दक्षिण गारो हिल्स के रोंगरा इलाके में आयोजित एक विशेष जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान स्थानीय नागरिकों ने मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा के समक्ष बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी से जुड़ी कई गंभीर शिकायतें रखीं। इस दौरान जलापूर्ति की बदहाल स्थिति, क्षतिग्रस्त ग्रामीण सड़कें, बिजली के बुनियादी ढांचे का अभाव, स्कूलों की जर्जर हालत और बाजारों में जलभराव जैसी तमाम समस्याएं खुलकर सामने आईं। जनसमस्याओं के समाधान की इस पहल में क्षेत्र के विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगों पर खुलकर चर्चा की गई।
सड़क और जलापूर्ति से जुड़ी मुख्य समस्याएं
लोअर नेकोरा के एक स्थानीय निवासी ने ग्रेविटी मेन के क्षतिग्रस्त होने और पानी की अनियमित सप्लाई की समस्या को विशेष तौर पर उठाया। इसके अलावा क्षेत्र में बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करने के लिए एक नए परीक्षा केंद्र की स्थापना की मांग भी रखी गई। रोंगरा एम.ई. स्कूल के खेल मैदान के पास स्थित लोअर नेकोरा मुख्य बाजार में होने वाले जलभराव का मुद्दा भी मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया गया। इसके साथ ही अंपंगग्रे-वासोगितिम सड़क की खराब हालत पर भी गहरी चिंता जताई गई। इस पर कार्रवाई करते हुए कॉनराड के. संगमा ने वहां मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों को इस मार्ग पर बने पुल के पहले चरण की स्थिति का आकलन करने और लोक निर्माण विभाग की अन्य सड़क मरम्मत जरूरतों को तुरंत शुरू करने का निर्देश दिया।
बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी अन्य मांगें
इलाके में बिजली के खंभों की भारी कमी को दूर करने के लिए निवासियों ने अतिरिक्त पोल लगाने की मांग की, जिस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित ठेकेदार और अधिकारियों को तुरंत खंभे स्थापित करने के निर्देश दिए। पास के ही नौरेशाम आशिम गांव के लोगों ने भी पीने के पानी की व्यवस्था न होने की शिकायत दर्ज कराई। मुख्यमंत्री ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस दूरदराज के गांव की परेशानियों को समझने का अवसर मिला है और हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि सुरक्षित पेयजल नागरिकों का मौलिक अधिकार है और राज्य के हर गांव तक इसकी पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा महेशखोला के निरीक्षण बंगले की मरम्मत और जुजोलग्रे एल.पी. स्कूल की टपकती छत और दीवारों को ठीक करने की मांगें भी रखी गईं।
ब्लॉक कार्यालय का उद्घाटन और अन्य विकास कार्य
मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने स्पष्ट किया कि सरकार हर समस्या का समाधान रातों-रात नहीं कर सकती, लेकिन सभी शिकायतों की प्राथमिकता तय कर उन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने विभिन्न विभागों को निर्देश दिया कि इस कार्यक्रम के दौरान उठाई गई हर बात पर एक तय समय सीमा के भीतर काम किया जाए ताकि धरातल पर बदलाव दिखाई दे। यह पूरा आयोजन रोंगरा एम.ई. स्कूल के खेल मैदान पर संपन्न हुआ, जिसमें विधायक रक्कड़ संगमा और सेंचिम संगमा भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य नागरिकों और सरकार के बीच संवाद को मजबूत करना और हर ब्लॉक स्तर पर विकास संबंधी सुझाव सीधे सुनना है। अपनी इस यात्रा के दौरान उन्होंने 3 करोड़ रुपये की लागत से बने नए रोंगरा ब्लॉक कार्यालय का औपचारिक उद्घाटन भी किया। मेघालय में कुल 56 नए ब्लॉक कार्यालय बनाए जाने हैं, जिनमें से 34 इमारतों का निर्माण पूरा हो चुका है जबकि बाकी पर काम जारी है। इस परियोजना के लिए सरकार ने वर्ष 2022-23 में 120 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। इसके अलावा दक्षिण गारो हिल्स के बाघमारा, चोकपोल और गसुआपारा में भी नए ब्लॉक कार्यालय तैयार किए जा रहे हैं और नवगठित सिजू ब्लॉक के लिए 4.50 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। जनता से मिलने से पहले मुख्यमंत्री ने पात्र लाभार्थियों को मातृ एवं बाल देखभाल किट भी बांटी। स्वास्थ्य विभाग की यह अनूठी पहल फिलहाल सिजू-रोंगरा क्षेत्र में शुरू की गई है जिसे बाद में पूरे राज्य में लागू किया जाएगा।



















