दुनिया के सबसे ज्यादा बारिश वाले इलाकों में शुमार मेघालय के सोहरा और मौसिनराम में अगस्त का महीना असामान्य रूप से सूखा बीता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अगस्त के दौरान पूरे मेघालय राज्य में सामान्य के मुकाबले 38 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है।
मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों से पता चलता है कि अगस्त में मेघालय में केवल 359.7 मिमी बारिश हुई, जो इस महीने के सामान्य औसत 581.6 मिमी से काफी कम है। राज्य के कुल 11 जिलों में से 8 जिलों में सामान्य से बहुत कम बारिश हुई है, जिससे पूरे क्षेत्र में जल संकट और कृषि संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं।
विभिन्न जिलों में बारिश की कमी का विवरण
राज्य में बारिश की सबसे ज्यादा कमी वेस्ट जयंतिया हिल्स जिले में देखी गई, जहाँ सामान्य से 75 फीसदी कम बारिश हुई। इसके बाद वेस्ट गारो हिल्स में 72 फीसदी, वेस्ट खासी हिल्स में 60 फीसदी और नॉर्थ गारो हिल्स में 58 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
प्रसिद्ध वर्षा स्थल सोहरा और मौसिनराम जिस ईस्ट खासी हिल्स जिले में आते हैं, वहाँ सामान्य से 42 फीसदी कम वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा ईस्ट गारो हिल्स और री भोई जिलों में 22-22 फीसदी की कमी देखी गई, जबकि ईस्ट जयंतिया हिल्स में बारिश का घाटा 24 फीसदी रहा।
साउथ गारो हिल्स जिले की स्थिति तुलनात्मक रूप से बेहतर रही, जहाँ बारिश सामान्य से केवल 9 फीसदी कम रही। वहीं दूसरी ओर, साउथ वेस्ट खासी हिल्स जिले में विपरीत स्थिति देखने को मिली, जहाँ 155 फीसदी की भारी बढ़त के साथ राज्य में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई। अगस्त महीने के लिए साउथ वेस्ट गारो हिल्स जिले के आंकड़े उपलब्ध नहीं हो सके।
जून से अगस्त तक मानसून का उतार-चढ़ाव
मानसून के इस सीजन में मेघालय के मौसम में लगातार बदलाव देखा गया है। जून के महीने में राज्य में बारिश का स्तर सामान्य के आसपास बना रहा था। इसके बाद जुलाई में गिरावट शुरू हुई और राज्य स्तर पर 9 फीसदी की कमी दर्ज की गई। जुलाई में नॉर्थ गारो हिल्स में सबसे ज्यादा 22 फीसदी का घाटा रहा था, जबकि साउथ वेस्ट गारो हिल्स में सामान्य बारिश हुई थी। हालांकि, अगस्त में 38 फीसदी की बड़ी गिरावट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मेघालय में मानसून की स्थिति काफी कमजोर हुई है।



















