घरेलू सर्राफा बाजार में धनतेरस की जोरदार खरीदारी के बाद सोने की कीमतों में हल्का सुधार देखने को मिला है। पूरे देश में उपभोक्ताओं ने दिवाली से ठीक पहले सोने और चांदी की जमकर खरीदारी की, जिससे बाजार धारणा को बल मिला है। 8 नवंबर को मनाए जाने वाले दिवाली के मुख्य त्योहार और उसके फौरन बाद शुरू होने वाले शादियों के सीजन के कारण आने वाले दिनों में खुदरा मांग मजबूत बने रहने की संभावना है। इस त्योहारी खरीदारी ने घरेलू स्तर पर कीमती धातुओं की कीमतों को एक आवश्यक सहारा प्रदान किया है।
खुदरा बाजार में 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की ताजा दरें
बाजार में 7 नवंबर 2026 को 22 कैरेट सोने की कीमत 10 रुपये प्रति ग्राम बढ़कर 13,160 रुपये प्रति ग्राम दर्ज की गई। आभूषण निर्माण में सर्वाधिक इस्तेमाल होने वाले इस सोने की 8 ग्राम की कीमत अब 1,05,280 रुपये हो गई है। वहीं 10 ग्राम 22 कैरेट सोने का भाव 1,31,600 रुपये पर पहुंच गया है। थोक या बड़े पैमाने पर खरीदारी करने वाले ग्राहकों के लिए 100 ग्राम 22 कैरेट सोने का भाव 13,16,000 रुपये निर्धारित किया गया है।
दूसरी ओर हल्के आभूषणों के लिए लोकप्रिय 18 कैरेट सोने के दाम में भी प्रति ग्राम 9 रुपये का इजाफा देखा गया है। इसके बाद 18 कैरेट सोने की प्रति ग्राम दर 10,768 रुपये हो गई है। अगर 8 ग्राम के भाव की बात करें तो यह 86,144 रुपये पर बिक रहा है, जबकि 10 ग्राम की कीमत 1,07,680 रुपये दर्ज की गई है। 100 ग्राम 18 कैरेट सोने का कुल मूल्य अब 10,76,800 रुपये पर स्थिर है। त्योहारी सीजन में बजट खरीदार 18 कैरेट के विकल्पों पर भी काफी ध्यान दे रहे हैं।
नवंबर के पहले सप्ताह में सोने की कीमतों का उतार-चढ़ाव
पिछले एक सप्ताह के दौरान घरेलू सर्राफा बाजार में काफी अधिक उठापटक दर्ज की गई है। यह उतार-चढ़ाव काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमती धातुओं के रुझानों और मुद्रा बाजार के बदलावों से प्रेरित रहा है। 7 नवंबर 2026 को 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव 11 रुपये की तेजी के साथ 14,357 रुपये प्रति ग्राम हो गया, जबकि 22 कैरेट सोना 10 रुपये चढ़कर 13,160 रुपये प्रति ग्राम पर बंद हुआ।
इससे ठीक एक दिन पहले 6 नवंबर को दोनों श्रेणियों में उल्लेखनीय गिरावट आई थी। 24 कैरेट सोने का भाव 256 रुपये टूटकर 14,346 रुपये प्रति ग्राम पर आ गया था, जबकि 22 कैरेट सोने में 235 रुपये की कमजोरी दर्ज की गई थी और यह 13,150 रुपये प्रति ग्राम रह गया था। हालांकि 5 नवंबर को बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली थी, जब 24 कैरेट सोना 322 रुपये की छलांग लगाकर 14,602 रुपये प्रति ग्राम और 22 कैरेट सोना 295 रुपये चढ़कर 13,385 रुपये प्रति ग्राम के स्तर पर पहुंच गया था।
महीने की शुरुआत से ही कीमतों में लगातार बदलाव होते रहे। 4 नवंबर को 24 कैरेट सोना 316 रुपये उछलकर 14,280 रुपये प्रति ग्राम पर पहुंचा था, और 22 कैरेट का भाव 290 रुपये बढ़कर 13,090 रुपये प्रति ग्राम हो गया था। इससे पहले 3 नवंबर को 24 कैरेट सोने में 27 रुपये की मामूली बढ़त हुई थी और यह 13,964 रुपये प्रति ग्राम हुआ था, जबकि 22 कैरेट सोना 25 रुपये बढ़कर 12,800 रुपये प्रति ग्राम पर बिका। 2 नवंबर को 24 कैरेट की कीमत में 49 रुपये का इजाफा हुआ और यह 13,937 रुपये प्रति ग्राम पर पहुंच गया, जबकि 22 कैरेट सोना 45 रुपये चढ़कर 12,775 रुपये प्रति ग्राम हुआ। 1 नवंबर को बाजार पूरी तरह शांत रहा था, जहां 24 कैरेट सोना 13,888 रुपये प्रति ग्राम और 22 कैरेट सोना 12,730 रुपये प्रति ग्राम पर बिना किसी बदलाव के स्थिर बना रहा।
वायदा बाजार का हाल: एमसीएक्स पर सोना फिसला और चांदी संभली
हाजिर बाजार में जहां मामूली बढ़त दिखी, वहीं वायदा बाजार में अलग रुख देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 4 दिसंबर 2026 की समाप्ति वाले अनुबंध के लिए सोने का भाव शुक्रवार के कारोबारी सत्र में 1,731 रुपये यानी 1.20 प्रतिशत की बड़ी गिरावट के साथ 1,42,364 रुपये पर बंद हुआ। यह गिरावट वैश्विक स्तर पर हुई मुनाफावसूली को दर्शाती है।
इसके विपरीत एमसीएक्स पर चांदी के वायदा भाव में मजबूती देखने को मिली। 4 दिसंबर की समाप्ति वाले चांदी अनुबंध में 190 रुपये यानी 0.10 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और इसका निपटान 1,84,977 रुपये पर हुआ। चांदी की कीमतों में यह स्थिरता औद्योगिक मांग और त्योहारी खरीदारी दोनों के संयुक्त प्रभाव के कारण देखने को मिली है।
वैश्विक बाजार और केंद्रीय बैंकों का रुख
आईसीआईसीआई डायरेक्ट के अनुसार हाजिर सोना 4000 डॉलर के पास समर्थन पा सकता है और कमजोर डॉलर तथा अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी के कारण 4120 डॉलर की तरफ बढ़ सकता है। वैश्विक मौद्रिक नीति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। सीएमई फेडवॉच टूल के आंकड़े दर्शाते हैं कि व्यापारी अब दिसंबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की 64 प्रतिशत संभावना देख रहे हैं, जो पिछले सप्ताह के 84 प्रतिशत के अनुमान से काफी नीचे आ चुकी है।
इसके साथ ही केंद्रीय बैंकों की मजबूत खरीदारी भी सोने के भाव को वैश्विक स्तर पर सहारा दे रही है। केंद्रीय बैंकों ने 2026 की तीसरी तिमाही में सोने की खरीदारी की गति को बढ़ाया है, जो 2024 के अंत के बाद की सबसे तेज गति है। पोलैंड के केंद्रीय बैंक ने अपने विदेशी मुद्रा भंडार में 700 मीट्रिक टन सोना रखने का पूर्व निर्धारित लक्ष्य हासिल कर लिया है और आगे भी खरीदारी के विकल्प खुले रखे हैं। अब दुनिया भर के निवेशकों की निगाहें अमेरिकी गैर-कृषि पेरोल रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे मौद्रिक नीति के अगले कदमों का स्पष्ट संकेत मिलने की उम्मीद है।



















