गुवाहाटी के माथघरिया इलाके में मंगलवार तड़के एक दर्दनाक हादसे में भूस्खलन ने एक ही परिवार के तीन लोगों की जिंदगी छीन ली। यह वीभत्स घटना सुबह करीब आठ बजे लक्ष्मी मंदिर के पास उस समय घटी, जब पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा अचानक ढहकर नीचे बने एक घर पर आ गिरा। मलबे के भारी दबाव के नीचे पूरा परिवार दब गया और किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
सोते समय हुआ हादसा और बचाव कार्य
घटना के वक्त पीड़ित परिवार के सभी सदस्य गहरी नींद में थे। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पहाड़ी का मलबा और एक भारी चट्टान सीधे घर पर आ गिरी, जिससे लोगों को बाहर निकलने का कोई अवसर नहीं मिला। इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों की पहचान नागेन राजबोंगशी, मीना राजबोंगशी और सानू राजबोंगशी के रूप में हुई है, जिनमें परिवार की बेटी भी शामिल है।
स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मृतक नागेन राजबोंगशी दिहाड़ी मजदूरी का काम करते थे और अपने परिवार तथा दो छोटे बच्चों के साथ पिछले कई वर्षों से इसी जोखिम भरे इलाके में रह रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही जिला आपदा प्रबंधन विभाग की टीमों और अन्य सुरक्षा बलों ने तुरंत मोर्चा संभाला तथा युद्ध स्तर पर बचाव अभियान शुरू किया। मलबे से तीनों शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल भेज दिया गया।
एकमात्र जीवित बचा बेटा अस्पताल में भर्ती
इस दिल दहला देने वाली त्रासदी के बीच परिवार का एक बेटा मलबे के नीचे से सुरक्षित निकाल लिया गया। अधिकारियों के मुताबिक उसे गंभीर हालत में तुरंत गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। कामरूप मेट्रो के उपायुक्त स्वप्नील पॉल ने पुष्टि की कि यह परिवार पहाड़ी के बिल्कुल नजदीक रह रहा था और एक भारी पत्थर सीधे उनके मकान पर आ गिरा, जिससे तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
लगातार बारिश बनी आफत
प्रशासन और स्थानीय निवासियों का मानना है कि यह भयानक भूस्खलन मंगलवार तड़के से शहर में हो रही मूसलाधार और लगातार बारिश के कारण हुआ है। इस अनवरत बारिश ने शहर के कई हिस्सों में गंभीर जलभराव और कृत्रिम बाढ़ की स्थिति पैदा कर दी है। पानी भरने से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और सड़कों पर आवाजाही बाधित होने के कारण दैनिक यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।



















