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कच्चे तेल में तेजी का दौर जारी, ईरान संघर्ष और चीन की बढ़ती मांग से कीमतों में उछाल की संभावनाबाज़ार
9 सित॰ 2026, 8:59 pm (54 मिनट पहले)· 2

कच्चे तेल में तेजी का दौर जारी, ईरान संघर्ष और चीन की बढ़ती मांग से कीमतों में उछाल की संभावना

कमोडिटी रणनीतिकारों के अनुसार, ईरान के साथ चल रहे तनाव और चीन की बाजार में बढ़ती सक्रियता के कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊपर की ओर बढ़ने के लिए तैयार हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार मजबूती का रुख बना हुआ है और इसका मुख्य कारण पश्चिम एशिया में ईरान के साथ जारी संघर्ष का किसी समाधान की ओर न बढ़ना है। इस भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच बाजार विश्लेषकों का मानना है कि तेल की कीमतों में ऊपर की ओर जाने का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है।

ईरान संघर्ष और ऊर्जा बाजार पर दबाव

बाजार के जानकारों का कहना है कि संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है और दोनों पक्षों की ओर से सीमित हमलों तथा आर्थिक शिकंजे कसने की रणनीति को तरजीह दी जा रही है। इस माहौल के कारण ऊर्जा बाजार लगातार कड़े दबाव और संकुचन के दौर से गुजर रहा है, जिससे कीमतों में गिरावट की गुंजाइश बेहद कम नजर आती है।

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डार्क फ्लो और कच्चे तेल का संतुलन

भले ही उच्च डार्क फ्लो वॉल्यूम के स्थिर होने से कच्चे तेल के घाटे के स्तर में कुछ हद तक नरमी आई हो, लेकिन इसके बावजूद वैश्विक बाजार में कुल मिलाकर तंगी की स्थिति बरकरार है। यह आपूर्ति संतुलन अभी भी पूरी तरह पटरी पर नहीं आया है और बाजार में संवेदनशीलता बनी हुई है।

चीन की बढ़ती सक्रियता और रिफाइनिंग क्षमता

ताजा संकेतों से यह भी साफ हो रहा है कि चीन बाजार में अधिक सक्रिय भूमिका निभा रहा है, जिससे आपूर्ति बाधाएं और गहरी हो सकती हैं। विश्लेषकों का तर्क है कि उत्पाद बाजार के दबाव को कम करने के लिए चीनी रिफाइनिंग क्षमता का उपयोग करना आवश्यक हो सकता है, लेकिन इससे अत्यधिक उत्पाद तंगी का एक हिस्सा सीधे तौर पर कच्चे तेल के बाजार में स्थानांतरित हो जाएगा।

प्रमुख मुद्रा और कमोडिटी बाजारों का हाल

इस बीच, अन्य प्रमुख बाजारों में भी हलचल देखी जा रही है। एशियाई सत्र के दौरान AUD/USD की जोड़ी 0.7200 के स्तर से ऊपर समेकन के दौर में है, जिसे मजबूत चीनी सीपीआई और पीपीआई डेटा से खास प्रेरणा नहीं मिली है। इसके विपरीत, बढ़ती RBA दर-बृद्धि की उम्मीदें येन के कारण अमेरिकी डॉलर में आई कमजोरी के बीच ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा के लिए मददगार साबित हो रही हैं। व्यापारी इस सप्ताह के अंत में आने वाले अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं।

USD/JPY और सोने की चाल

दूसरी ओर, अमेरिकी सत्र के दौरान USD/JPY मंदी के दबाव से उबरते हुए 153.50 के स्तर से ऊपर कारोबार कर रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी की पुनर्खरीद घोषणा के बाद अमेरिकी डॉलर में सुधार आया है, जिससे इस मुद्रा जोड़ी को गति मिली है। इसके बावजूद, जापान के ठोस आंकड़े इस उम्मीद को पुख्ता करते हैं कि बैंक ऑफ जापान मौद्रिक नीति को सामान्य बनाना जारी रखेगा, जिससे येन को समर्थन मिल रहा है और इस जोड़ी की तेजी सीमित हो रही है। इसके अलावा, सोने की कीमतों में बुधवार को रिकवरी दर्ज की गई है, जिससे यह तीन दिन की गिरावट के सिलसिले को तोड़ते हुए प्रति ट्रॉय औंस 4,400 डॉलर के प्रमुख स्तर से ऊपर लौट आया है।

सवाल-जवाब

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का मुख्य कारण क्या है?
ईरान के साथ जारी संघर्ष और भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है।
क्या कच्चे तेल का बाजार घाटा कम हुआ है?
हां, उच्च डार्क फ्लो वॉल्यूम के स्थिर होने से कच्चे तेल के घाटे के स्तर में कुछ नरमी आई है।
चीन की बाजार में क्या भूमिका है?
चीन की बढ़ती सक्रियता और उसकी रिफाइनिंग क्षमता के उपयोग से उत्पाद बाजार का दबाव कच्चे तेल के बाजार पर आ रहा है।
AUD/USD जोड़ी की क्या स्थिति है?
AUD/USD जोड़ी एशियाई सत्र के दौरान 0.7200 से ऊपर समेकन के दौर में है।
सोने की कीमतों में क्या बदलाव आया है?
सोने ने तीन दिन की गिरावट का सिलसिला तोड़ते हुए प्रति ट्रॉय औंस 4,400 डॉलर के स्तर को पुनः प्राप्त कर लिया है।
USD/JPY जोड़ी का हाल क्या रहा?
USD/JPY जोड़ी अमेरिकी सत्र के दौरान मंदी के दबाव से उबरते हुए 153.50 से ऊपर कारोबार कर रही है।
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