ओडिशा के बालासोर जिले में सुबर्नरेखा नदी के किनारे मछली पकड़ने गए एक मछुआरे के साथ एक हैरान कर देने वाली घटना घटी। मछुआरे ने जब नदी में डाला गया अपना जाल बाहर खींचा तो उसमें मछली की जगह एक विशालकाय अजगर फंसा हुआ मिला। अचानक इतने बड़े अजगर को देखकर मछुआरा काफी घबरा गया। उसने तुरंत इस बात की सूचना स्थानीय लोगों और रायबनिया वन विभाग की टीम को दी। वन कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर अजगर को जाल से सुरक्षित बाहर निकाला और प्राथमिक स्वास्थ्य जाँच कराने के बाद उसे जंगल में वापस छोड़ दिया।
सुबर्नरेखा नदी में बाढ़ के बाद जाल में फंसा विशाल अजगर
यह पूरा मामला बालासोर जिले के जलेश्वर ब्लॉक के अंतर्गत ओलमारा गांव की मकड़िया पंचायत के बरहमपुर इलाके का है। हाल ही में सुबर्नरेखा नदी में बाढ़ आने के बाद आसपास के इलाकों में पानी छोड़ा गया था। नदी में पानी का बहाव बढ़ने के कारण स्थानीय निवासी मछली पकड़ने के लिए नदी तट पर अपने जाल डाल रहे थे। इसी दौरान एक मछुआरे को लगा कि उसके जाल में कोई बड़ी मछली फंसी है। लेकिन जब उसने जाल को ध्यान से देखा तो उसमें एक बड़ा अजगर उलझा हुआ था। जाल में अजगर को तड़पते देख मछुआरा बुरी तरह डर गया और उसने तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित किया।
वन विभाग की त्वरित कार्रवाई और उमड़ी ग्रामीणों की भीड़
घटना की जानकारी मिलते ही रायबनिया वन विभाग की टीम बिना किसी देरी के मौके पर पहुंची। वन कर्मचारियों ने पूरी सावधानी और समझदारी का परिचय देते हुए अजगर को जाल के फंदों से धीरे-धीरे बाहर निकाला। इस बीच नदी किनारे विशाल अजगर मिलने की खबर आसपास के गांवों में आग की तरह फैल गई। देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। हर कोई इस लंबे और भारी अजगर को अपनी आंखों से देखना चाहता था। वन विभाग की टीम ने भीड़ को नियंत्रित करते हुए अजगर को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया।
पशु अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण के बाद अहमपाड़ा जंगल में रिहाई
रेस्क्यू किए गए अजगर को तुरंत नजदीकी जानवरों के अस्पताल ले जाया गया ताकि उसकी शारीरिक स्थिति की जाँच की जा सके। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि इस अजगर का वजन लगभग 15 किलोग्राम था और इसकी लंबाई करीब 5 मीटर मापी गई। डॉक्टरों द्वारा अजगर को पूरी तरह स्वस्थ और चोट मुक्त घोषित किए जाने के बाद वन विभाग ने इसे इसके प्राकृतिक आवास में भेजने का फैसला किया। इसके बाद वन विभाग की टीम अजगर को पास के अहमपाड़ा जंगल में ले गई और उसे सुरक्षित रूप से मुक्त कर दिया।
अजगर के शिकार का तरीका और हालिया घटनाएं
विशेषज्ञों के अनुसार अजगर जहरीले सांपों की श्रेणी में नहीं आते हैं, लेकिन अपनी शारीरिक बनावट और असीम ताकत के कारण ये बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं। यह जहरीले सांपों की तरह इंसानों या शिकार को डसते नहीं हैं, बल्कि अपने मजबूत शरीर से शिकार को चारों तरफ से जकड़ लेते हैं। अजगर के अत्यधिक दबाव के कारण शिकार का दम घुट जाता है या उसकी हड्डियां टूट जाती हैं। हाल के दिनों में रिहाइशी इलाकों में अजगर मिलने की कई घटनाएं सामने आई हैं। हाल ही में मुंबई में एक खड़ी कार के बोनेट के अंदर बड़ा अजगर बैठा मिला था। इसके अलावा मुंगेर के एक अस्पताल परिसर में विशालकाय अजगर घुस आने से मरीजों और तीमारदारों के बीच अफरा-तफरी मच गई थी।





















