मेघालय राज्य मंत्रिमंडल ने गैर-तकनीकी ग्रुप C सरकारी पदों पर उम्मीदवारों के चयन के लिए आयोजित होने वाले इंटरव्यू (साक्षात्कार) को समाप्त करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कैबिनेट बैठक के बाद इस प्रशासनिक फैसले की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने बताया कि यह नई व्यवस्था 1 जनवरी 2027 से औपचारिक रूप से लागू होगी। राज्य सरकार इस कदम को सरकारी नौकरियों की चयन प्रक्रिया को अधिक सरल, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे व्यापक भर्ती सुधारों के एक प्रमुख हिस्से के रूप में देख रही है।
आयोगों की सिफारिशों और पूर्ववर्ती सुधारों से तालमेल
इस फैसले की पृष्ठभूमि पर जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने स्पष्ट किया कि यह सुधार संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और राज्य के अपने प्रशासनिक सुधार आयोगों द्वारा दी गई सिफारिशों के बिल्कुल अनुरूप है। इससे पहले मेघालय सरकार ने चतुर्थ श्रेणी यानी ग्रुप D पदों के लिए भी इंटरव्यू की अनिवार्यता को समाप्त करने का फैसला किया था। हालांकि, कैबिनेट ने यह भी साफ कर दिया है कि तकनीकी ग्रुप C पदों की भर्ती के लिए जहां आवश्यक होगा, वहां साक्षात्कार प्रक्रिया पहले की तरह जारी रहेगी। विभिन्न विभागों में कौन से पद तकनीकी श्रेणी के अंतर्गत आएंगे और कौन से गैर-तकनीकी माने जाएंगे, इसकी स्पष्ट पहचान कर उन्हें अधिसूचित करने की जिम्मेदारी कार्मिक विभाग को सौंपी गई है।
जिला चयन समितियों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP)
गैर-तकनीकी पदों से साक्षात्कार हटाने के साथ-साथ, राज्य मंत्रिमंडल ने पूरे मेघालय में जिला चयन समितियों (DSCs) के माध्यम से की जाने वाली भर्तियों के लिए एक एकीकृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) को भी स्वीकृति दी है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस SOP का मुख्य लक्ष्य सभी जिलों के चयन निकायों में कार्यप्रणाली की एकरूपता कायम करना, पारदर्शिता बढ़ाना और स्थापित भर्ती नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना है। इस ढाँचे को अन्य भर्ती एजेंसियों तक विस्तारित करने से पहले सरकार भर्ती प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगी। मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने जोर देकर कहा कि इन सभी बदलावों का अंतिम ध्येय राज्य भर के युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों में आवेदन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाना है।



















