इस साल इनकम टैक्स रिटर्न भरने का सिलसिला शुरू हो चुका है और नौकरी करने वालों से लेकर कारोबारियों तक, हर किसी को 31 जुलाई से पहले अपना आईटीआर दाखिल करना है। ज्यादातर टैक्सपेयर अब नए टैक्स रिजीम को चुनते हैं, लेकिन अगर आपने पढ़ाई के लिए एजुकेशन लोन ले रखा है तो पुराने रिजीम में जाकर आप हजारों रुपये की टैक्स छूट हासिल कर सकते हैं। रिटर्न भरने से पहले यह समझ लेना जरूरी है कि यह छूट किस तरह मिलती है और एक वित्तवर्ष में आप कितनी रकम पर दावा कर सकते हैं।
इनकम टैक्स की धारा 80ई इसी छूट का रास्ता खोलती है। हायर एजुकेशन के लोन पर चुकाए गए ब्याज पर यह राहत मिलती है और इसका फायदा कोई भी टैक्सपेयर उठा सकता है। खास बात यह है कि होम लोन की तरह यहां ब्याज पर छूट की कोई ऊपरी सीमा तय नहीं है। आप साल भर में जितना भी ब्याज चुकाते हैं, वह पूरी रकम टैक्स छूट के दायरे में आ जाती है। यही वजह है कि टैक्स बचाने के लिहाज से इस लोन को कई जानकार सबसे फायदेमंद मानते हैं।
किसकी पढ़ाई पर मिलती है यह राहत
यह सोचना गलत है कि छूट सिर्फ अपनी पढ़ाई के लिए लिए गए लोन पर ही मिलती है। चाहे रेगुलर कोर्स हो या वोकेशनल, हर तरह की पढ़ाई के लिए लिया गया लोन इस दायरे में आता है। आप यह लोन अपने लिए ले सकते हैं, अपनी पत्नी और बच्चों के लिए ले सकते हैं, और अगर आप किसी के लीगल गार्डियन हैं तो उसकी पढ़ाई के लिए लिए गए लोन पर भी छूट का दावा कर सकते हैं।
सिर्फ ब्याज पर, मूलधन पर नहीं
धारा 80ई के तहत हायर एजुकेशन लोन के ब्याज के रूप में आप जो भी रकम चुकाते हैं, वह पूरी तरह टैक्स फ्री हो जाती है। एक वित्तवर्ष में दिए गए ब्याज की पूरी रकम आईटीआर भरते वक्त छूट के लिए क्लेम की जा सकती है। लेकिन ध्यान रहे, यह राहत सिर्फ ब्याज तक सीमित है। लोन के मूलधन पर आपको कोई टैक्स छूट नहीं मिलेगी।
कब तक और किस शर्त पर मिलेगा फायदा
एजुकेशन लोन पर छूट का दावा अधिकतम 8 साल तक किया जा सकता है। जिस साल से आप लोन की किस्त चुकाना शुरू करते हैं, उसी के बाद से यह 8 साल की अवधि गिनी जाती है। अगर आपका लोन 8 साल से पहले ही चुक जाता है तो छूट की अवधि भी वहीं खत्म मान ली जाएगी। एक बात साफ है, परिवार से बाहर का कोई व्यक्ति या दोस्त अगर लोन लेता है तो उस पर यह छूट नहीं मिलती। छूट का हक सिर्फ उसी को है जो असल में लोन चुका रहा है। साथ ही, जो कोर्स आप कर रहे हैं वह सरकार की ओर से मान्यता प्राप्त हायर कोर्स की सूची में होना चाहिए।
आईटीआर में कैसे करें दावा
सबसे पहले अपने बैंक या संस्थान से ब्याज का सर्टिफिकेट ले लें। इसमें आपके चुकाए गए मूलधन और ब्याज का अलग-अलग ब्योरा दर्ज होता है। इसके बाद अपने आईटीआर फॉर्म में Deductions under Chapter VI-A वाले विकल्प पर जाएं और ब्याज की रकम भरकर छूट का दावा करें। आईटीआर में यह जानकारी देते समय जरूरत पड़ने पर आपको ब्याज का यह सर्टिफिकेट भी लगाना पड़ सकता है।













