मेघालय की राजधानी शिलांग में साहित्य प्रेमियों के लिए एक बड़ा सांस्कृतिक उत्सव आयोजित होने जा रहा है। बुकर पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात लेखिका किरण देसाई और दक्षिण अफ्रीकी उपन्यासकार डेमन गलगुट शिलांग लिटरेरी फेस्टिवल 2026 के छठे संस्करण में मुख्य आकर्षण के रूप में भाग लेंगे। यह तीन दिवसीय साहित्यिक समागम 12 नवंबर से 14 नवंबर के बीच शिलांग के प्रसिद्ध वार्ड्स लेक परिसर में आयोजित किया जाएगा।
आयोजकों की ओर से की गई यह घोषणा इस प्रतिष्ठित उत्सव के 2026 संस्करण की पहली बड़ी आधिकारिक जानकारी है। आने वाले सप्ताहों में देश और दुनिया के कई अन्य प्रसिद्ध विचारकों, लेखकों तथा नई साहित्यिक आवाजों के नामों से भी पर्दा उठाया जाएगा। इस त्रिदिवसीय आयोजन का मुख्य लक्ष्य भारत के विभिन्न हिस्सों और विदेश से आने वाले रचनाकारों, विचारकों और पाठकों को एक साझा मंच प्रदान करना है।
किरण देसाई और डेमन गलगुट का साहित्यिक सफर
किरण देसाई ने वर्ष 2006 में अपने चर्चित उपन्यास द इनहेरिटेंस ऑफ लॉस के लिए प्रतिष्ठित बुकर पुरस्कार जीता था। इसके अतिरिक्त वह हुल्लाबलू इन द गुआवा ऑर्चर्ड की भी लेखिका हैं। देसाई को प्रवासन, व्यक्तिगत पहचान, पारिवारिक ताने-बाने और व्यापक सामाजिक वास्तविकताओं के साथ निजी जीवन के टकराव के संवेदनशील चित्रण के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान मिली है। वह हाल ही में अपने नए उपन्यास द लोनलीनेस ऑफ सोनिया एंड सनी के 2025 बुकर पुरस्कार की संक्षिप्त सूची यानी शॉर्टलिस्ट में शामिल होने के बाद से एक बार फिर वैश्विक साहित्यिक चर्चाओं के केंद्र में हैं।
उनके साथ मंच साझा करने वाले दक्षिण अफ्रीकी उपन्यासकार और नाटककार डेमन गलगुट ने वर्ष 2021 में अपने उपन्यास द प्रॉमिस के लिए बुकर पुरस्कार हासिल किया था। इस प्रतिष्ठित पुरस्कार की शॉर्टलिस्ट में तीन बार जगह बना चुके गलगुट ने महज 17 वर्ष की उम्र में अपना पहला उपन्यास प्रकाशित कराया था। उन्हें उनकी विशिष्ट लेखन शैली, इतिहास, मानवीय स्मृति, परिवार तथा रंगभेद के लंबे प्रभावों पर तीखे और विचारोत्तेजक लेखन के लिए वैश्विक स्तर पर खूब सराहा जाता है।
युवा लेखकों के लिए फर्स्ट ब्लूम प्रतियोगिता
मुख्य समारोह के आगाज से पहले कई पूर्व-कार्यक्रमों और रचनात्मक पहलों की रूपरेखा तैयार की गई है। इस कड़ी में पूर्वोत्तर क्षेत्र के उभरते रचनाकारों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से फर्स्ट ब्लूम: डिस्कवरिंग न्यू राइटिंग फ्रॉम द नॉर्थईस्ट नामक एक विशेष ओपन कॉल की घोषणा की गई है। इसके तहत फिक्शन और नैरेटिव नॉन-फिक्शन श्रेणियों में नई प्रतिभाओं से रचनाएं आमंत्रित की गई हैं।
इस लेखन प्रतियोगिता में प्रविष्टियां जमा करने की अंतिम तारीख 20 अक्टूबर तय की गई है। प्रतियोगिता के लिए कुल 75,000 रुपये का पुरस्कार कोष निर्धारित किया गया है, जिसमें विजेता को 50,000 रुपये और उपविजेता को 25,000 रुपये की नकद राशि प्रदान की जाएगी।
शिलांग कन्वेंशन सेंटर में विशेष कार्यशालाएं
साहित्यिक उत्सव की पूर्व संध्याओं के दौरान शिलांग स्थित स्टेट कन्वेंशन सेंटर में तीन अलग-अलग कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी। पुस्तक उद्योग में करियर के अवसरों पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण सत्र का संचालन कनिष्क गुप्ता करेंगे। यह सत्र 26 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे होगा, जिसमें पुस्तक प्रकाशन, प्रचार, साहित्यिक एजेंसियां, संपादन तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI से मिलने वाले अवसरों और चुनौतियों पर विस्तार से बातचीत होगी।
उसी दिन यानी 26 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे मित्रा फुकन और ललनुनसांगा राल्ते के मार्गदर्शन में एक रचनात्मक लेखन कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद 11 नवंबर को मेंटी जमीर, इंद्रजीत खांबे और बिपिन असपतवार वेज ऑफ विजुअल प्रैक्टिस शीर्षक से फोटोग्राफी कार्यशाला का संचालन करेंगे। इस सत्र में दृश्य विधाओं के जरिए कहानी कहने, व्यावहारिक सत्रों, पोर्टफोलियो समीक्षा और विजुअल स्टोरीटेलिंग पर गहन चर्चाएं शामिल रहेंगी।
स्थानीय जनजातीय परंपराओं का उत्सव
मेघालय सरकार के पर्यटन विभाग के सहयोग से आयोजित होने वाला यह महोत्सव खासी, जयंतिया और गारो समुदायों की समृद्ध साहित्यिक विरासत और पारंपरिक मौखिक कथा-शैलियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विमर्श के साथ जोड़ेगा। इस मंच के माध्यम से पूर्वोत्तर की अनूठी सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाएगा।
























