मेघालय के पूर्वी गारो हिल्स जिले के समांडा ब्लॉक में स्वास्थ्य अधिकारियों ने मदर ऐप नाम के डिजिटल टूल के कामकाज की विस्तार से समीक्षा की, ताकि ब्लॉक में मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी को और पुख्ता किया जा सके।
बैठक में कौन शामिल हुआ
इस बैठक में एएनएम (सहायक नर्स दाई) और एमपीडब्ल्यू (मल्टी परपज वर्कर) शामिल हुए, जो गांवों में गर्भवती महिलाओं और परिवारों से सीधे जुड़े रहते हैं। इसके अलावा स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों की देखरेख करने वाले मेडिकल ऑफिसर भी मौजूद रहे। राज्य और जिला स्तर के वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया और इस सत्र की अध्यक्षता जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने की।
समीक्षा में क्या चर्चा हुई
बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि ब्लॉक में मदर ऐप को लागू करने का काम अब तक कितना आगे बढ़ा है और फील्ड पर काम करने वाले कर्मचारियों को इसका इस्तेमाल करते वक्त किन दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। साथ ही ऐप की रिपोर्टिंग व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी बात हुई, ताकि एएनएम और एमपीडब्ल्यू द्वारा दर्ज किया गया डेटा पर्यवेक्षकों के लिए भरोसेमंद जानकारी में बदल सके। इसके अलावा यह सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया कि यह प्लेटफॉर्म गांव स्तर पर लगातार और सही तरीके से इस्तेमाल हो, न कि बेकार पड़ा रहे।
मदर ऐप कैसे करता है मदद
मदर ऐप का इस्तेमाल एएनएम अपने इलाके में दर्ज गर्भवती महिलाओं पर नजर रखने, हाई रिस्क प्रेगनेंसी के मामलों को चिन्हित करने और समय पर फॉलोअप विजिट तय करने के लिए करती हैं। इस निगरानी को डिजिटल बनाकर यह कोशिश की जाती है कि कोई भी मां या बच्चा दो जांच के बीच नजरों से ओझल न हो जाए, जिससे गर्भावस्था से लेकर डिलीवरी और उसके बाद तक देखभाल की निरंतरता बनी रहे।
नियमित समीक्षा पर जोर क्यों
अधिकारियों ने कहा कि मेघालय के डिजिटल स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बनाने और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के नतीजे सुधारने के लिए नियमित प्रदर्शन समीक्षा और डेटा पर आधारित फैसले लेना बेहद जरूरी है। बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि सुरक्षित गर्भावस्था और परिवारों के बेहतर स्वास्थ्य परिणामों के लिए फील्ड पर काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका कितनी अहम है, जो राज्य भर में इन डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं।



















