मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने यूनाईटेड मय थाई एसोसिएशन ऑफ इंडिया (UMAI) के चेयरमैन का पद स्वीकार कर लिया है। इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक घटनाक्रम का मुख्य उद्देश्य देश भर में मय थाई खेल के प्रचार-प्रसार, संगठनात्मक विकास और कॉम्बैट स्पोर्ट्स को नई दिशा प्रदान करना है।
राष्ट्रीय शासी निकाय और अंतरराष्ट्रीय मान्यता
यूएमएआई भारत में मय थाई खेल के संचालन, संवर्धन और नियमों को लागू करने वाली आधिकारिक राष्ट्रीय संस्था है। इस एसोसिएशन को वर्ष 2019 में इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ मयथाई एसोसिएशंस (IFMA) से औपचारिक मान्यता प्राप्त हुई थी। गौरतलब है कि आईएफएमए को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) और एशिया ओलंपिक परिषद (OCA) से पूर्ण मान्यता प्राप्त है, जिससे भारतीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का प्रामाणिक मंच मिलता है।
नेतृत्व का दृष्टिकोण और घोषणा
चेयरमैन पद का दायित्व संभालने की घोषणा यूएमएआई के महासचिव डॉ श्रीराम चौधरी और एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारियों के साथ हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद की गई। डॉ श्रीराम चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा का प्रशासनिक अनुभव और दूरदर्शी नेतृत्व भारत में इस कॉम्बैट स्पोर्ट्स को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। संगमा ने 9 सितंबर 2026 को X पर पोस्ट कर इस दायित्व के प्रति आभार जताया और बताया कि बैठक में युवाओं के लिए इस खेल के माध्यम से उपलब्ध अवसरों पर व्यापक चर्चा हुई।
मेघालय बना कॉम्बैट स्पोर्ट्स का केंद्र और 2027 के राष्ट्रीय खेल
हाल के वर्षों में मेघालय देश में मय थाई खेल के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है। राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में 50 से अधिक पदक अपने नाम किए हैं। खिलाड़ियों के इस उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए मुख्यमंत्री ने 'चीफ मिनिस्टर्स कनेक्ट' कार्यक्रम के 'अचीवर्स ऑफ द मंथ' खेल संस्करण में मय थाई विजेताओं को सम्मानित भी किया।
इसके साथ ही राज्य सरकार ने 2027 में मेघालय में आयोजित होने वाले 39वें राष्ट्रीय खेलों में मय थाई को शामिल करने की संभावनाओं पर बल दिया है। यदि यह मार्शल आर्ट खेल राष्ट्रीय खेलों में शामिल होता है, तो इससे देश भर के एथलीटों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच मिलेगा। यह पहल न केवल युवाओं में खेल के प्रति रुचि बढ़ाएगी, बल्कि मेघालय की एक प्रमुख खेल गंतव्य के रूप में पहचान को भी और अधिक मजबूत करेगी।


















