ऑस्ट्रियाई नेशनल बैंक के गवर्नर और यूरोपीय सेंट्रल बैंक के गवर्निंग काउंसिल सदस्य मार्टिन कोचर ने यूरोपीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है। जैक्सन होल सम्मेलन में बोलते हुए उन्होंने कहा कि यूरोज़ोन की अर्थव्यवस्था पूर्व अनुमानों की तुलना में कहीं अधिक मजबूत और जुझारू साबित हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आर्थिक गतिविधियों में नया उत्साह देखा जा रहा है, लेकिन इसके साथ ही मूल्य स्थिरता के समक्ष चुनौतियां भी बनी हुई हैं। केंद्रीय बैंकरों को महंगाई पर काबू पाने के प्रयासों में पूरी तरह सतर्क रहने की आवश्यकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही के लिए स्थान नहीं है।
यूरोपीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और यूरोपीय सेंट्रल बैंक का जनादेश
बैंकिंग अधिकारी ने इस बात पर विशेष बल दिया कि केंद्रीय बैंक के समक्ष सबसे मुख्य प्रश्न यह है कि मुद्रास्फीति का दबाव कितने समय तक बना रहता है। हालांकि यूरोप भर में हालिया आर्थिक आंकड़े विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में अंतर्निहित मजबूती को दर्शाते हैं, लेकिन टिकाऊ मूल्य स्थिरता प्राप्त करने का मार्ग अभी भी जोखिमों से भरा हुआ है। फ्रैंकफर्ट, जर्मनी में स्थित यूरोपीय सेंट्रल बैंक का प्राथमिक संवैधानिक जनादेश संपूर्ण यूरोज़ोन में मूल्य स्थिरता बनाए रखना है, जिसका मुख्य लक्ष्य मध्यम अवधि में मुद्रास्फीति दर को 2% के आसपास सीमित रखना है।
इस प्राथमिक लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए यूरोपीय सेंट्रल बैंक ब्याज दरों में संशोधन का सहारा लेता है। नीतिगत दरों पर निर्णय लेने के लिए गवर्निंग काउंसिल की वर्ष में आठ बार बैठकें आयोजित की जाती हैं। इस गवर्निंग काउंसिल में यूरोज़ोन के सभी राष्ट्रीय केंद्रीय बैंकों के प्रमुखों के अलावा छह स्थायी कार्यकारी सदस्य शामिल होते हैं, जिनमें यूरोपीय सेंट्रल बैंक की अध्यक्ष क्रिस्टीन लगार्ड भी शामिल हैं। ब्याज दरों में वृद्धि करने से यूरो संपत्तियों पर रिटर्न बढ़ता है, जिससे आम तौर पर यूरोपीय मुद्रा यूरो को मजबूती मिलती है, जबकि दरों में कटौती से मुद्रा का मूल्य घटता है।
क्वांटिटेटिव ईज़िंग और क्वांटिटेटिव टाइटनिंग की प्रक्रिया
गंभीर आर्थिक संकट या बाजार में मंदी के समय पारंपरिक ब्याज दर कटौती के अलावा गैर-पारंपरिक मौद्रिक नीतियों का उपयोग किया जाता है। अत्यधिक विषम परिस्थितियों में यूरोपीय सेंट्रल बैंक क्वांटिटेटिव ईज़िंग नामक नीतिगत उपकरण का उपयोग करता है। क्वांटिटेटिव ईज़िंग प्रक्रिया के तहत केंद्रीय बैंक नए यूरो जारी करता है और उनके माध्यम से वाणिज्यिक बैंकों तथा वित्तीय संस्थानों से सरकारी और कॉर्पोरेट बांड खरीदता है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य बाजार में तरलता बढ़ाना और दीर्घकालिक ब्याज दरों को कम करना होता है, हालांकि इसके परिणामस्वरूप यूरो की विनिमय दर कमजोर हो सकती है।
ऐतिहासिक आंकड़े दर्शाते हैं कि जब केवल ब्याज दरें घटाने से मूल्य स्थिरता का लक्ष्य हासिल नहीं हो पाता, तब क्वांटिटेटिव ईज़िंग को अंतिम उपाय के रूप में अपनाया गया है। यूरोपीय सेंट्रल बैंक ने 2009 से 2011 के दौरान आए महान वित्तीय संकट के समय, 2015 में जब मुद्रास्फीति बेहद निचले स्तर पर बनी हुई थी, और कोविड महामारी के दौरान बड़े पैमाने पर बांड खरीद कार्यक्रम चलाए थे। इसके विपरीत, जब आर्थिक सुधार मजबूती पकड़ता है और महंगाई फिर से बढ़ने लगती है, तब क्वांटिटेटिव टाइटनिंग की प्रक्रिया शुरू की जाती है। क्वांटिटेटिव टाइटनिंग के तहत यूरोपीय सेंट्रल बैंक नए बांड खरीदना बंद कर देता है और परिपक्व होने वाले बांडों के मूलधन का पुनर्निवेश रोक देता है, जिससे बाजार से अतिरिक्त तरलता वापस खींच ली जाती है और यूरो को संचनात्मक समर्थन मिलता है।
EUR/USD तकनीकी विश्लेषण और लाइव मार्केट आंकड़े
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में EUR/USD मुद्रा जोड़ी पर दबाव देखा गया है और यह घटकर 1.1600 के निचले स्तर पर आ गई है। लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में यह विनिमय दर 1.16 के स्तर पर कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद भाव 1.17 से 0.62% की गिरावट दर्शाती है। पिछले 52 हफ्तों के दौरान इस मुद्रा जोड़ी का कारोबार 1.13 से 1.20 के दायरे में रहा है, जबकि वर्तमान ट्रेडिंग वॉल्यूम 20-दिवसीय औसत के 1.00 गुना पर बना हुआ है।
तकनीकी संकेतकों के आधार पर 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI 52 के स्तर पर है, जो तटस्थ गति को दर्शाता है। MACD सूचकांक 0.00 पर है जबकि सिग्नल लाइन 0.00 पर बनी हुई है और हिस्टोग्राम 0.00 का तेजी का संकेत दे रहा है। मूविंग एवरेज संकेतकों में 20-दिवसीय EMA 1.16 पर, 50-दिवसीय EMA 1.15 पर और 200-दिवसीय EMA 1.16 पर स्थित है। इसके अलावा 50-दिवसीय SMA 1.15 पर और 200-दिवसीय SMA 1.16 पर है, जो 50-दिवसीय EMA के 200-दिवसीय EMA से नीचे रहने के कारण डेथ क्रॉस स्थिति और दीर्घकालिक मंदी के रुख की पुष्टि करता है।
बॉलिंजर बैंड के अनुसार ऊपरी सीमा 1.17, निचली सीमा 1.15 और मध्य रेखा 1.16 पर बनी हुई है, जिससे स्पष्ट है कि मूल्य गति सामान्य दायरे में है। ADX सूचकांक 35 के स्तर पर है, जो स्पष्ट ट्रेंड का संकेत देता है। स्टोकेस्टिक फ़ास्ट लाइन 35 और सिग्नल लाइन 62 पर दर्ज की गई है। ATR सूचकांक 0.01 की दैनिक अस्थिरता दर्शाता है, जो स्टॉप-लॉस निर्धारित करने में सहायता करता है। मुख्य दैनिक पिवट स्तरों के तहत पहला सपोर्ट S1 1.16 और दूसरा सपोर्ट S2 1.15 पर है, जबकि पहला रेजिस्टेंस R1 1.16 और दूसरा रेजिस्टेंस R2 1.17 पर केंद्रित है।
विदेशी मुद्रा बाजार और अन्य केंद्रीय बैंकों का रुख
अमेरिकी डॉलर में आई मजबूती के कारण प्रमुख वैश्विक मुद्राओं पर बिकवाली का असर देखा गया है। GBP/USD में गिरावट दर्ज की गई है और यह 1.3530 के स्तर की ओर खिसक गया है। जैक्सन होल सम्मेलन में केंद्रीय बैंक अधिकारियों के वक्तव्यों और हालिया अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के बाद डॉलर इंडेक्स को समर्थन मिला है। उल्लेखनीय है कि अमेरिका के गैर-कृषि रोजगार यानी NFP के वार्षिक आंकड़े में -79K का संशोधन दर्ज किया गया है।
बाजार विशेषज्ञों की नजर अब आगामी ISM मैन्युफैक्चरिंग PMI और नए रोजगार आंकड़ों पर टिकी है। उधर रिज़र्व बैंक ऑफ न्यूजीलैंड द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है और निवेशक उसके भावी नीतिगत संकेतों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। वहीं बैंक ऑफ कनाडा द्वारा नीतिगत दरों को स्थिर रखे जाने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि वर्ष 2027 में दरों में बदलाव की अटकलें भी लगाई जा रही हैं।
कीमती धातुएं, क्रिप्टो बाजार और डीजल कीमतों में उछाल
अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में तेजी और मजबूत डॉलर के प्रभाव से सोने और डिजिटल संपत्तियों में गिरावट देखी गई है। सोना बिकवाली के दबाव में आकर अपने महत्वपूर्ण 200-दिवसीय SMA स्तर $4,530 प्रति ट्रॉय औंस के आसपास कारोबार कर रहा है। क्रिप्टो बाजार में भी मंदी का रुख बना हुआ है, जहां बिटकॉइन $81,000 से $82,000 के प्रतिरोध स्तर को पार करने में विफल रहने के बाद वापस $80,000 से नीचे फिसल गया है। एथेरियम घटकर $2,500 पर आ गया है, जबकि रिपल यानी XRP $1.40 के सपोर्ट स्तर की जांच कर रहा है।
दूसरी ओर ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अपेक्षाकृत शांत रहने के बावजूद डीजल बाजार में ऐतिहासिक तेजी देखी गई है। अमेरिका में डीजल क्रैक स्प्रेड पहली बार $100 प्रति बैरल के आंकड़े को पार करते हुए $102.00 के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है। यह रिकॉर्ड बढ़ोतरी डिस्टिलेट ईंधनों की आपूर्ति में आई कमी को रेखांकित करती है, जिससे वैश्विक मुद्रास्फीति के मोर्चे पर नई चुनौतियां पैदा हो सकती हैं।



















