मणिपुर के कामजोंग जिले में गुरुवार को घात लगाकर किए गए एक सशस्त्र हमले में कुकी समुदाय की एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथ यात्रा कर रहे दो अन्य नागरिक लापता हो गए हैं। यह गंभीर घटना उस समय सामने आई है जब राज्य के विभिन्न हिस्सों में कुकी और नगा समूहों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है।
दुपहिया वाहनों पर सवार नागरिकों को बनाया गया निशाना
कुकी इनपि मणिपुर ने एक प्रेस बयान जारी कर इस घटना की जानकारी दी है। संगठन के अनुसार, चार नागरिक दो दुपहिया वाहनों पर सवार होकर जरूरी घरेलू सामान खरीदने के लिए कामजोंग के फाइकोह जा रहे थे। शाम 4 बजे से 5 बजे के बीच फाइकोह और ऐशू के बीच स्थित सड़क पर उग्रवादियों ने इन राहगीरों पर अचानक घात लगाकर हमला कर दिया।
हमले में जान गंवाने वाली महिला की पहचान जांगखोंगम हाओकिप की पत्नी हतनेइकिम हाओकिप के रूप में हुई है, जिनकी गोली लगने से घटनास्थल पर ही मौत हो गई। उनके पति जांगखोंगम हाओकिप भी गोलियों की चपेट में आकर घायल हो गए, लेकिन वे किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से निकलने में सफल रहे।
दंपती का अब तक कोई सुराग नहीं
इस हमले के बाद दो अन्य यात्रियों का अब तक कुछ पता नहीं चल सका है। लापता नागरिकों की पहचान चासाद गांव के निवासी डी. पाओखोथांग हाओकिप और उनकी पत्नी बोईशी हाओकिप के रूप में की गई है। कुकी इनपि मणिपुर के अनुसार, इस हमले के पीछे की पूरी परिस्थितियों और लापता दंपती की मौजूदा स्थिति को लेकर स्थिति तुरंत स्पष्ट नहीं हो सकी है।
कुकी इनपि मणिपुर ने आम नागरिकों पर हुए इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। संगठन ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार से मांग की है कि वे आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कड़े कदम उठाएं और इस वारदात के लिए जिम्मेदार लोगों को कानून के कटघरे में खड़ा करें।
इलाके में पहले से बना हुआ है भारी तनाव
यह हमला मणिपुर के चुनिंदा इलाकों में कुकी और नगा समुदायों के बीच चल रही तनातनी के बीच हुआ है। इसी हफ्ते राज्य के अलग-अलग इलाकों में हुई हिंसा में कम से कम नौ लोगों की जान चली गई थी, जिससे संवेदनशील स्थिति और अधिक बिगड़ गई थी।
यह हालिया तनाव 9 और 10 अक्टूबर को 24 घंटों के भीतर कामजोंग, कांगपोकपी और उखरुल जिलों में भड़की नई हिंसा के दौरान देखने को मिला था। उस दौरान नागरिकों और ग्राम रक्षकों पर हमले, गोलीबारी और आगजनी की घटनाएं दर्ज की गई थीं, जिसने दोनों समुदायों के बीच अविश्वास और तनाव को गहरा कर दिया था।



















