मिजोरम विधानसभा में राज्य के गृह मंत्री के सपडांगा ने जानकारी दी कि पड़ोसी देश म्यांमार से आए विस्थापित नागरिकों में से लगभग 99 प्रतिशत का बायोमेट्रिक पंजीकरण पूरा कर लिया गया है। गृह विभाग द्वारा 20 अगस्त तक तैयार किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, म्यांमार के कुल 29,575 नागरिक इस पूर्वोत्तर राज्य के विभिन्न हिस्सों में निवास कर रहे हैं। गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि इनमें से 98.90 प्रतिशत लोगों का बायोमेट्रिक विवरण दर्ज किया जा चुका है। इसके अलावा, पड़ोसी देश बांग्लादेश में बने सुरक्षा हालात के कारण अपना घर छोड़ने पर मजबूर हुए 2,000 से अधिक लोगों ने भी मिजोरम में शरण ली हुई है।
शरणार्थियों का विस्थापन और सांस्कृतिक संबंध
पड़ोसी देशों में जारी राजनीतिक अस्थिरता और सैन्य अभियानों के कारण मिजोरम में शरणार्थियों का आगमन हुआ है। म्यांमार से आए अधिकांश शरणार्थी चिन राज्य के निवासी हैं, जिन्होंने फरवरी 2021 में वहां हुए सैन्य तख्तापलट के बाद मिजोरम में शरण ली थी। दूसरी ओर, बांग्लादेश के चटगांव हिल ट्रैक्ट्स क्षेत्र से बांव जनजाति के लोग वर्ष 2022 में एक जातीय विद्रोही गुट के खिलाफ चलाए गए सैन्य अभियान के बाद अपनी जान बचाकर मिजोरम पहुंचे थे। म्यांमार के चिन समुदाय और बांग्लादेश के बांव समुदाय के लोगों के मिज़ो समाज के साथ गहरे जातीय, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध हैं, जिसके कारण उन्हें स्थानीय स्तर पर सामाजिक समर्थन प्राप्त हुआ है।
डिजिटल बायोमेट्रिक प्रक्रिया और प्रशासनिक खर्च
केंद्र सरकार से मिले निर्देशों के बाद पिछले वर्ष जुलाई के अंतिम सप्ताह में म्यांमार और बांग्लादेश से आए शरणार्थियों का बायोमेट्रिक नामांकन शुरू किया गया था। राज्य सरकार इस पूरी पंजीकरण प्रक्रिया को 'फॉरेनर्स आइडेंटिफिकेशन पोर्टल एंड बायोमेट्रिक एनरोलमेंट' (Foreigners Identification Portal and Biometric Enrollment) प्रणाली के माध्यम से संचालित कर रही है। गृह मंत्री के सपडांगा ने बताया कि राज्य सरकार ने अब तक शरणार्थियों के बायोमेट्रिक पंजीकरण कार्य पर 40.60 लाख रुपये खर्च किए हैं। उन्होंने यह भी साझा किया कि म्यांमार के शरणार्थियों के कल्याण और सहायता कार्यों के लिए केंद्र सरकार ने मिजोरम सरकार को वित्तीय सहायता प्रदान की है।
सीमा सुरक्षा सुदृढ़ीकरण और पुलिस भर्ती योजना
शरणार्थियों के प्रबंधन और पहचान प्रक्रिया के साथ-साथ मिजोरम सरकार म्यांमार से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पुलिस बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उपायों की समीक्षा कर रही है। सीमा पार से होने वाली गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने के उद्देश्य से चम्फाई जिले में स्थित नहलान पुलिस बीट पोस्ट को एक पूर्ण पुलिस थाने में बदलने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट स्थित होने के कारण चम्फाई जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करना बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके साथ ही गृह मंत्री ने बताया कि चालू वर्ष के दौरान राज्य पुलिस बल में 385 नए कर्मियों की भर्ती का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है।





















