अंतरराष्ट्रीय वित्तीय हलकों में अमेरिकी बैंकिंग तनाव की चिंताओं के बावजूद घरेलू इक्विटी बाजारों में जोरदार लिवाली देखने को मिली। वैश्विक रुझानों के साथ तालमेल बिठाते हुए भारतीय सूचकांकों ने सप्ताह के दौरान सकारात्मक गति पकड़ी। इस उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी माहौल में मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने चुनिंदा शेयरों पर दांव लगाने की सलाह दी है, जिसमें टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और टाटा मोटर्स जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं।
घरेलू सूचकांकों में उछाल और प्रमुख क्षेत्रों की स्थिति
अमेरिकी निजी बैंकों के एक समूह द्वारा फर्स्ट रिपब्लिक बैंक को 30 अरब डॉलर का राहत पैकेज देने की घोषणा के बाद भारतीय बाजारों ने वैश्विक रैली में हिस्सा लिया। निफ्टी गैप-अप के साथ खुला और दिनभर के उतार-चढ़ाव भरे सत्र के बावजूद दिन के उच्चतम स्तर के करीब बंद होने में कामयाब रहा। निफ्टी ने 114 अंकों यानी 0.7 प्रतिशत की बढ़त दर्ज करते हुए 17100 के स्तर पर कारोबार समाप्त किया।
व्यापक बाजार में भी 0.3 प्रतिशत से 0.7 प्रतिशत तक की मजबूती दर्ज की गई। इसी दौरान बाजार के डर को मापने वाला सूचकांक इंडिया विक्स 9 प्रतिशत गिरकर 17.77 के स्तर पर आ गया, जो निवेशकों की घबराहट में कमी का संकेत देता है। सेक्टोरल मोर्चे पर रियल्टी और मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी दर्ज की गई, जिनके पीछे बैंकिंग और आईटी शेयर रहे। इसके विपरीत फार्मा, एफएमसीजी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में कमजोरी देखने को मिली।
टाटा समूह के दिग्गजों पर भरोसा
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने मौजूदा बाजार स्थितियों के बीच जिन शेयरों को खरीदने की सिफारिश की है, उनमें टाटा समूह की दो बड़ी कंपनियां शामिल हैं। ब्रोकरेज ने ऑटो दिग्गज टाटा मोटर्स और देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर निर्यातक कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज पर अपनी सकारात्मक राय बरकरार रखी है। अमेरिकी बैंकिंग दबाव के कारण एसेट कीमतों पर दबाव बना हुआ है, लेकिन चुनिंदा लार्ज-कैप शेयरों में दीर्घकालिक अवसर नजर आ रहे हैं।
विशेषज्ञ का दृष्टिकोण और फेडरल रिजर्व से उम्मीदें
बाजार की दिशा पर टिप्पणी करते हुए मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के रिटेल रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने बताया कि आने वाले दिनों में बाजार में एक अल्पकालिक पुलबैक की उम्मीद है। उनके अनुसार, अमेरिका में उत्पादक मूल्य सूचकांक मुद्रास्फीति में गिरावट और खुदरा बिक्री के कमजोर आंकड़ों के कारण अगले सप्ताह होने वाली फेडरल रिजर्व की पॉलिसी बैठक में ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की मामूली बढ़ोतरी की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
हालांकि, खेमका ने आगाह किया कि बाजार का समग्र ढांचा अब भी कमजोर है, इसलिए व्यापारियों को ऊंचे स्तरों पर सतर्क रुख अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चीन के केंद्रीय बैंक द्वारा अपनी अर्थव्यवस्था को गति देने के उद्देश्य से सीआरआर में 25 आधार अंकों की कटौती के बाद मेटल शेयरों में कुछ गति देखने को मिल सकती है।
रियल्टी और कमोडिटी से जुड़े क्षेत्रों पर नजर
अन्य क्षेत्रों के रुझानों का जिक्र करते हुए सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि डीएलएफ द्वारा रिकॉर्ड बिक्री वृद्धि की घोषणा के बाद रियल्टी शेयरों में लगातार लिवाली देखी जा रही है। इसके साथ ही, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 15 महीने के निचले स्तर पर मंडरा रही हैं। कच्चे तेल में आई इस सुस्ती का सीधा लाभ सीमेंट, पेंट्स और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को मिल सकता है, जिसके चलते आने वाले कारोबारी सत्रों में ये सभी क्षेत्र निवेशकों के फोकस में बने रहेंगे।
















