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ओडिशा के बालासोर में नदी के जाल में फंसा 15 किलो का विशाल अजगर, वन विभाग ने रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ाभारत
9 सित॰ 2026, 3:19 pm (49 मिनट पहले)· 3

ओडिशा के बालासोर में नदी के जाल में फंसा 15 किलो का विशाल अजगर, वन विभाग ने रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा

ओडिशा के बालासोर जिले में सुबर्नरेखा नदी में मछली पकड़ने गए मछुआरे के जाल में 15 किलो वजनी और 5 मीटर लंबा अजगर फंस गया। वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे सुरक्षित अहमपाड़ा जंगल में छोड़ दिया।

ओडिशा के बालासोर जिले में सुबर्नरेखा नदी के किनारे मछली पकड़ने गए एक मछुआरे के साथ एक हैरान कर देने वाली घटना घटी। मछुआरे ने जब नदी में डाला गया अपना जाल बाहर खींचा तो उसमें मछली की जगह एक विशालकाय अजगर फंसा हुआ मिला। अचानक इतने बड़े अजगर को देखकर मछुआरा काफी घबरा गया। उसने तुरंत इस बात की सूचना स्थानीय लोगों और रायबनिया वन विभाग की टीम को दी। वन कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर अजगर को जाल से सुरक्षित बाहर निकाला और प्राथमिक स्वास्थ्य जाँच कराने के बाद उसे जंगल में वापस छोड़ दिया।

सुबर्नरेखा नदी में बाढ़ के बाद जाल में फंसा विशाल अजगर

यह पूरा मामला बालासोर जिले के जलेश्वर ब्लॉक के अंतर्गत ओलमारा गांव की मकड़िया पंचायत के बरहमपुर इलाके का है। हाल ही में सुबर्नरेखा नदी में बाढ़ आने के बाद आसपास के इलाकों में पानी छोड़ा गया था। नदी में पानी का बहाव बढ़ने के कारण स्थानीय निवासी मछली पकड़ने के लिए नदी तट पर अपने जाल डाल रहे थे। इसी दौरान एक मछुआरे को लगा कि उसके जाल में कोई बड़ी मछली फंसी है। लेकिन जब उसने जाल को ध्यान से देखा तो उसमें एक बड़ा अजगर उलझा हुआ था। जाल में अजगर को तड़पते देख मछुआरा बुरी तरह डर गया और उसने तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित किया।

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वन विभाग की त्वरित कार्रवाई और उमड़ी ग्रामीणों की भीड़

घटना की जानकारी मिलते ही रायबनिया वन विभाग की टीम बिना किसी देरी के मौके पर पहुंची। वन कर्मचारियों ने पूरी सावधानी और समझदारी का परिचय देते हुए अजगर को जाल के फंदों से धीरे-धीरे बाहर निकाला। इस बीच नदी किनारे विशाल अजगर मिलने की खबर आसपास के गांवों में आग की तरह फैल गई। देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। हर कोई इस लंबे और भारी अजगर को अपनी आंखों से देखना चाहता था। वन विभाग की टीम ने भीड़ को नियंत्रित करते हुए अजगर को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया।

पशु अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण के बाद अहमपाड़ा जंगल में रिहाई

रेस्क्यू किए गए अजगर को तुरंत नजदीकी जानवरों के अस्पताल ले जाया गया ताकि उसकी शारीरिक स्थिति की जाँच की जा सके। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि इस अजगर का वजन लगभग 15 किलोग्राम था और इसकी लंबाई करीब 5 मीटर मापी गई। डॉक्टरों द्वारा अजगर को पूरी तरह स्वस्थ और चोट मुक्त घोषित किए जाने के बाद वन विभाग ने इसे इसके प्राकृतिक आवास में भेजने का फैसला किया। इसके बाद वन विभाग की टीम अजगर को पास के अहमपाड़ा जंगल में ले गई और उसे सुरक्षित रूप से मुक्त कर दिया।

अजगर के शिकार का तरीका और हालिया घटनाएं

विशेषज्ञों के अनुसार अजगर जहरीले सांपों की श्रेणी में नहीं आते हैं, लेकिन अपनी शारीरिक बनावट और असीम ताकत के कारण ये बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं। यह जहरीले सांपों की तरह इंसानों या शिकार को डसते नहीं हैं, बल्कि अपने मजबूत शरीर से शिकार को चारों तरफ से जकड़ लेते हैं। अजगर के अत्यधिक दबाव के कारण शिकार का दम घुट जाता है या उसकी हड्डियां टूट जाती हैं। हाल के दिनों में रिहाइशी इलाकों में अजगर मिलने की कई घटनाएं सामने आई हैं। हाल ही में मुंबई में एक खड़ी कार के बोनेट के अंदर बड़ा अजगर बैठा मिला था। इसके अलावा मुंगेर के एक अस्पताल परिसर में विशालकाय अजगर घुस आने से मरीजों और तीमारदारों के बीच अफरा-तफरी मच गई थी।

सवाल-जवाब

ओडिशा के किस जिले में मछली पकड़ने के जाल में अजगर फंसा था?
यह घटना ओडिशा के बालासोर जिले के जलेश्वर ब्लॉक स्थित ओलमारा गांव की मकड़िया पंचायत के बरहमपुर इलाके में सुबर्नरेखा नदी में घटी।
रेस्क्यू किए गए अजगर की लंबाई और वजन कितना था?
वन विभाग की जाँच के अनुसार अजगर की लंबाई लगभग 5 मीटर थी और इसका वजन करीब 15 किलोग्राम था।
अजगर को रेस्क्यू करने के बाद कहाँ ले जाया गया?
अजगर को जाल से सुरक्षित निकालने के बाद स्वास्थ्य जाँच के लिए पास के पशु अस्पताल ले जाया गया।
स्वास्थ्य परीक्षण के बाद अजगर को कहाँ छोड़ा गया?
अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा पूरी तरह स्वस्थ घोषित किए जाने के बाद अजगर को पास के अहमपाड़ा जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
किस वन विभाग की टीम ने अजगर का रेस्क्यू किया?
रायबनिया वन विभाग की टीम ने सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू किया।
क्या अजगर जहरीला होता है और यह शिकार कैसे करता है?
अजगर जहरीला नहीं होता है, यह अपने शिकार को डसने के बजाय अपने मजबूत शरीर से जकड़कर उसका दम घोंट देता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·32 मिनट पहले

सुबर्नरेखा नदी क्षेत्र में बाढ़ के बाद इस तरह के वन्यजीवों का रिहायशी इलाकों के करीब आना पारिस्थितिक तंत्र में बदलाव का संकेत है। वन विभाग की समय पर कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन मानसून और बाढ़ के मौसम में नदी किनारे सुरक्षा और जन-जागरूकता बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता है ताकि मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोका जा सके।

Arjun Mehta@arjun-mehta·32 मिनट पहले

यह घटना स्पष्ट करती है कि जलवायु परिवर्तन और अत्यधिक बाढ़ जैसे पर्यावरणीय दबाव वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास से बाहर धकेल रहे हैं। जब नदियां उफान पर होती हैं, तो जलीय और अर्ध-जलीय प्रजातियां बहकर मानवीय बस्तियों के करीब आ जाती हैं। इस प्रशासनिक चुनौती से निपटने के लिए जिला प्रशासन और पर्यावरण मंत्रालयों को दीर्घकालिक रणनीतियां बनानी होंगी। केवल तात्कालिक रेस्क्यू अभियानों से काम नहीं चलेगा, बल्कि संवेदनशील नदी तटों पर वन्यजीव निगरानी तंत्र को मजबूत करना होगा और स्थानीय समुदायों को संकट के समय त्वरित सूचना तंत्र से जोड़ना अनिवार्य है, ताकि जैव विविधता का संरक्षण और जनसुरक्षा दोनों सुनिश्चित किए जा सकें।

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