गुरबाज की तूफानी पारी से गयाना अमेजन वॉरियर्स ने रचा इतिहास, सीजन में लगातार 5वीं जीत के साथ बनी अजेयरविवार को सिद्धि योग और आर्द्रा नक्षत्र का महासंयोग, इन अचूक उपायों से जीवन के कष्ट होंगे दूर50 लाख जीतकर बीच में रुके सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट मनोज कुमार यादव, बताया जंगल में सर्वाइवल के लिए जवानों को सांप तक खाना पड़ता हैदिल्ली के एसआरसीसी में पीएम मोदी ने बदलाव के विरोधियों को दिया 'नाराज़ फूफा' का तंजऐप्पल के सितंबर इवेंट में नहीं आएगा बेस मॉडल आईफोन 18उत्तराखंड के विकास उनियाल की प्रेरणादायक कहानी, मां को खोने के बाद शुरू किया केमिकल-मुक्त अगरबत्ती का कारोबारमानसून में फल छेदक तितली से अनार की फसल को खतरा, कृषि विशेषज्ञ ने बताए बचाव के उपाययूएस ओपन में ब्रिटिश चुनौती समाप्त, क्या इस निराशाजनक दौर के बीच भी कोई सकारात्मक संकेत मौजूद हैंबिना कानों के कैसे सुनती हैं तंबाकू हॉर्नवर्म की इल्लियां, वैज्ञानिकों ने खोली अनोखी पहेलीथ्रेडिंग के तुरंत बाद अगर चेहरा लाल हो जाए तो अपनाएं ये 5 घरेलू तरीके
सेंसेक्स और निफ्टी की चाल पर वैश्विक संकेत हावी रहने की उम्मीद, आगामी सप्ताह बाजार में दिख सकती है उतार-चढ़ाव की स्थितिबाज़ार
5 सित॰ 2026, 5:47 pm (5 घंटे पहले)· 2

सेंसेक्स और निफ्टी की चाल पर वैश्विक संकेत हावी रहने की उम्मीद, आगामी सप्ताह बाजार में दिख सकती है उतार-चढ़ाव की स्थिति

आगामी सप्ताह भारतीय शेयर बाजार की दिशा वैश्विक गतिविधियों, कच्चे तेल के दामों और विदेशी निवेशकों के रुख से तय होगी। बेंचमार्क सूचकांक पिछले चार हफ्तों से लगातार दबाव में हैं।

भारतीय शेयर बाजारों के लिए आने वाला सप्ताह काफी चुनौतीपूर्ण रहने के आसार हैं क्योंकि वैश्विक कारकों का दबाव लगातार बना हुआ है। प्रमुख सूचकांकों में पिछले चार हफ्तों से लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है और निवेशक इस मंदी के दौर से उबरने के लिए स्थिरता के संकेतों की तलाश में हैं। इस समयावधि में कच्चे तेल के बढ़ते दाम, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी, विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से लगातार हो रही बिकवाली और अमेरिकी फेडरल रेट को लेकर अनिश्चितता बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।

निफ्टी और सेंसेक्स का पिछला प्रदर्शन

बीते सप्ताह के दौरान बेंचमार्क इंडेक्स में कमजोरी का रुख स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। निफ्टी 50 में 1.15 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 23,897 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं दूसरी ओर, सेंसेक्स में भी लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह सूचकांक फिसलकर 76,515 के स्तर पर सिमट गया। लगातार चार हफ्तों से जारी इस बिकवाली के दबाव ने बाजार के दायरे को सीमित कर दिया है और अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या बाजार यहां से संभल पाएगा या बिकवाली का यह दौर और आगे तक खिंचेगा।

ये भी पढ़ें

वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें और एफआईआई का रुख

वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल 95 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति से जुड़ी चिंताओं के कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। भारत के लिए यह एक बड़ी चिंता का विषय है क्योंकि आयातित ऊर्जा के महंगे होने से घरेलू स्तर पर महंगाई बढ़ सकती है और देश के चालू खाते पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने लगातार तीसरे हफ्ते भारतीय इक्विटी बाजारों से निकासी जारी रखी। पिछले सप्ताह एफआईआई ने कुल 5,612 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बाजार को संभालते हुए 23,156 करोड़ रुपये की लिवाली की और कुछ हद तक संतुलन बनाए रखा।

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और श्रम बाजार के आंकड़े

अमेरिका में मजबूत श्रम बाजार के आंकड़ों ने ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को झटका दिया है, जिससे वैश्विक जोखिम लेने की क्षमता प्रभावित हो रही है। अमेरिकी नॉन-फ्राम पेरोल में 162,000 नौकरियों की बढ़ोतरी दर्ज की गई जो कि बाजार के अनुमान 53,000 से काफी अधिक थी। इसके साथ ही बेरोजगारी दर 4.1 प्रतिशत पर स्थिर बनी रही। इस मजबूत रोजगार डेटा के बाद अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों पर आक्रामक रुख बनाए रखने की आशंकाएं गहरी हो गई हैं। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 4.81 प्रतिशत से ऊपर निकल गई है जो 2023 के बाद के सबसे ऊंचे स्तरों के करीब है। बढ़ी हुई यील्ड उभरते बाजारों से पूंजी निकासी का कारण बन सकती है।

रुपये की स्थिति और आरबीआई का स्वैप विंडो

विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय रुपये ने पिछले सप्ताह मजबूती का प्रदर्शन किया। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया लगभग 1 प्रतिशत मजबूत होकर 94.48 के स्तर पर बंद हुआ। इस मजबूती के पीछे भारतीय रिजर्व बैंक के विशेष एफसीएनआर (बी) स्वैप विंडो की अहम भूमिका रही जिसे समय से पहले 31 अगस्त को बंद कर दिया गया था। इस योजना के तहत एनआरआई निवेशकों से 52 अरब डॉलर से अधिक का पूंजी प्रवाह आकर्षित हुआ, जिससे घरेलू मुद्रा को आवश्यक संबल मिला। आने वाले सत्रों में मुद्रा की यह चाल बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण संकेतक बनी रहेगी।

तकनीकी दृष्टिकोण और जानकारों की राय

तकनीकी मोर्चे पर बाजार के रुझान को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि निफ्टी का ढांचा अभी भी कमजोर बना हुआ है। मास्टर कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड के चीफ रिसर्च ऑफिसर डॉ. रवि सिंह ने बताया कि निफ्टी 50 ने लगातार चौथे हफ्ते गिरावट दर्ज करते हुए 21-डे और 55-डे ईएमए दोनों के नीचे क्लोजिंग दी है, जो मंदी के रुख को पुख्ता करता है। सूचकांक लगातार निचले स्तर और निचले शिखर बना रहा है, जिससे हर उछाल पर बिकवाली हावी हो रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 24,050 के स्तर पर है जबकि 24,250 का स्तर एक बड़ी बाधा बना हुआ है। यदि सूचकांक इस दायरे से नीचे रहता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। नीचे की ओर 23,800 का स्तर पहला सपोर्ट है और यदि यह टूटा तो बाजार 23,600 की तरफ फिसल सकता है। दूसरी ओर, भारत विक्स 10.68 पर है, जो बाजार में अपेक्षाकृत कम उतार-चढ़ाव को दर्शाता है।

बैंक निफ्टी का हाल और आगामी रणनीतियां

बैंक निफ्टी में भी पिछले सप्ताह नरमी देखने को मिली और यह सूचकांक 0.22 प्रतिशत गिर गया। हालांकि, यह व्यापक बाजार की तुलना में अधिक लचीलापन दिखा रहा है और अपने 21-सप्ताह तथा 55-सप्ताह के ईएमए के ऊपर टिका हुआ है। डॉ. रवि सिंह के मुताबिक, बैंक निफ्टी में 57,800 पर रेजिस्टेंस है और इसके ऊपर निकलने पर यह 58,250 तक जा सकता है। नीचे की तरफ 57,000 का स्तर मजबूत सपोर्ट है, जबकि इसके टूटने पर यह 56,600 की ओर आ सकता है। कुल मिलाकर, बैंकिंग शेयरों में सीमित दायरे में कारोबार रहने की संभावना है।

सवाल-जवाब

पिछले सप्ताह निफ्टी 50 और सेंसेक्स का प्रदर्शन कैसा रहा?
पिछले सप्ताह निफ्टी 50 में 1.15 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 23,897 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स लगभग 1 प्रतिशत गिरकर 76,515 पर बंद हुआ।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने पिछले हफ्ते कितनी बिकवाली की?
विदेशी संस्थागत निवेशकों ने पिछले सप्ताह 5,612 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे।
ब्रेंट क्रूड ऑयल किस कीमत पर कारोबार कर रहा है?
आपूर्ति से जुड़ी चिंताओं और भू-राजनीतिक तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड 95 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार कर रहा है।
डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति क्या रही?
भारतीय रुपया पिछले सप्ताह लगभग 1 प्रतिशत मजबूत होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.48 के स्तर पर बंद हुआ।
निफ्टी 50 के लिए तत्काल रेजिस्टेंस और सपोर्ट स्तर क्या हैं?
निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 24,050 पर है और तत्काल सपोर्ट 23,800 के स्तर पर है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR