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मुरादाबाद में मोटे अनाज से बना पेरी-पेरी बिस्कुट हुआ लोकप्रिय, स्वाद के साथ सेहत का ख्यालमनी
19 अक्तू॰ 2026, 5:57 am (35 मिनट पहले)· 0

मुरादाबाद में मोटे अनाज से बना पेरी-पेरी बिस्कुट हुआ लोकप्रिय, स्वाद के साथ सेहत का ख्याल

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद स्थित कृषि प्रशिक्षण केंद्र ने शत-प्रतिशत मिलेट्स और ज्वार से स्वादिष्ट पेरी-पेरी बिस्कुट तैयार किया है, जिसकी मांग दिल्ली और हरियाणा तक फैल चुकी है।

पारंपरिक खान-पान और मोटे अनाज को बढ़ावा देने की दिशा में एक नया प्रयोग सामने आया है। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में सौ फीसदी मिलेट्स से तैयार पेरी-पेरी बिस्कुट लोगों के बीच काफी पसंद किया जा रहा है। मुंह में जाते ही घुल जाने वाला यह नमकीन स्नैक न केवल स्वाद में बेहतरीन है, बल्कि सेहत के लिहाज से भी काफी फायदेमंद साबित हो रहा है। मुरादाबाद मंडल के साथ-साथ अब दिल्ली, गुड़गांव और हरियाणा के तमाम इलाकों से भी इसकी लगातार मांग आ रही है।

मसालेदार स्वाद और मोटे अनाज का अनोखा संगम

मनोहरपुर में स्थित कृषि प्रशिक्षण केंद्र की पहल पर इस खास बिस्कुट को बाजार में उतारा गया है। संस्थान के सीईओ विकास कुमार के अनुसार, पेरी-पेरी मसाले का उपयोग ज्यादातर पोटैटो चिप्स और कुरकुरे जैसे तली-भुनी चीजों में किया जाता है। गहन शोध और कई परीक्षणों के बाद इस चटपटे मसाले को मिलेट्स के आटे में शामिल करने का फैसला किया गया। इस बिस्कुट के निर्माण में ज्वार का भी उचित मिश्रण किया गया है, जो इसके पोषण मूल्य को कई गुना बढ़ा देता है।

बच्चों के खान-पान की आदतों को ध्यान में रखते हुए इसे कुरकुरे के एक पौष्टिक विकल्प के तौर पर भी ढाला गया है। इस वजह से अभिभावक इसे अपने बच्चों को नाश्ते के रूप में बिना किसी चिंता के दे पा रहे हैं। स्वाद के मामले में यह बड़ों की शाम की चाय के साथ भी पूरी तरह फिट बैठता है।

कीमत, विभिन्न फ्लेवर और बाजार में पहुंच

बाजार में मिलेट्स से बने यह बिस्कुट आलू के स्वाद समेत कई अन्य फ्लेवर में उतारे गए हैं, लेकिन ग्राहकों के बीच सबसे ज्यादा दीवानगी पेरी-पेरी फ्लेवर को लेकर देखी जा रही है। अगर कीमत की बात करें तो 200 ग्राम का एक डिब्बा 130 रुपये में उपलब्ध कराया गया है। किफायती दाम और गुणवत्ता के चलते दिल्ली-एनसीआर से लेकर हरियाणा के खुदरा बाजारों में इसकी नियमित खपत शुरू हो गई है।

पाचन के लिए मुफीद और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सहारा

विकास कुमार ने स्पष्ट किया कि अत्यधिक फाइबर होने की वजह से यह बिस्कुट पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मदद करता है। मैदे से बने पारंपरिक बिस्कुटों की तुलना में यह शरीर को जरूरी पोषक तत्व प्रदान करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि मिलेट्स आधारित ऐसे उत्पादों की बढ़ती बिक्री से न केवल उपभोक्ताओं को स्वस्थ विकल्प मिल रहा है, बल्कि क्षेत्र के किसानों और नए उद्यमियों की आमदनी बढ़ाने में भी मदद मिल रही है।

सवाल-जवाब

मुरादाबाद में बना यह मिलेट्स बिस्कुट किस सामग्री से तैयार किया गया है?
यह बिस्कुट 100 प्रतिशत मिलेट्स और ज्वार के मिश्रण से तैयार किया गया है, जिसमें पेरी-पेरी मसाले का उपयोग हुआ है।
इस बिस्कुट के 200 ग्राम पैकेट की कीमत क्या है?
इसके 200 ग्राम के डिब्बे की कीमत 130 रुपये तय की गई है।
पेरी-पेरी के अलावा यह और किन स्वादों में उपलब्ध है?
यह बिस्कुट आलू के फ्लेवर सहित विभिन्न स्वादों में उपलब्ध है, हालांकि सबसे अधिक मांग पेरी-पेरी की ही है।
यह बिस्कुट स्वास्थ्य के लिए क्यों फायदेमंद माना जाता है?
इसमें फाइबर की भरपूर मात्रा मौजूद है, जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाए रखने में मदद करती है।
मुरादाबाद के अलावा यह बिस्कुट किन क्षेत्रों में लोकप्रिय हो रहा है?
इस बिस्कुट की मांग दिल्ली, गुड़गांव, हरियाणा और मुरादाबाद मंडल के विभिन्न इलाकों में तेजी से बढ़ रही है।
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