श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर राजस्थान के सीकर जिले में स्थित प्रसिद्ध खाटूश्याम जी मंदिर में दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए रेलवे ने एक महत्वपूर्ण राहत दी है। पर्व के दौरान खाटूधाम में उमड़ने वाली भक्तों की भारी भीड़ और यात्रियों के अतिरिक्त दबाव को ध्यान में रखते हुए दिल्ली से रींगस के बीच एक विशेष अनारक्षित रेलसेवा शुरू करने का निर्णय लिया गया है। उत्तर पश्चिम रेलवे की ओर से संचालित की जाने वाली यह स्पेशल ट्रेन दिल्ली, हरियाणा और समीपवर्ती इलाकों से आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम और आरामदायक बनाएगी। रेलवे प्रशासन ने जन्माष्टमी उत्सव के दौरान दोनों दिशाओं में तीन-तीन फेरे चलाने का विस्तृत खाका तैयार किया है, जिससे नियमित रूप से चलने वाली ट्रेनों पर यात्रियों का बोझ काफी हद तक कम हो सकेगा।
ट्रेन का समय और संचालन का पूरा शेड्यूल
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार, दिल्ली से रींगस के बीच चलने वाली इस विशेष ट्रेन को गाड़ी संख्या 04415 आवंटित की गई है। यह अनारक्षित स्पेशल रेलसेवा 3 सितंबर से अपनी यात्रा शुरू करेगी और 5 सितंबर तक लगातार संचालित की जाएगी। अपनी समय सारणी के अनुसार, गाड़ी संख्या 04415 दिल्ली स्टेशन से प्रतिदिन शाम 6:50 बजे प्रस्थान करेगी। रास्ते में अपने सभी निर्धारित पड़ावों को पार करते हुए यह ट्रेन उसी रात 12:40 बजे रींगस पहुंचेगी। रात के समय रींगस पहुंचने से श्रद्धालुओं को खाटूश्याम जी मंदिर की ओर आगे बढ़ने में सहूलियत मिलेगी और वे सुबह की आरती तथा दर्शन में शामिल हो सकेंगे।
इसके साथ ही, दर्शन के पश्चात वापस लौटने वाले यात्रियों के लिए रींगस से दिल्ली के लिए वापसी ट्रेन का प्रबंध भी किया गया है। गाड़ी संख्या 04416 रींगस-दिल्ली अनारक्षित स्पेशल के रूप में चलाई जाएगी। इस वापसी सेवा का संचालन 4 सितंबर से 6 सितंबर तक कुल तीन फेरों के रूप में होगा। यह ट्रेन रींगस रेलवे स्टेशन से देर रात 2:00 बजे रवाना होगी और सुबह 7:00 बजे दिल्ली पहुंचेगी। तड़के दिल्ली पहुंचने की वजह से नौकरीपेशा यात्रियों और स्थानीय निवासियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सुविधा होगी। रात के समय वापसी विकल्प उपलब्ध होने से रींगस स्टेशन पर श्रद्धालुओं की भीड़ जमा नहीं होगी और नियमित गाड़ियों पर यात्रियों की निर्भरता घटेगी।
इन प्रमुख स्टेशनों पर दिया गया है ठहराव
रेलवे द्वारा जारी मार्ग विवरण के अनुसार, दिल्ली-रींगस स्पेशल ट्रेन अपने पूरे सफर के दौरान दिल्ली और हरियाणा के कई प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन की शुरुआत दिल्ली सराय स्टेशन से होगी। इसके पश्चात यह गाड़ी दिल्ली कैंट, गुड़गांव, पटौदी रोड, रेवाड़ी, नारनौल और नीमकाथाना स्टेशनों पर ठहराव करेगी, जिसके बाद अपने अंतिम गंतव्य रींगस पहुंचेगी। इन सभी मध्यवर्ती स्टेशनों पर रुकने से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र तथा हरियाणा के विभिन्न जिलों से खाटूश्याम जी जाने वाले भक्तों को सीधी ट्रेन सुविधा का लाभ मिल सकेगा।
16 डिब्बों की अनारक्षित व्यवस्था और आगे का सफर
यात्रियों की सहूलियत को देखते हुए इस स्पेशल ट्रेन को पूरी तरह से अनारक्षित रखा गया है। इसका तात्पर्य यह है कि यात्रियों को सफर करने के लिए पहले से कोई सीट रिजर्व कराने या बुकिंग की आवश्यकता नहीं होगी। भक्त सीधे स्टेशन काउंटर से सामान्य अनारक्षित टिकट खरीदकर ट्रेन में सवार हो सकते हैं। इस विशेष ट्रेन में कुल 16 डिब्बे लगाए जाएंगे, जिनमें 14 साधारण श्रेणी के डिब्बे होंगे और 2 गार्ड डिब्बे शामिल रहेंगे। अधिक साधारण कोच होने से बड़ी संख्या में यात्री एक साथ सफर कर सकेंगे।
रींगस स्टेशन पहुंचने के पश्चात श्रद्धालुओं को खाटूश्याम जी धाम तक जाने के लिए विभिन्न स्थानीय परिवहन साधन आसानी से मिल जाएंगे। रींगस से भक्त पदयात्रा करते हुए खाटूधाम जा सकते हैं, अथवा स्टेशन के बाहर उपलब्ध टैक्सी और ई-रिक्शा सेवाओं का उपयोग करके मंदिर परिसर तक पहुंच सकते हैं। जन्माष्टमी पर नियमित ट्रेनों में होने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने और खाटूश्याम जी के दर्शनार्थियों को सहज यात्रा अनुभव प्रदान करने में यह विशेष रेलसेवा अत्यंत कारगर साबित होगी।


















