मंगलवार को एशियाई ट्रेडिंग सेशन के दौरान ऑस्ट्रेलियन डॉलर 0.7220 के स्तर के पास जाकर ठिठक गया। हालांकि यह 14 मई के बाद के अपने उच्चतम स्तर के करीब कारोबार कर रहा है, लेकिन वैश्विक अर्थव्यवस्था के बदलते संकेतों ने इसकी तेजी पर लगाम लगा दी है। ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की मजबूत संभावनाओं ने अमेरिकी डॉलर को नई ताकत दी है। हालांकि जापानी येन में आई मजबूती और रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा चालू महीने के अंत में ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों से ऑस्ट्रेलियन डॉलर को सहारा मिला, लेकिन चीन के मिश्रित व्यापार आंकड़ों ने AUD/USD की बढ़त को सीमित रखा।
बहु-महीने के उच्चतम स्तर के करीब अटका ऑस्ट्रेलियन डॉलर, वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत
विदेशी मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियन डॉलर का प्रदर्शन अलग-अलग मुद्राओं के मुकाबले भिन्न रहा। ऑस्ट्रेलियन डॉलर ने न्यूजीलैंड डॉलर के खिलाफ सबसे शानदार प्रदर्शन किया और वह आज की ट्रेडिंग में सबसे मजबूत मुद्रा बनकर उभरा। ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की आगामी मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की मजबूत उम्मीदों से सीधा समर्थन मिल रहा है। घरेलू स्तर पर ब्याज दरें बढ़ने की संभावना ने पिछले कुछ हफ्तों से ऑस्ट्रेलियन डॉलर में खरीदारों का भरोसा बनाए रखा है।
इसके विपरीत, ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार चीन से आए आर्थिक आंकड़ों ने विदेशी मुद्रा व्यापारियों को सतर्क कर दिया है। चीन के व्यापार संतुलन के अनिश्चित आंकड़ों ने वहां की आर्थिक रिकवरी को लेकर सवाल खड़े किए हैं, जिससे व्यापारी AUD/USD को प्रमुख रेजिस्टेंस स्तरों के पार ले जाने में असमर्थ रहे। दूसरी ओर, जापानी येन में आई अचानक मजबूती ने वैश्विक मुद्रा बाजारों में हलचल बढ़ा दी। अमेरिकी सेशन के दौरान USD/JPY जोड़ा 154.00 के आसपास कारोबार करता दिख रहा था, जो दिन के निचले स्तर 153.00 के नीचे से उबरने के बाद एक तकनीकी सुधार का संकेत था।
जापान में सकारात्मक आर्थिक आंकड़ों ने येन को लगातार मजबूती दी है। जापान में वेतन वृद्धि के बेहतर आंकड़ों और दूसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़ों में ऊपर की तरफ किए गए संशोधन ने बैंक ऑफ जापान द्वारा अगले सप्ताह ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों को पक्का कर दिया है। बैंक ऑफ जापान के इस सख्त रुख ने अमेरिकी डॉलर की बढ़त पर भी अंकुश लगाया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय मुद्रा जोड़े में उठापटक बनी हुई है।
तकनीकी विश्लेषण: AUD/USD के लिए प्रमुख सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर
दैनिक चार्ट के आधार पर AUD/USD का निकट अवधि का तकनीकी ढांचा अभी भी सकारात्मक बना हुआ है। 0.7220 के स्तर पर कारोबार कर रहा यह मुद्रा जोड़ा प्रमुख मूविंग एवरेज के एक मजबूत क्लस्टर के काफी ऊपर बना हुआ है। 50-दिन, 100-दिन और 200-दिन के सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) 0.7051 के स्तर के आसपास एक साथ केंद्रित हैं, जो बाजार के लिए एक मजबूत लॉन्ग-टर्म सपोर्ट का काम कर रहे हैं। इसके अलावा, मध्य 0.68 से 0.69 के क्षेत्र से शुरू होकर ऊपर की ओर बढ़ती ट्रेंड-लाइन सपोर्ट श्रृंखला इस जोड़ी को लगातार सहारा दे रही है।
तकनीकी मोमेंटम इंडिकेटर्स दर्शाते हैं कि तेजी का रुख कायम रहने के बावजूद आने वाले दिनों में कीमतों में थोड़ा ठहराव देखा जा सकता है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) वर्तमान में लगभग 68 पर है, जो 70 के ओवरबॉट्स क्षेत्र के ठीक नीचे स्थित है। 68 का यह स्तर बाजार में मजबूत खरीदारी का संकेत तो देता है, लेकिन साथ ही यह चेतावनी भी देता है कि हालिया बढ़त के बाद कीमतें थोड़ी देर के लिए रुक सकती हैं या हल्का समेकन देख सकती हैं।
नीचे की ओर गिरावट की स्थिति में पहला क्षैतिज सपोर्ट 0.7198 के स्तर पर बना हुआ है। यदि कीमतें 0.7198 से नीचे खिसकती हैं, तो बाजार का ध्यान 0.7051 के SMA ट्रिपल क्लस्टर और उससे जुड़ी ट्रेंड-लाइन पर केंद्रित हो जाएगा। हालांकि मौजूदा चार्ट पर ऊपरी रेजिस्टेंस का कोई सटीक स्तर तय नहीं दिख रहा है, लेकिन तकनीकी ढांचा यह स्पष्ट करता है कि जब तक AUD/USD 0.7198 और 0.7050 के क्षेत्र से ऊपर बना रहता है, तब तक हर गिरावट पर खरीदारी की संभावना बनी रहेगी।
फेडरल रिजर्व की नीतियां और अमेरिकी मुद्रास्फीति के आगामी आंकड़े
वैश्विक फॉरेक्स बाजार का रुख काफी हद तक फेडरल रिजर्व के आगामी कदमों और भू-राजनीतिक तनावों पर निर्भर कर रहा है। प्राइम टर्मिनल के डेटा के अनुसार, 15-16 सितंबर को होने वाली FOMC बैठक में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में 0.25% (25 बेसिस पॉइंट्स) की बढ़ोतरी करने की 63% संभावना जताई जा रही है। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों ने भी निवेशकों को सुरक्षित संपत्ति माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर की ओर आकर्षित किया है।
बाजार के सहभागियों की नजर अब अमेरिकी मुद्रास्फीति के प्रमुख आंकड़ों पर टिकी है, जो सितंबर के नीतिगत फैसले की दिशा तय करेंगे। जुलाई के कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) और प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) के आंकड़े जल्द जारी होने वाले हैं। विश्लेषकों का अनुमान है कि जुलाई का हेडलाइन CPI 0.4% MoM (मासिक) और 3.4% YoY (वार्षिक) रह सकता है। वहीं, खाद्य और ऊर्जा कीमतों को छोड़कर कोर CPI के 0.2% MoM और 2.4% YoY रहने की उम्मीद है। यदि ये आंकड़े अनुमान से अधिक आते हैं, तो फेड द्वारा दरें बढ़ाने की संभावना और मजबूत होगी, जिससे अमेरिकी डॉलर में जोरदार खरीदारी आ सकती है।
अमेरिका के हालिया सर्वेक्षण आंकड़े मिला-जुला परिदृश्य पेश करते हैं। न्यूयॉर्क फेड के उपभोक्ता प्रत्याशा सर्वेक्षण में सामने आया कि अगस्त में परिवारों को 3-वर्षीय और 5-वर्षीय मुद्रास्फीति की उम्मीदों में गिरावट आने का अनुमान है। हालांकि, छोटे व्यवसायों में चिंता बनी हुई है। अगस्त में NFIB स्मॉल बिजनेस ऑप्टिमिश्म इंडेक्स गिरकर 98.7 पर आ गया, लेकिन यह 98.0 के दीर्घकालिक औसत से ऊपर बना हुआ है। विशेष रूप से, 33% कंपनियों ने अगस्त में उत्पाद की कीमतें बढ़ाने की योजना बनाई है, जबकि 28% कंपनियों ने आने वाले महीनों में मूल्य वृद्धि का अनुमान व्यक्त किया है, जो मुद्रास्फीति के दबाव को दर्शाता है।
ऊर्जा संकट: रिकॉर्ड स्तर पर डीजल क्रैक स्प्रेड और कच्चे तेल की चाल
भले ही कच्चे तेल के मुख्य अंतरराष्ट्रीय बाजार कुछ समय पहले शांत दिख रहे थे, लेकिन रिफाइंड ईंधन बाजार से महंगाई के कड़े संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड, जो WTI कच्चे तेल की तुलना में अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स के प्रीमियम को दर्शाता है, इतिहास में पहली बार $100 प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया है। इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान यह क्रैक स्प्रेड $102.00 प्रति बैरल के सर्वकालिक उच्च स्तर तक पहुंच गया, जो रिफाइंड ईंधन की भारी कमी और बढ़ती परिवहन लागत को उजागर करता है।
डीजल प्रीमियम में इस उछाल के साथ-साथ कच्चे तेल के हाजिर और फ्यूचर्स बाजार में भी तेज रैली देखी गई है। लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, WTI क्रूड ऑयल (CL=F) $94.37 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद भाव $91.48 से +3.16% की बढ़त दर्शाता है। पिछले 52 हफ्तों के दौरान कच्चे तेल की कीमतें $54.98 से $119.48 प्रति बैरल के विस्तृत दायरे में रही हैं। कारोबार का वॉल्यूम 20-दिन के औसत का 0.01 गुना दर्ज किया गया। तकनीकी संकेतकों में 14-दिवसीय RSI 69 के स्तर पर है, जबकि MACD इंडिकेटर बुलिश ट्रेंड दिखा रहा है, जहां MACD लाइन 2.65 पर और सिग्नल लाइन 1.74 पर स्थित है, जो 0.91 का पॉजिटिव हिस्टोग्राम बनाती है।
कच्चे तेल के मूविंग एवरेज दीर्घकालिक तेजी के रुख की पुष्टि करते हैं। 20-दिवसीय EMA $86.72 पर, 50-दिवसीय EMA $84.52 पर और 200-दिवसीय EMA $77.06 पर स्थित है। वहीं 50-दिवसीय SMA $81.46 और 200-दिवसीय SMA $78.98 पर है, जो एक गोल्डन क्रॉस संरचना को कायम रखते हैं। तेल की कीमतें $93.41 के ऊपरी बोलिंगर बैंड को पार कर गई हैं, जो $86.05 के मध्य बैंड से ऊपर हैं। एडीएक्स (ADX) इंडिकेटर 19 पर है, जबकि स्टोकेस्टिक इंडिकेटर में फास्ट लाइन 99 और सिग्नल लाइन 91 पर स्थित है।
कच्चे तेल का 14-दिवसीय एवरेज ट्रू रेंज (ATR) 3.56 पर है, जो दैनिक अस्थिरता और जोखिम प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण है। तकनीकी चार्ट पर प्रमुख सपोर्ट $79.62 और रेजिस्टेंस $94.47 के आसपास देखा जा रहा है। पिवट स्तर $94.33 पर है, जिसके लिए तत्काल रेजिस्टेंस R1 $94.51 और R2 $94.65 पर हैं, जबकि सपोर्ट स्तर S1 $94.19 और S2 $94.01 पर स्थित हैं। ऊर्जा बाजार में आई यह तेजी वैश्विक मुद्रास्फीति और केंद्रीय बैंकों की भावी नीतियों पर गहरा असर डाल सकती है।


















