त्योहारी सीजन के मुहाने पर खड़े खरीदारों और निवेशकों के लिए घरेलू सर्राफा बाजार ने नए महीने की शुरुआत राहत भरे संकेतों के साथ की है। धनतेरस और दिवाली पर्व नजदीक आने के बीच 2 नवंबर को भौतिक सोने के बाजार में कीमतों में सकारात्मक रुख देखा गया। पिछले महीने यानी अक्टूबर के दौरान आई भारी गिरावट के बाद यह सुधार देखने को मिला है। सोमवार को 24 कैरेट शुद्धता वाले सोने की कीमत में 100 ग्राम पर ₹4,900 तथा 10 ग्राम पर ₹490 की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसी तरह जेवराती मांग से जुड़े 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की दरों में भी उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की गई है।
बाजार के ताजा आंकड़ों के अनुसार 22 कैरेट सोने के भाव में सोमवार को 100 ग्राम के स्तर पर ₹4,500 और 10 ग्राम के स्तर पर ₹450 की बढ़त दर्ज हुई। हल्के आभूषणों में इस्तेमाल होने वाले 18 कैरेट सोने के दाम भी 100 ग्राम पर ₹3,700 और 10 ग्राम पर ₹370 मजबूत हुए हैं। वजन के छोटे पैमानों पर नजर डालें तो 8 ग्राम सोने का भाव 24 कैरेट वर्ग में ₹1,11,496, 22 कैरेट में ₹1,02,200 और 18 कैरेट श्रेणी में ₹83,624 दर्ज किया गया है।
अक्टूबर की भारी गिरावट के बाद लौटी खरीदारी
सोने की कीमतों में आई यह तेजी पिछले महीने की भारी बिकवाली के बाद दर्ज हुई है। अक्टूबर के दौरान सर्राफा बाजार गंभीर मंदी के दौर से गुजरा था, जब 24 कैरेट सोने की कीमत 100 ग्राम पर ₹103,600 और 10 ग्राम पर ₹10,360 टूट गई थी। सभी शुद्धता श्रेणियों में मिलाकर पिछले महीने कुल 7% की गिरावट देखी गई थी। महीने भर चली इस तेज गिरावट ने त्योहारों से ठीक पहले खुदरा खरीदारों और गहना कारोबारियों को सतर्क कर दिया था, लेकिन नवंबर के पहले कारोबारी सत्रों में रुझान पलटने के संकेत मिल रहे हैं।
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल में नरमी और एशियाई कारोबार
अंतरराष्ट्रीय बाजार में 2 नवंबर को एशियाई कारोबारी घंटों के दौरान सोने और चांदी दोनों में सुधार दर्ज किया गया। ऊर्जा की कीमतों में आई कमी ने महंगाई को लेकर निवेशकों की चिंताएं कुछ हद तक घटाई हैं। जियोटस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विक्रम सुब्बुराज ने बताया कि हाजिर सोना 0.6 प्रतिशत की बढ़त लेकर $3,899.39 प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि चांदी 1.3 प्रतिशत चढ़कर $49.76 पर दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड में 2 प्रतिशत की गिरावट आई और यह $111.15 प्रति बैरल पर आ गया, जिससे ऊर्जा लागत के दबाव में कमी आई है। ऊर्जा के ऊंचे दामों ने पहले ब्याज दरों के परिदृश्य को जटिल बना दिया था।
विक्रम सुब्बुराज के मुताबिक यह उछाल शुक्रवार की भारी गिरावट के बाद आया है, जब सोने में 3.7 प्रतिशत और चांदी में लगभग 6 प्रतिशत का नुकसान हुआ था। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि निवेशक टेक्नोलॉजी शेयरों में हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए सोने-चांदी की बिकवाली कर रहे थे। इसी दबाव के कारण सामान्य अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित निवेश की मांग होने के बावजूद सोने के भाव पहले तेजी से नीचे गिरे थे।
प्रमुख शहरों में 24, 22 और 18 कैरेट के खुदरा भाव
देश के प्रमुख शहरों में शुद्धता के आधार पर खुदरा भाव तय किए गए हैं। प्रमुख महानगरों में 24 कैरेट सोने का भाव ₹13,937 प्रति 1 ग्राम, ₹139,370 प्रति 10 ग्राम और ₹13,93,700 प्रति 100 ग्राम पर आ गया है। वहीं 22 कैरेट सोना इन केंद्रों पर ₹12,775 प्रति 1 ग्राम, ₹1,27,750 प्रति 10 ग्राम और ₹12,77,500 प्रति 100 ग्राम के स्तर पर स्थिर रहा। 18 कैरेट की श्रेणी में कीमतें ₹10,453 प्रति 1 ग्राम, ₹1,04,530 प्रति 10 ग्राम और ₹10,45,300 प्रति 100 ग्राम दर्ज की गईं।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोने के भाव अन्य शहरों की तुलना में सबसे ज्यादा दर्ज किए गए। 2 नवंबर को दिल्ली के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना ₹13,952 प्रति 1 ग्राम, ₹1,39,520 प्रति 10 ग्राम और ₹13,95,200 प्रति 100 ग्राम पर बिका। दिल्ली में 22 कैरेट सोने की दर ₹12,790 प्रति 1 ग्राम, ₹1,27,900 प्रति 10 ग्राम तथा ₹12,79,000 प्रति 100 ग्राम दर्ज की गई। 18 कैरेट के जेवर के लिए राजधानी में खरीदारों को ₹10,468 प्रति 1 ग्राम, ₹1,04,680 प्रति 10 ग्राम और ₹10,46,800 प्रति 100 ग्राम का भुगतान करना पड़ा।
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोना ₹13,937 प्रति 1 ग्राम, ₹1,39,700 प्रति 10 ग्राम और ₹13,93,700 प्रति 100 ग्राम पर दर्ज किया गया। 22 कैरेट सोने के भाव मुंबई में ₹12,775 प्रति 1 ग्राम, ₹1,27,750 प्रति 10 ग्राम और ₹12,77,500 प्रति 100 ग्राम रहे। 18 कैरेट वर्ग में मुंबई की कीमतें ₹10,453 प्रति 1 ग्राम, ₹1,04,530 प्रति 10 ग्राम और ₹10,45,300 प्रति 100 ग्राम पर रहीं।
वायदा बाजार और तकनीकी स्तरों का विश्लेषण
सोमवार के शुरुआती कारोबार में घरेलू वायदा बाजार यानी एमसीएक्स पर सोने के भाव में हल्की बढ़त देखने को मिली। एमसीएक्स सोना ₹319 या 0.23% चढ़कर लगभग ₹1,38,804 प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा था। दिन के सत्र के दौरान इसने ₹1,39,098 प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर को छुआ। हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाजिर सोना $3,900 प्रति औंस के करीब अपने एक साल के निचले स्तर के पास बना हुआ है। महीने-दर-महीने आधार पर यह धातु 6% गिर चुकी है, जबकि सालाना आधार पर इसमें 2.4% की गिरावट दर्ज की गई है।
एनरिच मनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने घरेलू वायदा बाजार की स्थिति का विश्लेषण करते हुए बताया कि एमसीएक्स चांदी के मुकाबले एमसीएक्स सोने में कम बढ़त दर्ज हो रही है। चांदी में अत्यधिक बिकवाली के बाद तेज तकनीकी सुधार दिख रहा है। उन्होंने बताया कि मजबूत रुपया भी घरेलू बाजार में सोने की बढ़त को सीमित कर रहा है। नजदीकी समय में रुख सतर्कता भरा बना हुआ है। भाव के ढांचे को स्थिर होने के लिए ₹1,40,000 से ₹1,41,000 के दायरे से ऊपर टिकना जरूरी है। इसके विपरीत, यदि कीमत ₹1,37,500 से ₹1,38,300 के स्तर से नीचे निर्णायक रूप से फिसलती है, तो ₹1,34,000 से ₹1,35,000 तक की और गिरावट आ सकती है।
हाजिर सोने के संदर्भ में पोनमुडी आर ने स्पष्ट किया कि टेक्नोलॉजी शेयरों में आई गिरावट के चलते तरल संपत्तियों की बिकवाली हुई, जिसमें सर्राफा भी शामिल था। इसके अलावा कच्चे तेल की पहले बढ़ी कीमतों ने फेडरल रिजर्व द्वारा दिसंबर में ब्याज दर बढ़ाए जाने की संभावनाओं को हवा दी, जिससे हाजिर सोना 12 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया। धातु में अक्टूबर में 7% से अधिक की गिरावट आई, जो लगातार दूसरे महीने मासिक गिरावट का संकेत है। तकनीकी दृष्टिकोण से संभलने के लिए भाव को $3,970 से $4,000 के ऊपर बने रहने की आवश्यकता है। यदि सोना $3,900 के नीचे निर्णायक रूप से टूटता है, तो यह $3,800 के स्तर की ओर फिसल सकता है।
अमेरिकी रोजगार आंकड़ों पर टिकी निवेशकों की नजर
आगे के बाजार रुझान के लिए वैश्विक निवेशकों की नजर अमेरिकी श्रम बाजार के आंकड़ों पर टिकी है। विक्रम सुब्बुराज ने बताया कि 6 नवंबर को जारी होने वाली अमेरिकी रोजगार रिपोर्ट बाजार के लिए अगली महत्वपूर्ण परीक्षा साबित होगी। रॉयटर्स के अनुसार अर्थशास्त्रियों का अनुमान 65,000 नई नौकरियों का है। यदि वेतन वृद्धि के आंकड़े उम्मीद से ज्यादा मजबूत आते हैं, तो ऊंची ब्याज दरों की संभावना और मजबूत होगी, जिससे सर्राफा पर दोबारा दबाव बढ़ सकता है।
उन्होंने निवेशकों को आगाह किया कि शुक्रवार को चांदी में आई करीब 6 प्रतिशत की गिरावट से बाजार में मौजूद उतार-चढ़ाव का अंदाजा लगाया जा सकता है। निवेशकों को अपने वायदा सौदों में जोखिम का प्रबंधन करना होगा। उन्होंने सलाह दी कि 6 नवंबर से पहले नए वायदा सौदों का आकार छोटा रखा जाए। 10 गुना लीवरेज के उदाहरण के साथ उन्होंने समझाया कि कीमत में केवल 1 प्रतिशत का विपरीत उतार-चढ़ाव ब्रोकरेज व शुल्कों से पहले ही शुरुआती मार्जिन का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा खत्म कर देता है।



















