सऊदी अरब के हवाई अड्डों पर उड़ानों की आवाजाही प्रभावित होने से संकट का सामना कर रहे भारतीय नागरिकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने पवित्र शहर मक्का में एक विशेष नियंत्रण कक्ष सक्रिय किया है, ताकि वहां मौजूद तीर्थयात्रियों को जमीनी स्तर पर सीधी सहायता दी जा सके। यह कदम मुख्य रूप से उमराह पर पहुंचे उन श्रद्धालुओं को ध्यान में रखकर उठाया गया है, जिनकी वापसी उड़ानों के रद्द होने या देरी के चलते अटक गई है।
मक्का में नया सहायता केंद्र और संपर्क सूत्र
दूतावास के अधिकारियों ने मक्का के इंडियन हज पिलग्रिम्स ऑफिस (आईएचपीओ) परिसर में इस अतिरिक्त नियंत्रण कक्ष को शुरू किया है। संकट में फंसे यात्री तुरंत सहायता प्राप्त करने के लिए विशेष फोन नंबर +966 553646966 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा जरूरतमंद लोग सीधे कार्यालय पहुंच सकें, इसके लिए डिजिटल मानचित्र पर भी इस केंद्र का सटीक स्थान साझा किया गया है।
प्रशासन ने साफ किया है कि जेद्दा स्थित मुख्य वाणिज्य दूतावास का नियंत्रण कक्ष चौबीसों घंटे पहले की तरह ही कार्य करता रहेगा। भारतीय नागरिक दोनों में से किसी भी केंद्र से संपर्क साधकर उड़ानों, वीजा तथा ठहरने से जुड़ी जरूरी सूचनाएं ले सकते हैं। इस पूरी आपातकालीन व्यवस्था की जानकारी एक्स पर साझा की गई, जिससे यात्रियों तक सही समय पर मार्गदर्शन पहुंच सके।
हज 2026 की समीक्षा और हज 2027 की नीतियां
एक तरफ जहां आपातकालीन स्थिति से निपटने के प्रयास तेज हैं, वहीं दूसरी तरफ आगामी धार्मिक यात्राओं की रूपरेखा भी तैयार की जा रही है। नई दिल्ली में संपन्न हुई एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने हालिया प्रबंधों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि संपन्न हुए हज 2026 में करीब 1.75 लाख भारतीय यात्रियों ने सऊदी अरब पहुंचकर वार्षिक धार्मिक यात्रा को सफलतापूर्वक पूरा किया था।
समीक्षा के तुरंत बाद अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने हज 2027 की आधिकारिक नीति जारी कर दी है। वर्ष 2027 के पवित्र सफर पर जाने की इच्छा रखने वाले भारतीय श्रद्धालु अब हज कमेटी ऑफ इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट अथवा समर्पित मोबाइल ऐप्लिकेशन हज सुविधा के जरिए अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। इसके साथ ही पिछले दिनों नेशनल अर्ली वॉर्निंग सिस्टम से संदेश प्रसारित होने के उपरांत मक्का सहित सऊदी अरब के कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा चौकसी अत्यधिक बढ़ा दी गई थी।



















