मेघालय के ईस्ट खासी हिल्स जिला प्रशासन ने खासी स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) के प्रस्तावित प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए शिलांग के सदर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में धारा 163 लागू कर दी है। यह प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 के तहत की गई है। ईस्ट खासी हिल्स के जिला मजिस्ट्रेट अभिलाष बरनवाल द्वारा गुरुवार को जारी इस आदेश का उद्देश्य कानून व्यवस्था बनाए रखना, आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना और शहर के सामान्य कामकाज में बाधा को रोकना है।
रैली का प्रस्तावित मार्ग और समय सीमा
प्रशासनिक अधिकारियों को प्राप्त सूचना के अनुसार, खासी स्टूडेंट्स यूनियन ने 21 अगस्त को एक बड़े विरोध प्रदर्शन का कार्यक्रम तय किया था। इस योजना के तहत छात्र संगठन सुबह 11 बजे जैयाव स्थित अपने केंद्रीय कार्यालय से पैदल मार्च शुरू करने वाला था। यह रैली मोतफ्रां मार्ग से होकर ख्यन्दैलाद तक जानी थी, जहां शाम 6 बजे तक धरना देने का समय निर्धारित किया गया था।
धारा 163 के तहत लागू प्रमुख प्रतिबंध
प्रशासन ने आशंका व्यक्त की है कि बिना पूर्व अनुमति के आयोजित होने वाले इस प्रदर्शन से सड़क मार्ग बाधित हो सकता है, सार्वजनिक शांति भंग हो सकती है और संपत्ति या जनजीवन को क्षति पहुंचने का जोखिम बढ़ सकता है। इन परिस्थितियों को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट अभिलाष बरनवाल ने सदर पुलिस स्टेशन के पूरे अधिकार क्षेत्र में किसी भी संगठन या समूह द्वारा बिना लिखित अनुमति के रैली, जुलूस, जनसभा या धरना आयोजित करने पर पाबंदी लगा दी है। इसके अतिरिक्त, विरोध प्रदर्शन के इरादे से पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एक स्थान पर एकत्र होने पर भी प्रतिबंध रहेगा।
ध्वनि विस्तारक यंत्रों और वस्तुओं पर सख्त रोक
नागरिकों की शांति और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आदेश में ध्वनि प्रदूषण तथा हथियारों पर भी कड़े नियम तय किए गए हैं। सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना सार्वजनिक स्थानों पर लाउडस्पीकर, मेगाफोन, एम्पलीफायर या अन्य साउंड सिस्टम का प्रयोग पूरी तरह वर्जित रहेगा। इसके साथ ही, किसी भी सभा या मार्च के दौरान लाठी, डंडे, पत्थर, लोहे की छड़ें या किसी भी प्रकार के हानिकारक उपकरण ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
कानूनी कार्रवाई और दंडात्मक प्रावधान
ईस्ट खासी हिल्स जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्थापित नियमों का उल्लंघन करने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति या संस्था जबरन बंद कराने, आम जनता या सरकारी कर्मचारियों के कार्य में बाधा डालने या संपत्ति को नुकसान पहुंचाने में लिप्त पाई जाती है, तो उसके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 223 और अन्य संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज होगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावी हो गया है और अगले निर्देश आने तक लागू रहेगा।


















