदर्शन करने की राह पर मजबूती से आगे बढ़ रही है। यह शानदार तेजी दर्शाती है कि भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के इस दौर में बड़े संस्थान सुरक्षित संपत्तियों की कितनी अधिक मांग कर रहे हैं।


















