वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में अमरीकी डॉलर की मजबूती के कारण यूरो में नरमी देखने को मिली है। अमरीका में जारी हुए हेडलाइन PCE मुद्रास्फीति के आंकड़ों ने अनुमान से अधिक तेजी दिखाई, जिससे अमरीकी डॉलर को तात्कालिक सहारा मिला। दूसरी तरफ कोर मुद्रास्फीति के आंकड़े बाजार के अनुमानों के बिल्कुल अनुरूप रहे हैं, जिसके कारण फेडरल रिजर्व की आगामी सितंबर बैठक को लेकर ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है। आर्थिक आंकड़ों के इस संयोजन ने वित्तीय बाजारों में विविध प्रतिक्रियाएं उत्पन्न की हैं, जहां मुद्रा, कमोडिटी और क्रिप्टोकरेंसी बाजारों में नई हलचल देखी जा रही है।
अमरीकी PCE मुद्रास्फीति और प्रमुख आर्थिक आंकड़े
अमरीका के फेडरल रिजर्व द्वारा पसंदीदा मुद्रास्फीति पैमाने कोर PCE प्राइस इंडेक्स में जुलाई के दौरान मासिक आधार पर 0.2% की वृद्धि दर्ज की गई। यह आंकड़ा वित्तीय बाजार के अनुमानों के बिल्कुल बराबर है, हालांकि यह जून महीने में दर्ज की गई 0.1% की वृद्धि के मुकाबले तेज है। यदि वार्षिक आधार पर देखा जाए तो कोर मुद्रास्फीति 3.3% पर स्थिर बनी रही, जो बाजार के विश्लेषकों द्वारा जताए गए पूर्वानुमान के पूरी तरह अनुकूल है।
इसी अवधि में जारी हुए अन्य आर्थिक आंकड़ों में अमरीकी सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का दूसरा अनुमान शामिल है। दूसरी तिमाही के दौरान अमरीका की वार्षिक GDP वृद्धि दर 1.5% रही, जो प्रारंभिक अनुमान और विश्लेषकों की भविष्यवाणियों के समान है। व्यक्तिगत आय (Personal Income) के मोर्चे पर जुलाई महीने में 0.4% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो जून के 0.2% और अनुमानित 0.3% दोनों से बेहतर प्रदर्शन दर्शाती है। इसके विपरीत, व्यक्तिगत खर्च (Personal Spending) में 0.2% का इजाफा हुआ, जो जून के 0.3% के मुकाबले सुस्त है लेकिन बाजार की अपेक्षाओं के अनुरूप है।
डॉलर इंडेक्स की स्थिति और ट्रेजरी बांड बायबैक का असर
छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले अमरीकी डॉलर की विनिमय दर को दर्शाने वाला अमरीकी डॉलर इंडेक्स (DXY) ताजा आंकड़ों के आने के बाद 99.07 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा था। मुद्रास्फीति के आंकड़ों के बाद डॉलर इंडेक्स ने निचले स्तरों से सुधरने की कोशिश की, लेकिन यह पिछले सप्ताह अमरीकी ट्रेजरी द्वारा घोषित बांड बायबैक योजना के कारण बने दबाव के करीब ही बना रहा।
उल्लेखनीय है कि अमरीकी ट्रेजरी ने दीर्घकालिक सरकारी प्रतिभूतियों की पुनर्खरीद यानी बायबैक बढ़ाने का अचानक फैसला किया था। इस कदम ने अमरीका के बढ़ते राष्ट्रीय कर्ज और मुद्रा के अवमूल्यन (currency debasement) को लेकर निवेशकों की चिंताओं को पुनर्जीवित कर दिया था। इस वजह से डॉलर इंडेक्स हालिया बिकवाली के बाद बने निचले दायरे के पास ही मंडरा रहा है।
विदेशी मुद्रा बाजार: EUR/USD और GBP/USD की चाल
यूरो और अमरीकी डॉलर का मुद्रा जोड़ा (EUR/USD) 1.1670 के स्तर के इर्द-गिर्द उतार-चढ़ाव दर्ज कर रहा है। अमरीकी आंकड़ों के जारी होने के बाद डॉलर में आई सीमित मजबूती के कारण इस मुद्रा जोड़े में बढ़त और गिरावट का दौर बारी-बारी से देखा गया। यूरोपीय मुद्रा पर डॉलर के मजबूत रुख का सीधा असर पड़ा है।
दूसरी ओर ब्रिटिश पाउंड और अमरीकी डॉलर के जोड़े (GBP/USD) में गिरावट दोबारा शुरू हो गई है। मंगलवार को इस जोड़े ने तेजी दर्ज करने का प्रयास किया था, लेकिन यह 1.3650 के प्रतिरोध स्तर को पार करने में एक बार फिर असफल रहा। अमरीका के PCE और GDP आंकड़ों के बाद ग्रीनबैक (अमरीकी डॉलर) में आए सुधार के चलते पाउंड में मुनाफावसूली और बिकवाली देखने को मिली।
कमोडिटी और क्रिप्टो बाजार: सोना और बिटकॉइन का रुख
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों पर भी बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है। हाजिर सोना प्रति ट्रॉय औंस $4,600 के महत्वपूर्ण समर्थन स्तर की तरफ खिसकता नजर आया। इससे पहले लगातार तीन दिनों तक सोने की कीमतों में तेजी का रुझान बना हुआ था, जो मंगलवार को $4,700 प्रति ट्रॉय औंस के उच्चतम स्तर के पास पहुंचकर थम गया।
डिजिटल परिसंपत्ति बाजार में बिटकॉइन का कारोबार सकारात्मक दायरे में बना हुआ है। बिटकॉइन $78,000 के स्तर से ऊपर अपनी स्थिति मजबूत बनाए हुए है, हालांकि यह $80,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करने के लिए संघर्ष कर रहा है। बाजार में संस्थागत निवेशकों की मांग में निरंतर मजबूती देखी जा रही है। विशेष रूप से ब्लैकरॉक के टैक्स-डेफर्ड बिटकॉइन-टू-ETF स्वैप वॉल्यूम में भारी वृद्धि हुई है, जो $5 अरब (5 बिलियन डॉलर) के आंकड़े तक पहुंच गया है।
एनवीडिया के तिमाही नतीजों पर वैश्विक बाजारों की नजरें
वित्तीय बाजारों के लिए इस सप्ताह का सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम अमरीकी शेयर बाजारों के बंद होने के बाद आने वाले एनवीडिया (Nvidia) के वित्तीय परिणाम हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) क्षेत्र की अग्रणी कंपनी एनवीडिया से बाजार को असाधारण नतीजों की उम्मीद है।
बाजार विश्लेषकों का अनुमान है कि एनवीडिया की तिमाही राजस्व (Revenue) $92 अरब ($92 billion) के पार जा सकती है। इसके साथ ही प्रति शेयर आय (EPS) $2.09 रहने की संभावना व्यक्त की जा रही है। इन नतीजों का असर पूरी दुनिया के टेक शेयरों और व्यापक बाजार रुझान पर पड़ने की संभावना है।



















