तेल बाजार एक बार फिर सुर्खियों में है। ब्रेंट क्रूड की कीमत $100 प्रति बैरल के करीब पहुंचने से शेयर और बॉन्ड बाजार पर दबाव बढ़ गया है, जबकि डॉलर को इससे हल्का सहारा मिला है। ब्राउन ब्रदर्स हैरिमन (बीबीएच) के एलियास हद्दाद का कहना है कि क्रूड की यह तेजी इस हफ्ते की पूरी कहानी नहीं है, असली फैसला शुक्रवार को आना बाकी है।
शुक्रवार के महंगाई आंकड़े तय करेंगे फेडरल रिजर्व का अगला कदम
हद्दाद के मुताबिक, शुक्रवार को आने वाला अमेरिका का अगस्त उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आने वाले दिनों में बाजार की सबसे बड़ी चाल तय करेगा, क्योंकि इसी के आधार पर फेडरल रिजर्व 16 सितंबर को ब्याज दर पर फैसला लेगा। अगर महंगाई अनुमान से ज्यादा निकली, तो कारोबारी सितंबर में दर बढ़ोतरी को लगभग तय मान लेंगे और डॉलर को इससे नई मजबूती मिलेगी। लेकिन अगर आंकड़ा उम्मीद से नरम रहा, तो फेडरल रिजर्व के दरें रोके रखने की संभावना बढ़ जाएगी और डॉलर पर दबाव बन सकता है। हद्दाद ने खुद कहा, 'गर्म सीपीआई आंकड़ा सितंबर में दर बढ़ोतरी को लगभग पक्का कर देगा और डॉलर को मजबूत करेगा।' करेंसी डेस्क के लिए क्रूड की तेजी से कहीं ज्यादा अहम यही एक आंकड़ा है, जिसका इंतजार वीकेंड से पहले हो रहा है।
न्यूयॉर्क फेड का महंगाई अनुमान सर्वे भी अहम
शुक्रवार के सीपीआई आंकड़े के अलावा हद्दाद ने एक और रिपोर्ट पर नजर रखने को कहा है, न्यूयॉर्क फेड का अगस्त उपभोक्ता अपेक्षा सर्वे, जो आज बाद में शाम 4 बजे लंदन समय (सुबह 11 बजे न्यूयॉर्क समय) पर आएगा। उनके मुताबिक इस सर्वे में लंबी अवधि की महंगाई अपेक्षाओं पर नजर रखना जरूरी है, क्योंकि इससे पता चलेगा कि आम लोग अब भी मानते हैं या नहीं कि फेडरल रिजर्व भविष्य की महंगाई को अपने लक्ष्य के आसपास काबू में रख सकता है। अगर लंबी अवधि की अपेक्षाएं स्थिर रहती हैं, तो यह भरोसा बढ़ेगा कि मौजूदा महंगाई का दबाव अस्थायी है, भले ही मासिक सीपीआई आंकड़ों में उतार-चढ़ाव दिखे। लेकिन अगर यह अपेक्षाएं अचानक बढ़ती हैं, तो इसे नीति-निर्माताओं के लिए एक चेतावनी संकेत माना जाएगा।
चार महीने की ऊंचाई के करीब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर
डॉलर के सीपीआई इंतजार से अलग, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर चुपचाप कई महीनों की सबसे मजबूत स्थिति में पहुंच गया है। मंगलवार को एशियाई कारोबार में AUD/USD 0.7200 के ऊपर टिका है, जो 14 मई के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। डॉलर खुद दबाव में है क्योंकि जापानी येन की तेजी, फेडरल रिजर्व से जुड़े हॉकिश अनुमानों और भू-राजनीतिक तनाव से मिल रहे सहारे पर भारी पड़ रही है। इसके अलावा, इसी महीने रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की एक और दर बढ़ोतरी की बढ़ती उम्मीदें भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को सहारा दे रही हैं। हालांकि चीन के मिले-जुले व्यापार संतुलन आंकड़ों ने करेंसी जोड़ी की तेजी पर कुछ लगाम लगाई है।
छह महीने के निचले स्तर से उबरा USD/JPY
जापानी येन इस हफ्ते के सबसे चर्चित करेंसी मूवमेंट में शामिल रहा है। USD/JPY दिन की शुरुआत में 153.00 से नीचे छह महीने के निचले स्तर पर पहुंचा, फिर दिन के दूसरे हिस्से में उछलकर 154.00 के ऊपर कारोबार करने लगा। फिर भी यह उछाल किसी बड़े उलटफेर से ज्यादा एक तकनीकी सुधार जैसा लग रहा है। जापान के अनुमान से बेहतर वेतन वृद्धि आंकड़ों और दूसरी तिमाही की जीडीपी के ऊपर की ओर संशोधन ने बैंक ऑफ जापान के अगले हफ्ते ब्याज दर बढ़ाने के अनुमानों को और पक्का कर दिया है, और यही उम्मीद येन की मजबूती को आगे भी सहारा दे रही है।
क्रूड से भी तेज चेतावनी दे रहा डीजल बाजार
जहां क्रूड की कीमतें सुर्खियां बटोर रही हैं, असली दबाव डीजल बाजार में दिख रहा है। अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड, यानी अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स की WTI क्रूड के मुकाबले प्रीमियम कीमत, हाल ही में पहली बार $100 प्रति बैरल के पार निकल गई। इंट्राडे कारोबार में यह बढ़कर $102.00 से थोड़ा ऊपर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई। यह इस बात का संकेत है कि डीजल की आपूर्ति क्रूड बाजार के मुकाबले कहीं तेजी से तंग हो रही है। चूंकि डीजल माल ढुलाई, खेती और उद्योग जैसे क्षेत्रों की रीढ़ है, इतना बड़ा स्प्रेड बताता है कि दबाव सिर्फ पेट्रोल पंप की कीमतों से कहीं आगे तक फैल रहा है।
वीकेंड से पहले बाजार किस पर टिकाए हैं नजरें
कुल मिलाकर, इस हफ्ते डॉलर दो विपरीत ताकतों के बीच फंसा है, एक तरफ क्रूड की तेजी और हॉकिश फेडरल रिजर्व अनुमान इसे सहारा दे रहे हैं, दूसरी तरफ मजबूत होता येन और शुक्रवार के अनिश्चित सीपीआई आंकड़े इस पर दबाव बना सकते हैं। चूंकि 16 सितंबर के फैसले पर इतना कुछ टिका है, कारोबारी सीपीआई आंकड़ा आने तक बड़ा दांव लगाने से बच सकते हैं।



















