त्योहारी सीजन में आभूषण खरीदने वालों और सर्राफा बाजार में निवेश करने वालों के लिए 12 अक्टूबर 2026 को कीमतों में राहत देखने को मिली है। नवरात्रि के दूसरे दिन प्रमुख भारतीय महानगरों में सोने के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट शुद्धता वाले सोने में 100 ग्राम पर 4,400 रुपये की बड़ी गिरावट आई, जबकि 10 ग्राम का भाव 440 रुपये नीचे फिसल गया। इसके अलावा 8 ग्राम वाले सिक्के या आभूषण में 44 रुपये की कमी देखी गई और प्रति ग्राम कीमत में 44 रुपये का नुकसान दर्ज हुआ। इस हलचल के बीच देश के अलग-अलग प्रमुख शहरों में स्थानीय करों और चुंगी की वजह से कीमतों में अंतर बना हुआ है।
प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने की नई दरें
शुद्ध 24 कैरेट सोने के कारोबार में चेन्नई, मुंबई, पुणे, केरल, हैदराबाद, बेंगलुरु और कोलकाता में एक समान स्तर दर्ज किया गया। इन सभी केंद्रों में 100 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 15,09,800 रुपये रहा। वहीं 10 ग्राम की खरीद पर खरीदारों को 1,50,980 रुपये चुकाने पड़े और 1 ग्राम की दर 15,098 रुपये दर्ज की गई।
देश की राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने के दाम अन्य प्रमुख शहरों से अधिक रहे और 1.51 लाख रुपये के स्तर से ऊपर बने रहे। दिल्ली के बाजारों में 100 ग्राम सोना 15,11,300 रुपये पर पहुंच गया, जबकि 10 ग्राम का भाव 1,51,130 रुपये और 1 ग्राम का स्तर 15,113 रुपये पर स्थिर हुआ। गुजरात के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों अहमदाबाद और वडोदरा में स्थिति थोड़ी अलग रही, जहां 1 ग्राम सोना 15,103 रुपये, 10 ग्राम सोना 1,51,030 रुपये और 100 ग्राम सोना 15,10,300 रुपये के स्तर पर बिका।
22 कैरेट आभूषण सोने के खुदरा आंकड़े
पारंपरिक गहनों के लिए सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले 22 कैरेट सोने की दरों में भी नरमी का असर साफ नजर आया। चेन्नई, मुंबई, कोलकाता, केरल, हैदराबाद, पुणे और बेंगलुरु के खुदरा बाजारों में 22 कैरेट सोना प्रति ग्राम 13,840 रुपये पर उपलब्ध हुआ। इन शहरों में 10 ग्राम का भाव 1,38,400 रुपये रहा, जबकि 100 ग्राम के लिए खरीदारों को 13,84,000 रुपये का भुगतान करना पड़ा।
दिल्ली के आभूषण बाजार में 22 कैरेट सोना कुछ अधिक कीमत पर बिका। यहां 1 ग्राम का भाव 13,855 रुपये, 10 ग्राम का भाव 1,38,550 रुपये और 100 ग्राम का भाव 13,85,500 रुपये दर्ज किया गया। दूसरी ओर अहमदाबाद और वडोदरा में 10 ग्राम 22 कैरेट सोने की कीमत 1,38,450 रुपये, 1 ग्राम की कीमत 13,845 रुपये तथा 100 ग्राम की कीमत 13,84,500 रुपये रही।
18 कैरेट सोने के विभिन्न शहरों में भाव
बजट वर्ग और आधुनिक हल्के डिजाइनों के लिए 750 शुद्धता वाले 18 कैरेट सोने की काफी मांग रहती है। मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, दिल्ली, केरल, पुणे और हैदराबाद में 18 कैरेट सोने का भाव 11,324 रुपये प्रति ग्राम रहा। इन केंद्रों में 10 ग्राम का सौदा 1,13,240 रुपये में हुआ और 100 ग्राम का कुल मूल्य 11,32,400 रुपये दर्ज किया गया।
अहमदाबाद और वडोदरा के बाजारों में 18 कैरेट का भाव प्रति ग्राम 11,329 रुपये, 10 ग्राम का 1,13,290 रुपये और 100 ग्राम का 11,32,900 रुपये रहा। वहीं दक्षिण भारत के बड़े केंद्र चेन्नई में 18 कैरेट सोना सबसे महंगा रहा, जहां 1 ग्राम का दाम 11,370 रुपये, 10 ग्राम का 1,13,700 रुपये और 100 ग्राम का स्तर 11,37,000 रुपये तक दर्ज हुआ।
अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेत और विशेषज्ञों का आकलन
Giottus.com के सीईओ विक्रम सुब्बुराज के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतों से कुछ सहारा मिला है। एशियाई कारोबार की शुरुआत में हाजिर सोना लगभग 4,200.23 डॉलर प्रति औंस के आसपास दर्ज हुआ, जबकि अमेरिकी दिसंबर सोना वायदा 0.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,225.50 डॉलर पर पहुंचा। हाजिर चांदी भी 0.5 प्रतिशत सुधरकर 61.08 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। अमेरिकी डॉलर में नरमी और ट्रेजरी यील्ड में गिरावट से कीमती धातुओं को समर्थन मिला है। हालांकि, अमेरिकी मुद्रास्फीति के आगामी आंकड़े फेडरल रिजर्व के ब्याज दर मार्ग की उम्मीदों को बदल सकते हैं और नई अस्थिरता पैदा कर सकते हैं।
भारतीय निवेशकों के लिए उन्होंने कहा कि रुपया एक और महत्वपूर्ण कारक है। जब वैश्विक स्तर पर कीमती धातुओं पर दबाव होता है, तो मुद्रा की कमजोरी घरेलू कीमतों को सहारा दे सकती है। यह अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी आने पर घरेलू स्तर पर होने वाले लाभ को बढ़ा भी सकती है।
विशेषज्ञ ने आगे बताया कि सोने की निकट अवधि की तकनीकी स्थिति फिलहाल अपेक्षाकृत अधिक मजबूत दिखती है। चांदी में आई धीमी बढ़त को देखते हुए अधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। निवेशकों को अमेरिकी डॉलर, ट्रेजरी यील्ड, रुपये की चाल और आगामी मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए, उसके बाद ही मौजूदा हलचल को किसी स्थायी तेजी के रूप में देखा जाना चाहिए। यह भी ध्यान रखना चाहिए कि ये उद्धरण दिसंबर 2026 एमसीएक्स अनुबंधों के शुरुआती सत्र के भाव हैं, अंतिम बंद स्तर नहीं हैं।



















