करेंसी बाजार में सबसे ज्यादा नजर रखे जाने वाले स्तरों में से एक टूट गया है। अमेरिकी डॉलर जापानी येन के मुकाबले साफ तौर पर कमजोर पड़ा है और USD/JPY जोड़ी 155.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसलकर 153.00 की तरफ बढ़ गई। छुट्टियों की वजह से पतले कारोबार, कैरी ट्रेड पोजीशन की अनवाइंडिंग और जापान की मौद्रिक नीति को लेकर बढ़ते राजनीतिक दबाव ने मिलकर इस जोड़ी की चाल बदल दी है।
155.00 का टूटना क्यों अहम है
155.00 का स्तर पहले कई बार जापान के हस्तक्षेप के बाद मजबूत सपोर्ट साबित हुआ था। ऐसे में इस स्तर के टूटने ने बाजार को उस वक्त चौंका दिया जब कारोबारियों को छुट्टियों के चलते सुस्त कारोबार की उम्मीद थी। पतली लिक्विडिटी ने हर हलचल को और तेज कर दिया, वहीं निवेशक तेजी से अपनी कैरी ट्रेड पोजीशन समेट रहे हैं। कैरी ट्रेड में निवेशक सस्ते येन में उधार लेकर दुनिया भर की ज्यादा रिटर्न देने वाली संपत्तियों में पैसा लगाते हैं। जब येन अचानक मजबूत होता है तो ये पोजीशन घाटे में चली जाती हैं और तेजी से बंद होने लगती हैं, जिससे येन की तेजी को और बल मिलता है। जापान की मौद्रिक नीति को लेकर ताजा राजनीतिक बयानबाजी ने दबाव की एक और परत जोड़ दी है, जिससे बाजार की नजर अब 152.00 और 150.00 के गहरे तकनीकी सपोर्ट स्तरों पर टिक गई है। विश्लेषकों का कहना है कि यह गिरावट मुख्य रूप से येन से जुड़ी वजहों से आई है, ना कि अमेरिकी डॉलर को लेकर व्यापक भरोसे में कमी से। फिर भी 155.00 का टूटना इस जोड़ी के लिए एक नई, निचली कारोबारी रेंज तय करने का खतरा बना हुआ है।
एमयूएफजी ने बताया इसे बड़ा तकनीकी मोड़
एमयूएफजी के तेप्पेई इनो का कहना है कि 155.00 से नीचे की गिरावट, जो कई बार के हस्तक्षेप के बाद अहम सपोर्ट रह चुकी है, USD/JPY के लिए एक बड़ा तकनीकी मोड़ है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट की उन टिप्पणियों ने, जिनमें उन्होंने जापान से रिफ्लेशनरी नीति से पीछे हटने को कहा था, पोजीशन की अनवाइंडिंग को और तेज कर दिया है, जिससे गहरे रिट्रेसमेंट स्तर साफ नजर आने लगे हैं। यह जोड़ी 7 सितंबर को 155.00 के मनोवैज्ञानिक रूप से अहम स्तर से नीचे टूटी और तकनीकी नजरिए से यह अपनी पिछली तेजी के 38.2 फीसदी रिट्रेसमेंट स्तर से भी थोड़ी देर के लिए नीचे गई, जो 154.50 से ऊपर है। इससे जनवरी के 152.50 से नीचे के निचले स्तर और 151.50 से ऊपर के 50 फीसदी रिट्रेसमेंट स्तर पर भी नजर जानी शुरू हो गई है। एमयूएफजी के मुताबिक अगर USD/JPY जल्द 155 के ऊपर वापस नहीं आती तो बाजार एक नई रेंज में शिफ्ट हो सकता है, जिसमें 155 को ऊपरी छोर माना जाएगा।
आईएनजी को गिरावट थमने पर संदेह
आईएनजी के विश्लेषकों का कहना है कि भले ही अल्पकालिक फंडामेंटल यह संकेत दें कि येन की यह चाल जरूरत से ज्यादा हो गई है, लेकिन इसके खिलाफ पोजीशन लेना अब भी जोखिम भरा है, खासकर तब जब आगे और कैरी ट्रेड अनवाइंडिंग की गुंजाइश बनी हुई है। आईएनजी के मुताबिक USD/JPY के लिए अगला अहम सपोर्ट सिर्फ 152.00 पर आता है और अगर यह स्तर टूटा तो जोड़ी जल्द 150.00 की तरफ बढ़ सकती है। इसके बावजूद आईएनजी का मानना है कि निकट भविष्य में अमेरिकी डॉलर के मजबूत रहने की दलील ज्यादा भारी साबित होगी। बैंक ने शुक्रवार को आने वाले अमेरिकी CPI आंकड़े को एक अहम जोखिम वाली घटना बताया है, जो इस नजरिए को किसी भी दिशा में मोड़ सकती है।
दोनों बैंकों की राय में जोड़ी कहां जा सकती है
दोनों बैंकों के विश्लेषण को साथ रखें तो साफ है कि पोजीशन अनवाइंडिंग की वजह से USD/JPY अपने पुराने 155.00 के फर्श से काफी नीचे भारी तकनीकी दबाव में है। एमयूएफजी की चेतावनी है कि अगर USD/JPY जल्द 155.00 वापस हासिल नहीं कर पाती तो यह स्तर एक मजबूत प्रतिरोध बन जाएगा, जिससे जोड़ी की निचली रेंज 152.50 और 151.50 की तरफ तय हो जाएगी। वहीं आईएनजी का कहना है कि अमेरिका के व्यापक आर्थिक फंडामेंटल, जिनमें 100 डॉलर पर पहुंचा तेल और मजबूत रोजगार आंकड़े शामिल हैं, आखिरकार अमेरिकी डॉलर की मजबूती को फिर से स्थापित करेंगे। फिर भी बैंक मानता है कि येन की मौजूदा रफ्तार 152.00 और 150.00 की तरफ और गिरावट की गुंजाइश खुली रखती है, इससे पहले कि डॉलर की व्यापक मजबूती फिर हावी हो।
येन की तेजी का असर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर भी
येन की इस तेजी का असर बाकी करेंसी जोड़ियों पर भी दिख रहा है। AUD/USD मंगलवार को एशियाई कारोबारी घंटों में 0.7200 के ऊपर चढ़ गई, जो 14 मई के बाद इसका सबसे ऊंचा स्तर है। येन की तेजी से आई व्यापक डॉलर कमजोरी ने फेड की सख्त नीति को लेकर उम्मीदों और जारी भू-राजनीतिक तनावों से मिलने वाले सहारे को पीछे छोड़ दिया है। इस महीने के आखिर में रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की एक और दर वृद्धि की बढ़ती उम्मीदों ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को अतिरिक्त सहारा दिया है। हालांकि चीन के मिले जुले व्यापार संतुलन आंकड़ों ने इस जोड़ी की तेजी को कुछ हद तक सीमित रखा है।
दिन के दौरान थोड़ी संभली USD/JPY
USD/JPY की चाल पूरे दिन एक सीध में नहीं रही। दिन के पहले हिस्से में छह महीने के निचले स्तर 153.00 से नीचे छूने के बाद यह जोड़ी दिन के दूसरे हिस्से में संभलकर 154.00 के ऊपर कारोबार करने लगी। विश्लेषकों के मुताबिक यह उछाल किसी असली रुझान बदलाव के बजाय एक तकनीकी करेक्शन जैसा लग रहा है, क्योंकि जापान के उम्मीद से बेहतर वेतन वृद्धि आंकड़ों और दूसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़ों में हुए ऊपरी संशोधन ने अगले हफ्ते बैंक ऑफ जापान की ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीदों को और पक्का कर दिया है, जो जापानी येन को सहारा देना जारी रखे हुए है।
डीजल के दाम भी दे रहे संकेत
करेंसी बाजार से हटकर देखें तो तेल बाजार भी अपना अलग संकेत दे रहा है। अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड, यानी अल्ट्रा लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स का WTI कच्चे तेल के मुकाबले प्रीमियम, हाल ही में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया और इंट्राडे में यह रिकॉर्ड करीब 102.00 डॉलर तक चला गया। यह आंकड़ा सीधे आईएनजी की उस दलील से जुड़ता है कि मजबूत अमेरिकी ऊर्जा और रोजगार फंडामेंटल आखिरकार डॉलर के पक्ष में काम करेंगे, भले ही फिलहाल जापानी येन ही सुर्खियों पर हावी हो।



















