नागालैंड राज्य लॉटरी विभाग ने 9 सितंबर 2026 के निर्धारित कार्यक्रम के तहत अपने लोकप्रिय डियर 1 PM बुधवार साप्ताहिक लकी ड्रॉ के आधिकारिक परिणामों का ऐलान कर दिया है। यह लॉटरी योजना भारत के उन विभिन्न राज्यों में अत्यधिक लोकप्रिय है जहाँ अधिकृत चैनलों के माध्यम से लॉटरी टिकटों की बिक्री को कानूनी स्वीकृति प्राप्त है। आज के इस विशेष ड्रॉ में 1 करोड़ रुपये का मुख्य जैकपॉट पुरस्कार रखा गया है, जिसके साथ अन्य विभिन्न श्रेणियों में भी आकर्षक नकद पुरस्कार शामिल हैं। टिकट खरीदने वाले सभी प्रतिभागियों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक परिणाम सूची जारी होते ही अपने टिकट का मिलान बेहद ध्यानपूर्वक करें और अपनी पुरस्कार राशि का दावा करने के लिए आवश्यक कागजी कार्रवाई समय पर शुरू करें।
1 करोड़ का बंपर इनाम और टिकट सत्यापन के कड़े नियम
डियर 1 PM लॉटरी श्रृंखला का मुख्य आकर्षण इसका 1 करोड़ रुपये का प्रथम पुरस्कार है। इसके अलावा दूसरी, तीसरी और सांत्वना श्रेणियों के तहत कई अन्य छोटे-बड़े इनाम भी वितरित किए जाते हैं। लॉटरी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि परिणाम की घोषणा के बाद प्रतिभागियों को अपने टिकट का केवल एक या दो अंक देखकर निष्कर्ष पर नहीं पहुँचना चाहिए। विजेता बनने के लिए टिकट का पूरा नंबर, सीरीज कोड, ड्रॉ का नाम और ड्रॉ की तारीख (9 सितंबर 2026) आधिकारिक परिणाम सूची से पूरी तरह मेल खानी चाहिए। यदि केवल कुछ ही अंक मैच होते हैं, तो वह टिकट तब तक विजेता नहीं माना जाएगा जब तक कि वह आधिकारिक रूप से घोषित किसी विशिष्ट श्रेणी या सांत्वना पुरस्कार के अंतर्गत न आता हो।
पुरस्कार दावे के लिए दो-स्तरीय प्रक्रिया
आधिकारिक परिणाम सूची में अपना नाम या टिकट नंबर देखना पुरस्कार प्राप्त करने की दिशा में केवल पहला कदम है। इसके बाद विजेताओं को पुरस्कार राशि के मूल्य के आधार पर निर्धारित सत्यापन और क्लेम की औपचारिकताओं को पूरा करना होता है। छोटी रकम के पुरस्कारों के लिए विजेता अपने नजदीकी अधिकृत लॉटरी विक्रेता से संपर्क करके मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि, उच्च मूल्य वाले पुरस्कारों के लिए एक अलग और सख्त प्रक्रिया अपनाई जाती है। 10,000 रुपये से अधिक की किसी भी जीत के लिए विजेताओं को अपना मूल विजेता टिकट और सभी आवश्यक पहचान पत्र नागालैंड राज्य लॉटरी के कोलकाता स्थित अधिकृत कार्यालय में जमा कराने होते हैं। उच्च मूल्य वाले दावों को जमा करने से पहले विजेताओं को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक कार्यालय से वर्तमान समय सीमा, काउंटर खुलने का समय और नए नियमों की जानकारी पहले ही प्राप्त कर लें।
जीतने वाले टिकट का रखरखाव और भौतिक सुरक्षा
लॉटरी का मूल टिकट ही आपकी जीत का एकमात्र वैध कानूनी प्रमाण होता है, इसलिए क्लेम प्रक्रिया पूरी होने तक इसे अत्यंत सुरक्षित रखना अनिवार्य है। विजेताओं को टिकट को किसी भी प्रकार के नुकसान से बचाना चाहिए। टिकट को लैमिनेट करना, उस पर पेन या पेंसिल से लिखना, उसे मोड़ना या उसके किनारों को काटना बिल्कुल मना है। जांच प्रक्रिया के दौरान कोलकाता कार्यालय की सत्यापन समिति द्वारा टिकट की भौतिक प्रामाणिकता की गहन जांच की जाती है। यदि टिकट में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, बनावटी बदलाव या क्षति पाई जाती है, तो दावे को तुरंत खारिज किया जा सकता है। इसलिए विजेता टिकट को एक साफ और सूखे लिफाफे में सुरक्षित रखें।
आवश्यक दस्तावेजों की विस्तृत सूची
10,000 रुपये से अधिक की पुरस्कार राशि का दावा करते समय विजेताओं को एक निर्धारित क्लेम फॉर्म के साथ कई महत्वपूर्ण दस्तावेज संलग्न करने होते हैं। इनमें मूल विजेता लॉटरी टिकट, भारत सरकार द्वारा जारी वैध फोटो पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी), हाल ही में खिंचवाई गई पासपोर्ट साइज तस्वीरें और विजेता के बैंक खाते का विवरण (रद्द किया गया चेक या बैंक पासबुक की कॉपी) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, पुरस्कार की राशि और लागू नियमों के अनुसार कुछ अतिरिक्त घोषणा पत्र या शपथ पत्र भी मांगे जा सकते हैं। सभी कागजात जमा करने से पहले उनकी एक-एक प्रति अपने पास भविष्य के संदर्भ के लिए सुरक्षित रख लेनी चाहिए।
आयकर नियम और टीडीएस की संपूर्ण जानकारी
भारत में लॉटरी से होने वाली किसी भी कमाई पर आयकर अधिनियम के कड़े प्रावधान लागू होते हैं। लॉटरी विजेताओं को मिलने वाली राशि में से स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) की जाती है। इसका सीधा मतलब यह है कि विज्ञापित 1 करोड़ रुपये की कुल राशि की तुलना में विजेता के बैंक खाते में जमा होने वाली वास्तविक राशि कम होगी। लॉटरी से प्राप्त आय को सामान्य व्यक्तिगत आय की तरह नियमित टैक्स स्लैब के आधार पर नहीं आंका जाता, बल्कि इसके लिए विशेष आयकर दरें निर्धारित हैं। 1 करोड़ रुपये जैसे बड़े जैकपॉट के मामले में विजेताओं को अपनी शुद्ध राशि का अनुमान लगाते समय टीडीएस की रकम को ध्यान में रखना चाहिए। विजेताओं को अपनी कुल पुरस्कार राशि, काटी गई टीडीएस राशि और प्राप्त शुद्ध रकम के सभी रसीद व प्रमाण पत्र सुरक्षित रखने चाहिए ताकि वे अपने वार्षिक आयकर रिटर्न (ITR) में इसकी सही जानकारी दर्ज कर सकें। बड़ी राशि जीतने पर किसी योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट या टैक्स विशेषज्ञ से सलाह लेना फायदेमंद रहता है।



















