मेघालय हाईकोर्ट ने राज्य प्रशासन को निर्देश दिया है कि शिलांग में बुधवार को हुए उपद्रव के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। खासी स्टूडेंट्स यूनियन (केएसयू) की बाइक रैली के दौरान हुई हिंसा की घटनाओं पर हाईकोर्ट ने खुद संज्ञान लेते हुए मामले में कड़ी कार्रवाई करने को कहा है।
हाईकोर्ट की खंडपीठ ने स्वतः संज्ञान लेकर शुरू की सुनवाई
इस मामले की सुनवाई जनहित याचिका (पीआईएल) संख्या 16/2026 के तहत की जा रही है, जिसकी शुरुआत अदालत द्वारा स्वतः संज्ञान (सुओ मोटो) लेने के बाद हुई। न्यायमूर्ति एच.एस. थंगख्यू और न्यायमूर्ति डब्लू. दींगदोह की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कानून व्यवस्था की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। पीठ ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक शांति भंग करने वाले सभी तत्वों पर बिना किसी ढिलाई के प्रभावी और सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं।
वाहनों की तोड़फोड़ और नागरिकों की सुरक्षा पर जताई चिंता
सुनवाई के दौरान अदालत ने उपद्रव के कारण हुई सार्वजनिक और सरकारी संपत्ति की क्षति पर गहरा दुख व्यक्त किया। खंडपीठ ने दर्ज किया कि उपद्रव के दौरान कई सरकारी गाड़ियों, पुलिस वाहनों, सार्वजनिक परिवहन की बसों और व्यावसायिक वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया। इसके अलावा, अदालत ने आम नागरिकों, विशेषकर स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई जो इस घटना के समय सड़कों पर मौजूद थे। पीठ ने राष्ट्रीय नायकों की मूर्तियों के कथित अनादर से जुड़े आरोपों पर भी कड़ा संज्ञान लिया।
गिरफ्तारियों का ब्योरा और 24 अगस्त की समयसीमा
राज्य सरकार ने अदालत को सूचित किया कि घटना के तुरंत बाद कार्रवाई शुरू कर दी गई थी और इसमें शामिल संगठन के कुछ पदाधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि, हाईकोर्ट की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि जांच का दायरा बढ़ाते हुए सभी दोषियों पर तुरंत शिकंजा कसा जाए। सरकार को निर्देश दिया गया है कि वह आरोपियों की धरपकड़ के लिए उठाए गए कदमों का पूरा विवरण तैयार करे। इस विस्तृत रिपोर्ट को 24 अगस्त 2026 तक अदालत में जमा करना होगा, जब इस मामले की अगली सुनवाई होगी।



















