शादियों में छाया सेलिब्रिटी लुक वाली इमिटेशन ज्वेलरी का जादू, किराए पर लेने की भी सुविधाहंटर्स मून गेम रिव्यू (2026): 17वीं सदी के इंग्लैंड में डायन शिकार के खौफ की दास्तानडाकघर की पीपीएफ योजना से 15 साल में तैयार करें 40 लाख का फंड, जानें निवेश का पूरा गणितफिटबिट एज का अधिकतम लाभ उठाने के लिए 10 स्मार्ट ट्रिक्स और छिपे हुए फीचर्सकपिल शर्मा के मंच पर पहुंचे शाहिद कपूर, मीरा राजपूत और ईशान खट्टर, सुनाए शादी और फिल्मों के दिलचस्प किस्सेअमेरिका में विरोध की आवाज़ दबाने को डीएचएस ने झोंकी पूरी ताकत, निगरानी के लिए उतारे रीपर ड्रोनइजरायल में त्रिशंकु संसद के आसार, एग्जिट पोल में नेतन्याहू और विपक्ष दोनों बहुमत से दूरखेल उपकरण निर्माण को पंख देने के लिए मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला, 1856.67 करोड़ रुपये की नई योजना स्वीकृतपंजाब नेशनल बैंक के निष्क्रिय खातों पर बड़ी कार्रवाई, 10 नवंबर तक प्रक्रिया पूरी न करने पर बंद होंगे खातेएशियाई टेक मंच पर सोनी और सैमसंग को टक्कर देने की तैयारी में जियो, जानिए बाजार विश्लेषकों का आकलन
बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक समीक्षा पर टिकी निगाहें, काजुओ उएदा के बयानों से तय होगी जापानी येन की चालबाज़ार
29 अक्तू॰ 2026, 7:24 am (5 मिनट पहले)· 0

बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक समीक्षा पर टिकी निगाहें, काजुओ उएदा के बयानों से तय होगी जापानी येन की चाल

बैंक ऑफ जापान की आगामी मौद्रिक बैठक में ब्याज दरें 1.25 प्रतिशत पर स्थिर रहने का अनुमान है, लेकिन गवर्नर काजुओ उएदा के रुख से यह तय होगा कि दिसंबर में दर वृद्धि होगी या नहीं।

USD/JPY━SMA20 ━SMA50 · RSI · MACD
Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण29 अक्टूबर 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

USD/JPY अभी 158 पर है, जबकि EMA20 158, EMA50 158 और EMA200 158 पर हैं।

आगे संभावित चाल

EMA50 (158) के ऊपर बंद होने पर तेजी, EMA200 (158) टूटने पर गिरावट खुलती है।

RSIRelative Strength Index (14)

यह क्या है

RSI 0 से 100 तक का मोमेंटम मापक है जो हालिया बढ़त बनाम गिरावट दिखाता है। 70 के ऊपर ओवरबॉट (खिंचा हुआ), 30 के नीचे ओवरसोल्ड (बिकवाली से थका), और 50 तटस्थ रेखा है।

अभी यह कहाँ है

USD/JPY का RSI 50 है।

आगे संभावित चाल

60 के ऊपर बढ़त या 40 के नीचे फिसलन पर नजर रखें।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में जापानी येन की चाल को लेकर निवेशकों का ध्यान अब पूरी तरह से बैंक ऑफ जापान की शुक्रवार को होने वाली अहम बैठक पर केंद्रित हो चुका है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोरी का सामना कर रही जापानी मुद्रा हालिया निचले स्तरों के आसपास संघर्ष कर रही है। बाजार के विश्लेषक अब केवल यह नहीं देख रहे हैं कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में दोबारा इजाफा करेगा या नहीं, बल्कि सबसे बड़ा सवाल यह बन चुका है कि मौद्रिक सख्ती का अगला कदम कब उठाया जाएगा। यदि केंद्रीय बैंक की ओर से सख्त रुख के स्पष्ट संकेत मिलते हैं, तो दिसंबर में नीतिगत दरों में बढ़ोतरी की संभावनाएं काफी मजबूत हो जाएंगी, जिससे येन को नई ताकत मिल सकती है। इसके विपरीत, यदि केंद्रीय बैंक के अधिकारी अत्यधिक सतर्कता भरा रुख अपनाते हैं, तो जापानी मुद्रा पर बिकवाली का दबाव एक बार फिर से गहरा सकता है।

शुक्रवार की मौद्रिक नीति बैठक और यथास्थिति के आसार

व्यापक बाजार अनुमानों के अनुसार, बैंक ऑफ जापान इस शुक्रवार को अपनी मानक ब्याज दर को 1.25 प्रतिशत के स्तर पर अपरिवर्तित रख सकता है। उल्लेखनीय है कि सितंबर में ब्याज दरों को बढ़ाकर 31 वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंचाया गया था। इस स्तर पर दरों को थामने से नीति निर्माताओं को यह समझने का अवसर मिलेगा कि पूर्ववर्ती बढ़ोतरी का वास्तविक अर्थव्यवस्था और वित्तीय तंत्र पर क्या प्रभाव पड़ा है। 14 अक्टूबर से 26 अक्टूबर के बीच 16 अर्थशास्त्रियों और विश्लेषकों के बीच किए गए एक सर्वेक्षण में शामिल सभी प्रतिभागियों ने माना कि इस सप्ताह ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा। हालांकि, इनमें से अधिकांश का यह भी आकलन है कि केंद्रीय बैंक दिसंबर या आगामी जनवरी में एक और ब्याज दर वृद्धि को अंजाम दे सकता है।

ये भी पढ़ें

मुद्रास्फीति लक्ष्य और नीतिगत रणनीति में बदलाव

यह बैठक जापान की दीर्घकालिक मौद्रिक नीति रणनीति में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है। केंद्रीय बैंक औपचारिक रूप से यह स्वीकार कर सकता है कि देश में अंतर्निहित मुद्रास्फीति 2 प्रतिशत के लक्ष्य तक पहुंच चुकी है। जापान ने कीमतों में वृद्धि को प्रोत्साहित करने के लिए वर्षों तक आक्रामक प्रयास किए हैं। अब केंद्रीय बैंक का मुख्य उद्देश्य महंगाई को निरंतर भड़काने के बजाय 2 प्रतिशत के आसपास स्थायी रूप से स्थिर बनाए रखना होगा। रणनीति में यह बदलाव इस बात को पुष्ट करता है कि यदि मुद्रास्फीति में तत्काल कोई बड़ी तेजी नहीं भी आती है, तब भी ब्याज दरों में भविष्य में बढ़ोतरी पूरी तरह से जायज ठहराई जा सकती है। हालिया आर्थिक आंकड़े यह भी दर्शाते हैं कि महंगाई का दबाव अब केवल ऊर्जा की कीमतों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों में भी धीरे-धीरे पैर पसार रहा है।

मजबूत वेतन वृद्धि और घरेलू मांग का सहारा

जापान में वेतन वृद्धि भी केंद्रीय बैंक के नीतिगत फैसलों का एक अहम आधार बनकर उभरी है। आधिकारिक सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में जापान के वास्तविक यानी मुद्रास्फीति समायोजित वेतन में सालाना आधार पर 1.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह लगातार आठवां महीना रहा जब कर्मचारियों की कमाई में यह सकारात्मक रुझान देखा गया। वेतन में होने वाला यह निरंतर सुधार इस बात की संभावना को बढ़ाता है कि मुद्रास्फीति को घरेलू खपत और आंतरिक मांग से लगातार सहारा मिलता रहेगा। यह स्थिति मौद्रिक नीति के क्रमिक सामान्यीकरण के पक्ष को और अधिक मजबूती प्रदान करती है।

ऊर्जा लागत का दबाव और वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट

दूसरी तरफ, बैंक ऑफ जापान को ऊर्जा की ऊंची कीमतों से अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों को भी ध्यान में रखना पड़ रहा है। कच्चे तेल और ईंधन की कीमतों में इजाफे का सीधा असर आम परिवारों की घरेलू खपत और कारोबारी कंपनियों के मुनाफे पर पड़ता है। केंद्रीय बैंक द्वारा शुक्रवार को जारी अपनी अर्धवार्षिक वित्तीय प्रणाली रिपोर्ट में रेखांकित किया गया कि जापान की समग्र वित्तीय प्रणाली व्यापक रूप से स्थिर बनी हुई है। इसके बावजूद, रिपोर्ट में इस बात को लेकर आगाह किया गया कि ऊर्जा और कच्चे माल की बढ़ती लागत छोटे और मध्यम आकार के उद्यमों पर भारी वित्तीय दबाव डाल रही है। यही कारण है कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में अचानक तेज बढ़ोतरी करने के बजाय अत्यंत संतुलित और क्रमिक कदमों को प्राथमिकता दे रहा है।

काजुओ उएदा की प्रेस कॉन्फ्रेंस बनेगी सबसे बड़ा ट्रिगर

शुक्रवार को बैंक ऑफ जापान के गवर्नर काजुओ उएदा द्वारा संबोधित की जाने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस विदेशी मुद्रा बाजार के लिए मुख्य उत्प्रेरक साबित होगी। दाइवा सिक्योरिटीज के अनुसार, बाजार की नजर विशेष रूप से तीन बिंदुओं पर रहेगी: पहला, 2 प्रतिशत की अंतर्निहित मुद्रास्फीति की औपचारिक स्वीकृति; दूसरा, दिसंबर में दर वृद्धि के संभावित संकेत; और तीसरा, देश की वित्तीय परिस्थितियों का आधिकारिक मूल्यांकन।

गवर्नर के शब्दों का चयन बाजार की दिशा बदलने की ताकत रखता है। दाइवा सिक्योरिटीज ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि निवेशक इस बात का बारीकी से परीक्षण करेंगे कि उएदा अपने पारंपरिक रुख पर कायम रहते हुए यह कहते हैं कि फैसले हर बैठक में परिस्थितियों के आधार पर लिए जाएंगे, या फिर वे अधिक प्रत्यक्ष संकेत देते हुए अगली बैठक या उसके बाद समीक्षा की भाषा का प्रयोग करते हैं। यदि वे आगामी बैठकों में विचार-विमर्श का स्पष्ट संकेत देते हैं, तो इसे दिसंबर में दर वृद्धि की सीधी चेतावनी माना जाएगा। इसके अलावा, केंद्रीय बैंक के तिमाही आर्थिक अनुमान भी चर्चा के केंद्र में होंगे। उच्च तेल कीमतों के चलते बैंक ऑफ जापान वित्त वर्ष 2027 के लिए अपने मुद्रास्फीति अनुमानों में मामूली बढ़ोतरी कर सकता है।

सावधानी भरा रुख येन की बढ़त को कर सकता है सीमित

अत्यधिक सतर्क बयानबाजी बाजार के बड़े हिस्से को निराश भी कर सकती है। एमयूएफजी के विश्लेषकों का मानना है कि काजुओ उएदा की संवाद शैली निकट भविष्य में जापानी येन की मजबूती को सीमित रख सकती है। बाजार में दिसंबर की संभावित दर वृद्धि को लगभग 80 प्रतिशत तक पहले ही शामिल मान लिया गया है। ऐसे में यदि उएदा कोई आक्रामक संकेत नहीं देते हैं, तो येन में संभावित उछाल रुक सकता है। एक सकारात्मक परिदृश्य में यदि बैंक ऑफ जापान यह दोहराता है कि अंतर्निहित मुद्रास्फीति अपने लक्ष्य तक पहुंच चुकी है और मौद्रिक स्थितियां अभी भी अनुकूल हैं, तो दिसंबर में बढ़ोतरी का रास्ता साफ रहेगा। इसके विपरीत, यदि उएदा अतिरिक्त आर्थिक आंकड़ों की समीक्षा पर जोर देते हैं, आर्थिक वृद्धि से जुड़े जोखिमों को उजागर करते हैं या दिसंबर को लेकर कोई भी मार्गदर्शन देने से बचते हैं, तो निवेशक दरों में वृद्धि की उम्मीदों को घटा देंगे और येन में गिरावट बढ़ जाएगी।

विदेशी मुद्रा बाजार में तकनीकी स्तर और मौजूदा स्थिति

दैनिक तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो अमेरिकी डॉलर और जापानी येन का युग्म यानी USD/JPY 158.54 के 200 दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज और 159.27 के 100 दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज के ठीक नीचे कारोबार कर रहा है। मुद्रा युग्म 155.00 से 156.00 के प्रमुख सपोर्ट दायरे और 159.00 से 160.70 के रेजिस्टेंस क्षेत्र के बीच फंसा हुआ है। 52 के आसपास बना रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI तटस्थ गति की ओर इशारा कर रहा है।

लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार, USD/JPY वर्तमान में 157.75 पर बना हुआ है, जबकि इसका पिछला बंद 157.99 पर था, जो 0.15 प्रतिशत की दैनिक गिरावट दर्शाता है। इसका 52 सप्ताह का दायरा 152.28 से 163.98 का रहा है। लाइव संकेतकों में RSI 50 के स्तर पर है, जबकि MACD 0.00 पर है जिसका सिग्नल 0.07 और हिस्टोग्राम -0.06 पर मंदी का रुख दर्शा रहा है। मूविंग एवरेजेज के तहत 20 दिवसीय EMA 157.72, 50 दिवसीय EMA 157.93, 200 दिवसीय EMA 157.85 तथा 50 दिवसीय SMA 157.47 पर है। मूल्य बोलिंगर बैंड के 156.94 से 158.91 के दायरे में है, जबकि ADX 11 के साथ कमजोर ट्रेंड को दर्शा रहा है। पिवट 157.84 पर है, जहां पहला रेजिस्टेंस 157.98 व दूसरा 158.21 है, जबकि पहला सपोर्ट 157.61 व दूसरा सपोर्ट 157.46 पर स्थित है। यदि बैंक ऑफ जापान की ओर से सख्त रुख आता है तो यह 156.00 और उसके बाद 155.00 तक गिर सकता है। दूसरी ओर, यदि बयान सतर्क रहे तो डॉलर के मुकाबले येन कमजोर होकर 159.00 से 160.70 तक चढ़ सकता है।

बैंक ऑफ जापान की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और नीतिगत बदलाव

बैंक ऑफ जापान देश का केंद्रीय बैंक है, जिसका दायित्व मुद्रा जारी करना और लगभग 2 प्रतिशत की मुद्रास्फीति के साथ मूल्य स्थिरता बनाए रखना है। बैंक ने 2013 में अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए अत्यधिक उदार मौद्रिक नीति अपनाई थी। इसके तहत बड़े पैमाने पर सरकारी और कॉरपोरेट बॉन्ड खरीदकर तरलता बढ़ाने के लिए क्वांटिटेटिव एंड क्वालिटेटिव ईजिंग यानी QQE की शुरुआत की गई। 2016 में केंद्रीय बैंक ने पहले नकारात्मक ब्याज दरें लागू कीं और फिर 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड के यील्ड को सीधे नियंत्रित करने की व्यवस्था बनाई। लंबे प्रोत्साहन के बाद आखिरकार मार्च 2024 में बैंक ऑफ जापान ने इस अत्यधिक ढीली नीति को समाप्त करते हुए ब्याज दरें बढ़ाना शुरू किया।

इस भारी मौद्रिक प्रोत्साहन के कारण जापानी येन में ऐतिहासिक कमजोरी देखी गई थी। 2022 और 2023 में यह गिरावट इसलिए और तेज हो गई क्योंकि दुनिया भर के अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों ने रिकॉर्ड महंगाई से निपटने के लिए ब्याज दरों में अभूतपूर्व बढ़ोतरी की, जबकि बैंक ऑफ जापान अपनी बेहद ढीली नीति पर अड़ा रहा। इस नीतिगत अंतर ने येन को अत्यधिक कमजोर कर दिया। 2024 में जब बैंक ने अपनी नीति बदली, तब इस प्रवृत्ति में आंशिक सुधार आया। कमजोर येन और वैश्विक ऊर्जा संकट ने जापान में आयातित महंगाई को बढ़ाया, जिससे मुद्रास्फीति 2 प्रतिशत के पार निकल गई।

वैश्विक बाजारों और अन्य मुद्राओं का परिदृश्य

विदेशी मुद्रा बाजार के व्यापक पटल पर बुधवार को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर यानी AUD/USD में लगातार दूसरे दिन तेजी देखने को मिली और यह एशियाई सत्र में 23 सितंबर के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। ऑस्ट्रेलिया में आए मुद्रास्फीति के मजबूत आंकड़ों ने रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा नवंबर में ब्याज दर बढ़ाए जाने की संभावनाओं को हवा दी। वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा बुधवार को घोषित किए जाने वाले ब्याज दर फैसले से पहले अमेरिकी डॉलर में तीन दिनों की लगातार रैली थम गई।

कमोडिटी और अन्य परिसंपत्तियों की बात करें तो सोने की कीमतों में हालिया दो दिवसीय सुधार के बाद कुछ मुनाफावसूली देखी गई, हालांकि प्रति ट्रॉय औंस 4,000 डॉलर का स्तर अभी भी बना हुआ है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक घोषणा के इंतजार ने कीमती धातुओं को सीमित दायरे में रखा है। डिजिटल परिसंपत्तियों में ज़ेडकैश बुधवार को 1,300 डॉलर के पार स्थिर रहा और 1,373 डॉलर के रेजिस्टेंस के करीब पहुंच गया। ग्रेस्केल के ZEC केंद्रित एक्सचेंज ट्रेडेड फंड में लगातार छह दिनों से पूंजी प्रवाह दर्ज किया गया, जिसमें मंगलवार को 30 लाख डॉलर से अधिक का निवेश शामिल रहा। वैश्विक वित्तीय जगत की निगाहें अब पूरी तरह से अमेरिकी फेडरल रिजर्व और उसके बाद शुक्रवार को बैंक ऑफ जापान के आधिकारिक रुख पर टिकी हैं।

सवाल-जवाब

बैंक ऑफ जापान की शुक्रवार की बैठक से क्या उम्मीद की जा रही है?
केंद्रीय बैंक द्वारा अपनी मानक ब्याज दर को 1.25 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने का व्यापक अनुमान है।
दिसंबर में ब्याज दर बढ़ने की कितनी संभावना मानी जा रही है?
बाजार में लगभग 80 प्रतिशत संभावना मानी जा रही है कि दिसंबर में नीतिगत दरों में बढ़ोतरी हो सकती है।
गवर्नर काजुओ उएदा की प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों महत्वपूर्ण है?
गवर्नर के बयानों और शब्दों के चयन से यह संकेत मिलेगा कि दिसंबर या जनवरी में दरें बढ़ेंगी या नहीं, जिससे येन की दिशा तय होगी।
जापान में हालिया वेतन वृद्धि का आंकड़ा क्या रहा है?
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में मुद्रास्फीति समायोजित वास्तविक वेतन में सालाना 1.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो लगातार आठवें महीने की बढ़ोतरी है।
USD/JPY के लिए प्रमुख तकनीकी स्तर कौन से हैं?
मुद्रा युग्म के लिए 155.00 से 156.00 का दायरा प्रमुख सपोर्ट है, जबकि 159.00 से 160.70 का क्षेत्र अहम रेजिस्टेंस बना हुआ है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp