हाल ही में शेयर बाजार में कदम रखने वाली क्रूज ऑपरेटर कंपनी वाटरवेज़ लीजर टूरिज्म के निवेशकों के लिए गुरुवार का कारोबारी सत्र काफी निराशाजनक और भारी उतार-चढ़ाव वाला रहा। शुरुआती कारोबारी घंटों के दौरान ही कंपनी के शेयरों में लगभग 7% की भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे शेयर की ट्रेडिंग कीमत लुढ़क कर 846 रुपये के स्तर के आसपास आ गई। बाजार में इस अचानक आई तेज बिकवाली का मुख्य कारण कंपनी द्वारा जारी किए गए हालिया तिमाही वित्तीय नतीजे हैं, जिन्होंने शेयरधारकों की चिंताओं को काफी बढ़ा दिया है और बाजार में एक नकारात्मक माहौल पैदा कर दिया है।
मुनाफे पर दिखा भारी दबाव
इस तेज गिरावट के पीछे सबसे बड़ी और मुख्य वजह जून 2026 में खत्म हुई पहली तिमाही के वित्तीय आंकड़े हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में क्रूज कंपनी के नेट प्रॉफिट में भारी और चौंकाने वाली कमी देखने को मिली है। सालाना आधार पर कंपनी का मुनाफा करीब 35% तक गिर गया है और यह भारी गिरावट के साथ घटकर मात्र 22.77 करोड़ रुपये पर आ गया है। अगर हम पिछले साल की इसी समान तीन महीने की तिमाही के आंकड़ों पर नजर डालें, तो उस समय कंपनी ने 34.77 करोड़ रुपये का शानदार मुनाफा दर्ज किया था।
इस रिपोर्ट में सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली बात यह है कि मुनाफे में यह भारी गिरावट तब आई है, जब कंपनी की कुल बिक्री में इजाफा हुआ है। जून 2026 की तिमाही में कंपनी की बिक्री लगभग 8% बढ़कर 190.11 करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंच गई है। ठीक एक साल पहले इसी समान अवधि में यह आंकड़ा 176.32 करोड़ रुपये था। इसका सीधा मतलब यह है कि बिक्री और ग्राहकों की संख्या बढ़ने के बावजूद, कंपनी की लागत तेजी से बढ़ी है और वह अपने मुनाफे के मार्जिन को बरकरार रखने में पूरी तरह विफल रही है, जिसके चलते निवेशकों के बीच कंपनी की कार्यकुशलता को लेकर घबराहट फैल गई।
शेयर का हालिया प्रदर्शन और उच्चतम स्तर
अगर कंपनी के शेयरों के हालिया प्रदर्शन की बात करें, तो इसमें काफी अस्थिरता देखने को मिली है। पिछले एक हफ्ते के दौरान इस शेयर ने अपने निवेशकों को 4 फीसदी का सकारात्मक और ठीक-ठाक रिटर्न दिया था। हालांकि, पिछले दो हफ्तों का आंकड़ा 0.59 फीसदी के मामूली नकारात्मक रिटर्न को दर्शाता है। इस ताजा गिरावट और नतीजों से ठीक पहले, शेयर बाजार में काफी मजबूत स्थिति में नजर आ रहा था और इसने 21 जुलाई को ही 925 रुपये के अपने 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर को छुआ था।
आईपीओ से जुड़ी अहम जानकारी
आपको बता दें कि वाटरवेज़ लीजर टूरिज्म शेयर बाजार में एक बिल्कुल नई लिस्टेड कंपनी है। इसका 585 करोड़ रुपये का बड़ा बुक बिल्ड इश्यू (IPO) कुछ ही हफ्ते पहले बाजार में आया था। यह पूरी तरह से एक फ्रेश इश्यू था, जिसके तहत बाजार में 72 लाख नए शेयर जारी किए गए थे और इसमें कोई ऑफर-फॉर-सेल शामिल नहीं था। इस आईपीओ में दांव लगाने के लिए निवेशकों को 23 जून 2026 से लेकर 25 जून 2026 तक का समय दिया गया था। इसके बाद 29 जून 2026 को शेयरों का अलॉटमेंट फाइनल किया गया था और 1 जुलाई 2026 को यह शेयर आधिकारिक तौर पर NSE और BSE पर ट्रेडिंग के लिए लिस्ट हुआ था।
फंड के इस्तेमाल की रणनीतिक योजना
कंपनी ने अपने आईपीओ दस्तावेजों में इस बात की बहुत स्पष्ट जानकारी दी थी कि वह इस पब्लिक इश्यू से जुटाई गई भारी रकम का इस्तेमाल कहां करने वाली है। प्रबंधन के आधिकारिक बयान के अनुसार, नए शेयरों से मिलने वाले फंड का एक तय हिस्सा कंपनी की अपनी महत्वपूर्ण सब्सिडियरी कंपनी बेक्रूज़ शिपिंग एंड लीजिंग (आईएफएससी) प्राइवेट लिमिटेड के लीज भुगतानों को समय पर पूरा करने के लिए किया जाएगा। इसके अलावा, बची हुई पूंजी का इस्तेमाल कंपनी की अन्य सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों और भविष्य के विस्तार को गति देने के लिए किया जाना है।


















