असम के कामरूप जिले में गुरुवार तड़के एक पुलिस चौकी के भीतर फायरिंग की गंभीर वारदात सामने आई है, जिसमें असम पुलिस के दो जवानों की मौत हो गई। यह हिंसक घटना असम-मेघालय सीमा के पास स्थित बोको पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाली गेमेरीमुरा पुलिस चौकी पर हुई। पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, घटना सुबह 4 बजे से 5 बजे के बीच घटी, जब चौकी पर मौजूद पुलिसकर्मियों के बीच अचानक गोलीबारी शुरू हो गई। इस वारदात के बाद पूरे सीमावर्ती क्षेत्र में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।
मृतक अधिकारियों और आरोपी सिपाही की पहचान
गोलीबारी की इस घटना में जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों की पहचान प्रभारी अधिकारी इंद्रजीत बोरा और हवलदार फज्रुल अली के रूप में हुई है। गेमेरीमुरा पुलिस चौकी के प्रभारी के रूप में तैनात इंद्रजीत बोरा कामरूप जिले के चांगसारी इलाके के रहने वाले थे। वहीं इसी चौकी पर कार्यरत हवलदार फज्रुल अली सरभोग क्षेत्र के निवासी थे। इस दोहरे हत्याकांड का आरोप 29वीं असम पुलिस बटालियन से जुड़े पुलिस कांस्टेबल चिरंजीव चौधरी पर लगा है, जो मूल रूप से धुबरी जिले का रहने वाला है।
सरकारी हथियार से गोलीबारी और जांच की स्थिति
प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक, आरोपी कांस्टेबल चिरंजीव चौधरी ने अपने दोनों सहयोगियों पर सरकारी AK टाइप सर्विस राइफल से अचानक अंधाधुंध गोलियां चला दीं। गोली लगने से प्रभारी अधिकारी इंद्रजीत बोरा और हवलदार फज्रुल अली दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस प्रशासन के अनुसार, इस घातक हमले के पीछे की मुख्य वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है और यह पता लगाया जा रहा है कि किस विवाद के कारण आरोपी ने यह कदम उठाया।
सीमावर्ती इलाके में हड़कंप और पुलिस कार्रवाई
तड़के हुई इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। घटना के बाद से बोको और असम-मेघालय सीमा से सटे आसपास के इलाकों में गहरा शोक और डर व्याप्त है। पुलिस की उच्च स्तरीय टीम ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है, ताकि घटनाक्रम के सटीक समय और कारणों का पूरी तरह से खुलासा किया जा सके।



















