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नवरात्रि के पावन पर्व पर बलूच समुदाय ने दिया सद्भाव का पैगाम, मां दुर्गा से मांगी सुख और शांतिछत्तीसगढ़
12 अक्तू॰ 2026, 6:41 pm (34 मिनट पहले)· 1

नवरात्रि के पावन पर्व पर बलूच समुदाय ने दिया सद्भाव का पैगाम, मां दुर्गा से मांगी सुख और शांति

रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान संगठन ने भारत और बलूचिस्तान के हिंदू समुदाय को नवरात्रि की बधाई देते हुए एकजुटता और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की कामना की है।

शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान संगठन ने भारत और बलूचिस्तान के हिंदू समुदाय को हार्दिक शुभकामनाएं भेजी हैं। 12 अक्टूबर 2026 को जारी किए गए इस विशेष संदेश में सभी लोगों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और बेहतर स्वास्थ्य की प्रार्थना की गई है। बलूच प्रतिनिधियों ने मां दुर्गा से विनती की कि वह हर व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों का डटकर मुकाबला करने का साहस दें, जीवन की मुश्किल चुनौतियों से जूझने का बल प्रदान करें और आने वाले कल के लिए एक नई उम्मीद जगाएं।

आपसी सौहार्द और सह-अस्तित्व की मजबूत डोर

इस संदेश के जरिए विभिन्न संस्कृतियों और आस्थाओं के बीच गहरी मित्रता को रेखांकित किया गया है। संगठन ने कहा कि यह पावन त्योहार सभी समाजों के बीच आपसी आदर, मेलजोल और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने का जरिया बनना चाहिए। पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया कि हर समाज और समूह को एक-दूसरे की धार्मिक मान्यताओं तथा सांस्कृतिक परंपराओं का दिल से सम्मान करना चाहिए, जिससे समाज में प्रेम और भाईचारा कायम रह सके।

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बलूच प्रतिनिधियों ने इस बात को प्रमुखता से रखा कि लोक पर्व केवल अनुष्ठान तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे विभिन्न समुदायों को एक मंच पर लाने का सबसे सुंदर माध्यम हैं। जब लोग एक-दूसरे के उत्सवों की भावनाओं का सम्मान करते हैं, तो इससे नफरत और दूरियों को मिटाने में बड़ी मदद मिलती है।

शक्ति की उपासना और नव रूपों का वंदन

नवरात्रि को आदिशक्ति मां दुर्गा की भक्ति और उनकी दिव्य ऊर्जा का उत्सव माना जाता है। इस नौ दिवसीय आराधना के दौरान श्रद्धालु देवी दुर्गा के नौ अलग-अलग दिव्य स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं। यह पावन पर्व सदियों से अधर्म पर धर्म की जीत, अंधकार पर प्रकाश की विजय और आंतरिक भय पर आस्था की जीत का प्रतीक रहा है। शुभकामना पत्र में उम्मीद जताई गई कि देवी का यह आशीर्वाद हर परिवार की दहलीज तक पहुंचे और सभी के घरों में संपन्नता तथा खुशहाली का स्थायी वास हो।

सद्भाव के साथ संदेश का समापन

रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान ने अपने इस बधाई पत्र का अंत पूरी आत्मीयता के साथ ‘हैप्पी नवरात्रि’ और ‘जय माता दी’ के जयकारे के साथ किया। 12 अक्टूबर 2026 को साझा किए गए इस वक्तव्य में हिंदू समुदाय के प्रति गहरा आदर और एकजुटता व्यक्त की गई। इस तरह के सांस्कृतिक संदेश दूरियों को पाटने और सीमाओं के पार मानवीय संवेदनाओं को जीवंत रखने की दिशा में एक अहम कड़ी के रूप में देखे जाते हैं।

सवाल-जवाब

यह शुभकामना संदेश किस संगठन की ओर से जारी किया गया?
यह संदेश रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान संगठन की ओर से जारी किया गया है।
यह संदेश किन लोगों को संबोधित किया गया था?
यह शुभकामना पत्र भारत और बलूचिस्तान के हिंदू समुदाय को संबोधित करके भेजा गया था।
संदेश में मां दुर्गा से क्या प्रार्थना की गई?
संदेश में मां दुर्गा से सभी के लिए सुख, शांति, समृद्धि, बेहतर स्वास्थ्य और चुनौतियों से लड़ने का साहस मांगा गया।
यह संदेश किस तारीख को जारी किया गया था?
यह शुभकामना संदेश 12 अक्टूबर 2026 को जारी किया गया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Ravikash Gupta@ravikash·2 मिनट पहले

सीमापार से ऐसे संदेश अच्छे तो लगते हैं, पर ज़मीनी हक़ीक़त में इससे कुछ बदलेगा, ऐसा लगता नहीं। सियासत अपनी जगह है और प्यार की बातें अपनी जगह।

Arjun Mehta@arjun-mehta·2 मिनट पहले

रविकेश जी, 'जय माता दी' वाला अंत वाकई हैरान करने वाला है। सियासत अपनी जगह सही, पर सरहद पार से ऐसा अपनापन देखना अच्छा लगा।

Rohan Verma@rohan-verma·12 मिनट पहले

सीमाओं के पार से इस तरह का पैगाम आना वाक़ई सुकून देता है। आज के दौर में जब हर तरफ़ दूरियां बढ़ रही हैं, ऐसे संदेश इंसानियत की उम्मीद जगाते हैं।

Karan Malhotra@karan-malhotra·12 मिनट पहले

रोहन भाई, बात तो अच्छी है पर ज़मीनी हक़ीक़त से कितनी मेल खाती है, कहना मुश्किल है। काग़ज़ी बयानों और ज़मीन पर हालात में बहुत फ़र्क़ होता है।

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