सऊदी अरब की राजधानी में स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए विध्वंसक मिसाइल प्रहार के दृश्य सार्वजनिक हुए हैं, जिसमें टर्मिनल परिसर के भीतर मची भीषण तबाही साफ दिखाई दे रही है। यह घातक हमला 10 अक्टूबर को उस हिस्से पर हुआ था, जहां से घरेलू विमान सेवाएं संचालित की जाती हैं। यमन में सक्रिय विद्रोही लड़ाकों द्वारा दागे गए इस अस्त्र के कारण हवाई अड्डे के भीतर भारी क्षति हुई, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है।
टर्मिनल 3 और 4 के भीतर धमाके के दृश्य
सार्वजनिक हुए वीडियो में टर्मिनल कॉम्प्लेक्स के उस संवेदनशील हिस्से में जोरदार विस्फोट देखा जा सकता है, जहां मुख्य रूप से टर्मिनल 3 और टर्मिनल 4 स्थित हैं। धमाके के तुरंत बाद चारों तरफ धुआं फैल गया और यात्रियों में भारी अफरा-तफरी मच गई। एक क्षेत्रीय अधिकारी के अनुसार, मिसाइल सीधे उसी कॉम्प्लेक्स पर गिरी जो अंदरूनी हवाई सफर के लिए इस्तेमाल होता है। घटना के बाद सोशल मीडिया मंचों पर यह वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसने पूरे खाड़ी क्षेत्र में नागरिक उड्डयन से जुड़े बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है। ईरान से जुड़े क्षेत्रीय तनाव के बीच इस तरह के हमले ने हवाई अड्डों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।
कई देशों के नागरिकों की मौत और सैकड़ों घायल
सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन) द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में कुल 13 व्यक्तियों की जान चली गई, जबकि 309 अन्य लोग घायल हुए हैं। हताहत होने वालों में विभिन्न देशों के यात्री और कर्मचारी शामिल थे। मारे गए लोगों में 4 सऊदी नागरिक, 2 बांग्लादेशी नागरिक और भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फ़िलिस्तीन तथा सूडान का 1-1 नागरिक शामिल है। आघात की तीव्रता के कारण अनेक घायलों की शारीरिक स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है, जिन्हें तुरंत राजधानी के कई अलग-अलग चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया है।
गठबंधन का कड़ा रुख और परिचालन पर असर
सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने नागरिक हवाई अड्डे को निशाना बनाए जाने की कड़ी भर्त्सना की है। गठबंधन ने इस पूरी कार्रवाई को
"पूरी तरह से युद्ध अपराध"करार देते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि इसका बेहद सख्त जवाब दिया जाएगा। घटना के तुरंत बाद हवाई अड्डे के सभी प्रवेश द्वारों को पूरी तरह सील कर दिया गया और सुरक्षा बलों की भारी टुकड़ियां तैनात कर दी गईं। नुकसान का विस्तृत तकनीकी आकलन करने के लिए नियमित उड़ानों को अस्थायी रूप से रोक दिया गया और आने वाले विमानों का मार्ग बदलकर अन्य सुरक्षित हवाई अड्डों की ओर मोड़ दिया गया है। क्षेत्रीय सुरक्षा संकट को देखते हुए कई वैश्विक विमानन कंपनियों ने पहले ही रियाद सहित अन्य सऊदी शहरों के लिए अपनी उड़ानों को सीमित या रद्द कर दिया था।


















