घरेलू एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल करने वाले कई उपभोक्ताओं के मन में यह सवाल रहता है कि सिलेंडर बुक करने के बाद भी उनके बैंक खाते में सब्सिडी की राशि क्यों नहीं पहुंची। शिकायत दर्ज कराने या परेशान होने से पहले यह जानना बेहद जरूरी है कि आप इस योजना के तहत पात्र हैं या नहीं। इसके साथ ही यह जांचना भी आवश्यक है कि आपका एलपीजी कनेक्शन बैंक खाते से सही तरीके से जुड़ा हुआ है या नहीं और क्या बैंक के स्तर पर भुगतान प्रक्रिया में कोई रुकावट आई है। ऑनलाइन माध्यम से कोई भी उपभोक्ता अपने सब्सिडी ट्रांसफर का पूरा ब्योरा आसानी से देख सकता है।
प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत सब्सिडी के नियम और पात्रता
भारत सरकार देश के सभी घरेलू गैस उपभोक्ताओं को एक समान सब्सिडी प्रदान नहीं करती है। सरकार की ओर से लक्षित सब्सिडी मुख्य रूप से प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के लाभार्थियों को दी जाती है। इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर पर 300 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी को मंजूरी दी थी। यह लाभ एक वर्ष में अधिकतम नौ रिफिल तक सीमित रखा गया है। वहीं 5 किलोग्राम वाले छोटे सिलेंडरों के लिए सब्सिडी की राशि को आनुपातिक आधार पर निर्धारित किया जाता है।
सरकार द्वारा उज्जवला लाभार्थियों को दिए जाने वाले इस वित्तीय लाभ पर 12,000 करोड़ रुपये से अधिक का अनुमानित बजट खर्च होता है। यदि आप इस योजना के पात्र लाभार्थी हैं, फिर भी आपके खाते में सब्सिडी नहीं आई है, तो आपको सबसे पहले अपनी पात्रता और सिलेंडर बुकिंग की संख्या की जांच करनी चाहिए। उपभोक्ताओं को यह ध्यान रखना चाहिए कि हर रिफिल पर सब्सिडी मिलना तय नीतिगत नियमों पर निर्भर करता है। नया वित्तीय वर्ष शुरू होने पर किसी भी संशोधित सीमा या दर की जानकारी आधिकारिक पोर्टलों से जरूर जांच लेनी चाहिए।
आधिकारिक एलपीजी पोर्टल से सब्सिडी स्टेटस जांचने की प्रक्रिया
अगर आपको संदेह है कि सब्सिडी का पैसा अटक गया है, तो आप केंद्र सरकार के आधिकारिक पोर्टल https://mylpg.in के माध्यम से अपना पेमेंट स्टेटस जांच सकते हैं। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें
- पहला चरण: सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउजर में आधिकारिक गैस पोर्टल https://mylpg.in खोलें।
- दूसरा चरण: वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर जाएं और ऑनलाइन फीडबैक विकल्प पर क्लिक करें। वहां एलपीजी श्रेणी चुनें और फिर पहल यानी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण विकल्प के तहत सब्सिडी प्राप्त न होने से संबंधित विकल्प पर जाएं।
- तीसरा चरण: इसके बाद स्क्रीन पर मांगे गए ब्योरे के अनुसार अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर या फिर अपनी 17 अंकों की एलपीजी आईडी दर्ज करें।
- चौथा चरण: जानकारी दर्ज करने के बाद सिस्टम में आपकी सब्सिडी से जुड़ी पूरी सूची खुल जाएगी। इसमें सब्सिडी जारी होने की तिथि, भेजी गई राशि, सिलेंडर बुकिंग की तारीख और बैंक लेनदेन संख्या स्पष्ट दिखाई देगी।
- पांचवां चरण: पोर्टल पर दिए गए विवरण का मिलान अपने बैंक पासबुक या बैंक स्टेटमेंट की प्रविष्टियों से करें। खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण या पहल नाम से दर्ज लेनदेन की जांच करें।
सब्सिडी न मिलने पर क्या करें और कैसे सुधारें
यदि पोर्टल पर भुगतान सफल दिखाई देता है लेकिन बैंक खाते में राशि दर्ज नहीं है, तो अपने बैंक की नजदीकी शाखा से संपर्क करें। कई बार आधार कार्ड का बैंक खाते से लिंक न होना या प्रत्यक्ष लाभ अंतरण की सुविधा निष्क्रिय होना भी सब्सिडी रुकने की मुख्य वजह बनता है। अपनी तेल विपणन कंपनी के मोबाइल ऐप या वेबसाइट के जरिए भी बैंक विवरण और केवाईसी स्थिति को फिर से सत्यापित किया जा सकता है।



















