मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने बुधवार को तुरा क्षेत्र के रोंगगी सोंगगीताल में रहने वाले नागरिकों को भूमि पट्टे वितरित किए। इसके साथ ही स्थानीय निवासियों की वर्षों पुरानी मांग पूरी हो गई है। यह औपचारिक पट्टा वितरण उन परिवारों के लिए एक बड़ा कदम है जो लंबे समय से कानूनी भूमि दस्तावेज मिलने का इंतजार कर रहे थे। इस कार्यक्रम के दौरान जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट यानी जीएडी की जमीन पर रह रहे पात्र लाभार्थियों को कुल 21 भूमि पट्टे सौंपे गए, जिससे उन्हें अपनी संपत्ति पर पूर्ण कानूनी अधिकार प्राप्त हो गया है।
2018 के वादे को किया पूरा
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने वर्ष 2018 में इलाके के अपने दौरे का स्मरण किया। उन्होंने बताया कि उस समय उन्होंने स्थानीय निवासियों को आश्वासन दिया था कि उनकी लंबित मांगों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा। बुधवार को पट्टों का वितरण उसी वादे को पूरा करने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित हुआ। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि को बेहद संतोषजनक पल बताते हुए कहा, “कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों को कुल 21 भूमि पट्टे वितरित किए गए।” उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार और स्थानीय लोगों के बीच बेहतर समन्वय के कारण ही यह सफलता संभव हो सकी है।
पट्टा मिलने से मिलेंगे कई व्यावहारिक लाभ
भूमि स्वामित्व दस्तावेज मिलने से स्थानीय परिवारों को केवल कानूनी सुरक्षा ही नहीं मिलेगी, बल्कि उनके लिए कई सरकारी सुविधाएं पाना भी आसान हो जाएगा। इन आधिकारिक पट्टों की मदद से लाभार्थी परिवार बैंकों से आसानी से ऋण प्राप्त कर सकेंगे, क्योंकि अब उनके पास वैध संपत्ति पत्र उपलब्ध हैं। इसके अलावा विभिन्न सरकारी प्रमाणपत्र हासिल करने, कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने और आवश्यक नागरिक सेवाओं तक पहुंच बनाने में भी यह दस्तावेज मददगार साबित होगा। पट्टा प्राप्त करने वाले परिवारों ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि इससे उनके मन से बेदखली का डर समाप्त हो गया है और उन्हें सामाजिक सुरक्षा का अहसास हुआ है।
अन्य इलाकों में भी जारी रहेगा भूमि बंदोबस्त
तुरा शहर क्षेत्र के अंतर्गत रोंगगी सोंगगीताल उन आठ प्रमुख बस्तियों में शामिल है जहां के निवासी लंबे समय से आधिकारिक भूमि पट्टे की मांग कर रहे थे। ताजा वितरण के बाद प्रशासन अब तक चार इलाकों में पट्टा बांटने की प्रक्रिया पूरी कर चुका है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि शेष बचे चार इलाकों में भी भूमि संबंधी मामलों का जल्द ही चरणबद्ध तरीके से निस्तारण किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि राज्य सरकार कोई भी फैसला एकतरफा नहीं थोपेगी और सभी निर्णय जनसहमति तथा स्थानीय समुदाय के सहयोग से ही लिए जाएंगे। जिला प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस पहल से तुरा नगर क्षेत्र में भूमि रिकॉर्ड दुरुस्त होंगे, पारदर्शिता आएगी और संपत्ति के मालिकाना हक को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी।





















