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वॉल स्ट्रीट पर ऐतिहासिक तेजी के बीच डाउ जोंस 1,570 अंक उछला, नैस्डैक और एसएंडपी 500 भी चढ़ेमनी
5 नव॰ 2026, 8:33 am (13 मिनट पहले)· 0

वॉल स्ट्रीट पर ऐतिहासिक तेजी के बीच डाउ जोंस 1,570 अंक उछला, नैस्डैक और एसएंडपी 500 भी चढ़े

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव नतीजों, कच्चे तेल की कीमतों में 10 प्रतिशत की भारी गिरावट और बॉन्ड यील्ड में नरमी के दम पर डाउ जोंस ने अप्रैल 2025 के बाद का सबसे बड़ा एकदिवसीय उछाल दर्ज किया।

अमेरिकी शेयर बाजार में चौतरफा जोरदार लिवाली देखने को मिली, जहां प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स डाउ जोंस 1,500 से अधिक अंकों की छलांग लगाकर तीन महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। वॉल स्ट्रीट पर इस तूफानी तेजी की मुख्य वजह अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स की जीत, कच्चे तेल के दामों में आई लगभग 10 प्रतिशत की तेज गिरावट और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई नरमी रही। तकनीकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों यानी मैगनिफिसेंट 7 स्टॉक्स ने बाजार की इस जोरदार बढ़त का नेतृत्व किया, हालांकि गुरुवार के शुरुआती घंटों में अमेरिकी फ्यूचर्स में मिलाजुला रुख देखा गया।

प्रमुख अमेरिकी सूचकांकों का प्रदर्शन

डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज यानी DJIA इंडेक्स 1,569.40 अंक अथवा 3.03 प्रतिशत की छलांग लगाकर 53,356.12 के स्तर पर बंद हुआ। यह अप्रैल 2025 के बाद से इस सूचकांक का सबसे बेहतरीन एकल-दिवसीय प्रदर्शन रहा, जिसने इसे सीधे तीन महीने के शीर्ष पर पहुंचा दिया। वहीं दूसरी ओर, तकनीकी कंपनियों के प्रभुत्व वाला नैस्डैक कंपोजिट सूचकांक 364.50 अंक या 1.44 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,736.51 के स्तर पर बंद हुआ। इसके साथ ही एसएंडपी 500 इंडेक्स भी 119.70 अंक या 1.6 प्रतिशत चढ़कर 7,688.62 के स्तर पर बंद होने में कामयाब रहा।

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मैगनिफिसेंट 7 और दिग्गज शेयरों में जबरदस्त खरीदारी

बाजार की इस तेजी में बड़ी टेक कंपनियों और रिटेल दिग्गजों ने अग्रणी भूमिका निभाई। एप्पल इंक का शेयर 5.31 प्रतिशत उछला, जबकि अमेज़न के शेयरों में 6.12 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट का स्टॉक 3.2 प्रतिशत मजबूत हुआ, वहीं माइक्रोसॉफ्ट ने अपनी प्रतिद्वंद्वी कंपनियों को पछाड़ते हुए करीब 7 प्रतिशत की बढ़त हासिल की। टेक कंपनियों से इतर अन्य लार्ज-कैप शेयरों में भी रौनक रही; मैकडॉनल्ड्स 6.5 प्रतिशत और नाइकी 5.2 प्रतिशत ऊपर बंद हुए। वित्तीय क्षेत्र के दिग्गज जेपी मॉर्गन और मनोरंजन कंपनी वॉल्ट डिज़्नी के शेयरों में भी 4.18 प्रतिशत प्रत्येक का इजाफा देखा गया।

तिमाही नतीजों का असर और शेयरों की चाल

कंपनियों के तिमाही नतीजों पर भी निवेशकों की बारीक नजर बनी रही। ऐपलविन के शेयरों में शानदार तिमाही नतीजों और मजबूत भविष्य के मार्गदर्शन के दम पर आफ्टर-आवर्स ट्रेडिंग में 20 प्रतिशत से अधिक की जबरदस्त तेजी दर्ज की गई। इसके विपरीत, चिप निर्माता कंपनी क्वालकॉम के शेयर उम्मीद से बेहतर नतीजों की घोषणा के बावजूद 7 प्रतिशत से ज्यादा टूट गए।

मध्यावधि चुनाव नतीजे और राजनीतिक परिदृश्य

अमेरिकी कांग्रेस में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत का वित्तीय बाजारों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह इन नतीजों को स्वीकार करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और उन्होंने डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करने का वादा किया है। इस मध्यावधि चुनाव में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को भारी गिरावट का सामना करना पड़ा और वह केवल 40 सीटें ही जीत सकी। रिपब्लिकन पार्टी की इस करारी हार के पीछे जीवन-यापन की बढ़ती लागत, टैरिफ में बढ़ोतरी और ईरान संघर्ष के कारण पेट्रोल-डीजल की आसमान छूती कीमतें रहीं, जिसने आम नागरिकों के बीच भारी असंतोष पैदा किया था।

कच्चे तेल में गिरावट और भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर

ईरान के साथ समझौते के लिए बढ़ते राजनीतिक दबाव के संकेतों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड लगभग 10 प्रतिशत फिसलकर करीब $94.50 प्रति बैरल पर आ गया। इससे पहले कीमतों में आ रही धीमी गिरावट की तुलना में यह तेज गिरावट बेहद अहम मानी जा रही है। एचएसटी वेल्थ के संस्थापक और सीईओ हरिसैलवन राधाकृष्णन ने कहा कि यदि कच्चे तेल की कीमतों में यह गिरावट लंबे समय तक बरकरार रहती है, तो यह भारत के निकट अवधि के व्यापक आर्थिक परिदृश्य और कंपनियों के अर्निंग आउटलुक को ठोस सहारा दे सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी आगाह किया कि यह गिरावट किसी पक्के समझौते या ऊर्जा आपूर्ति की पूर्ण बहाली के बजाय केवल उम्मीदों पर टिकी है, जिससे किसी भी वार्ता में रुकावट आने पर कीमतें फिर से उछल सकती हैं।

ट्रेजरी यील्ड में नरमी और वैश्विक बाजार का रुख

विश्लेषकों के अनुसार अमेरिका की 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड घटकर लगभग 4.87 प्रतिशत के आसपास आ गई, जिससे वैश्विक इक्विटी पर वैल्यूएशन का दबाव कम हुआ है। हरिसैलवन राधाकृष्णन का कहना है कि यील्ड में नरमी, कच्चे तेल में गिरावट और सुधरती जोखिम लेने की क्षमता का यह मेल केवल सुरक्षित निवेश की मांग की वजह से गिरने वाली यील्ड की तुलना में भारत के लिए कहीं अधिक सकारात्मक है। दूसरी तरफ, एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने बताया कि जहां डाउ जोंस 3 प्रतिशत, एसएंडपी 500 1.58 प्रतिशत और नैस्डैक 0.91 प्रतिशत चढ़कर बंद हुए, वहीं एशियाई बाजारों में सुस्ती का माहौल रहा। जापान का निक्केई शुरुआती बढ़त गंवाकर लगभग 1 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा था, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी तकनीकी शेयरों में कमजोरी के कारण 3 प्रतिशत से अधिक टूटा।

फ्यूचर्स संकेत और आगे की दिशा

गुरुवार के शुरुआती कारोबार में अमेरिकी वायदा बाजारों से मिलेजुले संकेत मिले। डाउ जोंस फ्यूचर्स 131 अंक या 0.24 प्रतिशत की बढ़त के साथ 53,634 पर कारोबार कर रहा था, जबकि नैस्डैक फ्यूचर्स 109.50 अंक या 0.4 प्रतिशत की गिरावट के साथ 28,457.25 पर दर्ज किया गया। इसके अलावा, एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 2.50 अंक गिरकर 7,720.25 पर रहा। इस वैश्विक माहौल में विदेशी संस्थागत निवेशकों की लिवाली, कच्चे तेल के रुख और घरेलू सूचकांकों द्वारा शुरुआती बढ़त को बनाए रखने की क्षमता ही आगे बाजार की चाल तय करेगी।

सवाल-जवाब

डाउ जोंस इंडेक्स में कितनी बढ़त दर्ज की गई?
डाउ जोंस 1,569.40 अंक या 3.03 प्रतिशत उछलकर 53,356.12 के स्तर पर बंद हुआ, जो अप्रैल 2025 के बाद इसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी का प्रदर्शन कैसा रहा?
रिपब्लिकन पार्टी को भारी नुकसान हुआ और वह केवल 40 सीटें ही जीत सकी, जिसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने परिणामों को स्वीकार करने और डेमोक्रेट्स के साथ काम करने का वादा किया।
कच्चे तेल की कीमतों में कितनी गिरावट आई है?
ईरान के साथ समझौते की राजनीतिक उम्मीदों के चलते ब्रेंट क्रूड लगभग 10 प्रतिशत फिसलकर $94.50 प्रति बैरल के आसपास आ गया।
बाजार की इस तेजी में किन दिग्गज कंपनियों के शेयर सबसे ज्यादा चढ़े?
माइक्रोसॉफ्ट में लगभग 7 प्रतिशत, अमेज़न में 6.12 प्रतिशत, मैकडॉनल्ड्स में 6.5 प्रतिशत और एप्पल में 5.31 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड का ताजा स्तर क्या रहा?
अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड घटकर करीब 4.87 प्रतिशत पर आ गई, जिससे वैश्विक इक्विटी पर वैल्यूएशन दबाव कम हुआ।
तिमाही नतीजों के बाद किन दो कंपनियों के शेयरों में बड़ा अंतर दिखा?
शानदार नतीजों के बाद ऐपलविन आफ्टर-आवर्स में 20 प्रतिशत से ज्यादा उछल गया, जबकि बेहतर नतीजों के बावजूद क्वालकॉम के शेयरों में 7 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई।
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