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अदन के अल-माशिक राष्ट्रपति महल पर हूती मिसाइल हमला, दो सुरक्षाकर्मियों की मौतमध्य पूर्व
15 अक्तू॰ 2026, 9:07 pm (3 घंटे पहले)· 1

अदन के अल-माशिक राष्ट्रपति महल पर हूती मिसाइल हमला, दो सुरक्षाकर्मियों की मौत

यमन के दक्षिणी बंदरगाह शहर अदन में स्थित राष्ट्रपति भवन पर हूती विद्रोहियों ने पांच बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिसमें दो सुरक्षा गार्ड्स मारे गए और कई लोग घायल हो गए।

यमन के दक्षिणी बंदरगाह शहर अदन में स्थित अल-माशिक राष्ट्रपति महल को निशाना बनाकर पांच बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं। इस भीषण हमले में दो सुरक्षाकर्मियों की जान चली गई, जबकि कई अन्य लोग जख्मी हुए हैं। यह महल देश की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का आधिकारिक मुख्यालय है। सूचना मंत्री मोअम्मर अल-इरियानी ने पुष्टि की है कि जिस समय यह मिसाइल हमला हुआ, उस दौरान प्रधानमंत्री और अन्य कैबिनेट मंत्री पूरी तरह सुरक्षित रहे और उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा।

हमले के पीछे के दावे और सैन्य ठिकाने

हूती नियंत्रित मीडिया तंत्र ने इस सैन्य कार्रवाई को लेकर बयान जारी करते हुए कहा कि उनके लड़ाकों ने सऊदी सैन्य अधिकारियों के नेतृत्व में चलने वाले सैन्य अभियानों के मुख्यालय को सटीक रूप से निशाना बनाया है। विद्रोही समूह के अनुसार, इस हमले में राष्ट्रपति भवन परिसर के भीतर मौजूद हथियारों के गोदामों को भी तबाह किया गया है। दूसरी तरफ सरकारी अधिकारियों का कहना है कि यह हमला सीधे तौर पर लोकतांत्रिक व्यवस्था के शीर्ष नेतृत्व और प्रशासनिक प्रतिष्ठान को अस्थिर करने के मकसद से किया गया था।

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संघर्ष की पृष्ठभूमि और जमीनी हालात

यमन की चुनी हुई वैध सरकार एक दशक से भी अधिक समय पहले राजधानी सना से बेदखल होने के बाद से अदन को अपनी अस्थायी राजधानी बनाकर कामकाज संचालित कर रही है। सना पर हूती विद्रोहियों के कब्जे के बाद से ही देश गहरे गृहयुद्ध और क्षेत्रीय शक्ति संतुलन के संकट से जूझ रहा है। इस संघर्ष में पड़ोसी देश सऊदी अरब यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का खुला समर्थन कर रहा है। सऊदी अरब ईरान समर्थित हूतियों के खिलाफ सरकारी सुरक्षा बलों के बड़े सैन्य अभियानों को लगातार मजबूत हवाई सुरक्षा और सैन्य सहायता मुहैया करा रहा है।

सुरक्षा संकट और बढ़ता क्षेत्रीय तनाव

अदन में हुए इस ताजे हमले ने यमन में लंबे समय से जारी खूनी जंग के और अधिक भड़कने की आशंका बढ़ा दी है। अल-माशिक महल जैसे उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र पर मिसाइल दागने की यह क्षमता दिखाती है कि हूती विद्रोही सरकारी नियंत्रण वाले दक्षिणी हिस्सों में भी गहरा नुकसान पहुंचाने में सक्षम हैं। यमन में रणनीतिक बुनियादी ढांचे और सत्ता के केंद्रों पर होते ऐसे हमले न केवल मानवीय संकट को गहरा रहे हैं, बल्कि लाल सागर और अरब सागर के निकटवर्ती समुद्री सुरक्षा गलियारों के लिए भी लगातार बड़ा खतरा बने हुए हैं।

सवाल-जवाब

यमन के राष्ट्रपति भवन पर हुए हमले में कितने लोग मारे गए?
इस मिसाइल हमले में दो सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई है और कई अन्य लोग घायल हुए हैं।
हमले के समय यमन के प्रधानमंत्री और मंत्रियों की क्या स्थिति थी?
सूचना मंत्री मोअम्मर अल-इरियानी के अनुसार, प्रधानमंत्री और अन्य कैबिनेट मंत्री हमले में पूरी तरह सुरक्षित रहे।
हमले में किस तरह के हथियारों का इस्तेमाल किया गया?
अल-माशिक राष्ट्रपति महल परिसर को निशाना बनाकर पांच बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं।
हूती विद्रोहियों ने हमले को लेकर क्या दावा किया है?
हूती नियंत्रित मीडिया का कहना है कि उन्होंने सऊदी सैन्य अधिकारियों के नेतृत्व वाले सैन्य अभियान मुख्यालय और हथियारों के गोदामों को निशाना बनाया।
यमन की सरकार अदन से कामकाज क्यों संचालित कर रही है?
एक दशक से भी अधिक समय पहले हूती विद्रोहियों द्वारा राजधानी सना से बेदखल किए जाने के बाद से सरकार अदन में स्थित है।
यमन सरकार को किस पड़ोसी देश का सैन्य समर्थन प्राप्त है?
सऊदी अरब यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन कर रहा है और हूतियों के खिलाफ हवाई सहायता मुहैया करा रहा है।
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