अगर आप सोच-समझकर पैसा लगाने वाले निवेशक हैं, बड़ा जोखिम लेना पसंद नहीं करते और फिक्स्ड डिपॉजिट जैसी सुरक्षा को तरजीह देते हैं, तो लिक्विड म्यूचुअल फंड आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं। डेट पर आधारित ये स्कीमें पैसे को आसानी से निकालने की सुविधा, अपेक्षाकृत कम जोखिम और सामान्य सेविंग्स अकाउंट से बेहतर रिटर्न की संभावना देती हैं। इसी कैटेगरी में निप्पॉन इंडिया लिक्विड फंड और एक्सिस लिक्विड फंड सबसे आगे चल रहे हैं और दोनों ने तीन साल में लगभग 7% का रिटर्न दिया है।
लिक्विड फंड आखिर है क्या
कई बार बड़ी रकम को यूं ही सेविंग्स अकाउंट में रखने के बजाय लिक्विड फंड में लगाना ज्यादा फायदेमंद साबित होता है। ये एक तरह के डेट म्यूचुअल फंड होते हैं, जो ट्रेजरी बिल और कमर्शियल पेपर जैसे साधनों में पैसा लगाते हैं। ये बेहद सुरक्षित माने जाने वाले शॉर्ट टर्म डेट इंस्ट्रूमेंट होते हैं। ऐसे लोगों के लिए ये खासतौर पर बढ़िया हैं जो जरूरत पड़ने पर तुरंत अपना पैसा निकाल पाना चाहते हैं, लेकिन साथ ही आम बचत खाते से थोड़ा ज्यादा कमाना भी चाहते हैं।
आमने-सामने: रिटर्न, खर्च और साइज
दोनों फंड को इन अहम पैमानों पर परखें तो तस्वीर साफ हो जाती है।
- कैटेगरी: दोनों ही लिक्विड फंड हैं।
- बेंचमार्क: दोनों का बेंचमार्क निफ्टी लिक्विड इंडेक्स A-I है।
- रिस्कोमीटर: एक्सिस लिक्विड फंड लो टू मॉडरेट, जबकि निप्पॉन इंडिया लिक्विड फंड मॉडरेट।
- एयूएम (क्लोजिंग): एक्सिस लिक्विड फंड ₹62,841.16 करोड़, निप्पॉन इंडिया लिक्विड फंड ₹36,609.54 करोड़।
- एक्सपेंस रेशियो (रेगुलर प्लान): एक्सिस लिक्विड फंड 0.21%, निप्पॉन इंडिया लिक्विड फंड 0.34%।
- 3 साल का रिटर्न (रेगुलर): एक्सिस लिक्विड फंड 7.24%, निप्पॉन इंडिया लिक्विड फंड 7.19%।
- शुरुआत से रिटर्न: एक्सिस लिक्विड फंड 6.97%, निप्पॉन इंडिया लिक्विड फंड 6.84%।
यह आंकड़े 21 जून 2026 तक के एएमएफआई डेटा पर आधारित हैं।
रिटर्न में किसका पलड़ा भारी
परफॉर्मेंस के मामले में एक्सिस लिक्विड फंड ने निप्पॉन इंडिया लिक्विड फंड को मामूली अंतर से पीछे छोड़ा है। यह फर्क बहुत बड़ा नहीं है, क्योंकि दोनों फंड लगभग एक जैसी संपत्तियों में निवेश करते हैं। निवेशक के नजरिए से इसका मतलब साफ है कि दोनों फंड ने रिटर्न दिया है और इनके बीच का अंतर बेहद कम है।
सुरक्षा और लागत का पहलू
दोनों ही फंड का मकसद आपके पैसे को सुरक्षित रखना और जरूरत पड़ने पर उसे आसानी से उपलब्ध कराना है। इनमें एक्सिस लिक्विड फंड को थोड़ा ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। दोनों ही ऊंची गुणवत्ता वाले डेट इंस्ट्रूमेंट में पैसा लगाते हैं।
लागत के मोर्चे पर एक्सिस लिक्विड फंड सस्ता पड़ता है। इसका एक्सपेंस रेशियो 0.21% है, जबकि निप्पॉन इंडिया लिक्विड फंड का 0.34%। इसका सीधा फायदा यह है कि कमाई का बड़ा हिस्सा आपके पास ही रहता है।
कहां लगता है दोनों फंड का पैसा
दोनों फंड मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट और डेट इंस्ट्रूमेंट जैसी चीजों में निवेश करते हैं। एक्सिस लिक्विड फंड के पोर्टफोलियो में भारतीय रिजर्व बैंक, नाबार्ड, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा शामिल हैं। वहीं निप्पॉन इंडिया लिक्विड फंड के निवेश में भारतीय रिजर्व बैंक, एचडीएफसी बैंक, सिडबी, नाबार्ड और बैंक ऑफ बड़ौदा हैं।
तो आपके लिए कौन सा सही
अगर आप थोड़ा सस्ता और बड़े साइज वाला फंड चाहते हैं, तो एक्सिस लिक्विड फंड बेहतर हो सकता है। दूसरी तरफ निप्पॉन इंडिया लिक्विड फंड भी एक अच्छा विकल्प है, जिसका लिक्विड फंड कैटेगरी में लंबे समय तक बढ़िया प्रदर्शन का रिकॉर्ड रहा है। असल में यह पूरी तरह आपकी पसंद पर निर्भर करता है। इमरजेंसी सेविंग्स या शॉर्ट टर्म के पैसे को पार्क करने के लिहाज से ये दोनों ही फंड अच्छे साबित हो सकते हैं।
बस यह बात याद रखिए कि एक्सिस लिक्विड फंड और निप्पॉन इंडिया लिक्विड फंड का मकसद आपके पैसे को सुरक्षित और सुलभ बनाए रखना है, लंबी अवधि में मोटी कमाई कराना नहीं। एएमएफआई के मुताबिक, लिक्विड फंड जैसे शॉर्ट टर्म डेट फंड का मुख्य फोकस कूपन इनकम होता है। ऐसे फंड को इस आधार पर भी परखना चाहिए कि ज्यादा कूपन इनकम कमाने के लिए वे कितना क्रेडिट रिस्क उठा रहे हैं।













