घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए जरूरी एलपीजी आधार ई-केवाईसी पूरी करने की आखिरी तारीख एक बार फिर आगे बढ़ा दी गई है। अब उपभोक्ता 14 सितंबर तक अपनी यह प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। यह समय सीमा में किया गया पांचवां विस्तार है। इससे पहले यह डेडलाइन 7 सितंबर तय की गई थी। सितंबर महीने से पहले अगस्त के दौरान 16 अगस्त, 23 अगस्त और 31 अगस्त को भी अंतिम तिथियां तय की गई थीं।
तेल कंपनियों के अधिकारियों का बयान और अनुपालन की स्थिति
इस एक हफ्ते के विस्तार की पुष्टि करते हुए तेल विपणन कंपनियों के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तेलंगाना के कुल 1.26 करोड़ एलपीजी ग्राहकों में से लगभग 88 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने यह प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। ऐसा करने से उन्हें रियायती दरों पर घरेलू सिलेंडरों की आपूर्ति लगातार मिलती रहेगी। हालांकि, जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराई है, उन्हें भविष्य में किस दर पर एलपीजी मिलेगी, इस पर सरकार की तरफ से अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। वर्तमान में पूरा ध्यान अधिकतम अनुपालन हासिल करने पर केंद्रित है।
पूर्ण कवरेज को लेकर चुनौतियां
सूत्रों से यह भी जानकारी मिली है कि सब्सिडी वाले रिफिल केवल असली हकदारों तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई यह ई-केवाईसी पहल शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने में कठिनाई का सामना कर रही है। जिन लोगों ने अब तक यह औपचारिकता पूरी नहीं की है, उनमें से कई ऐसे लोग हो सकते हैं जिनके नाम पर या तो एक से अधिक कनेक्शन दर्ज हैं या फिर वे किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड कनेक्शन का इस्तेमाल कर रहे हैं।
कनेक्शन पर संभावित असर और नियम
शुरुआती रिपोर्ट्स में यह अंदेशा जताया गया था कि यदि कोई उपभोक्ता तय समय सीमा के भीतर ई-केवाईसी नहीं कराता है, तो उसके गैस कनेक्शन को अस्थायी रूप से निलंबित किया जा सकता है या फिर उसे कॉमर्शियल दरों पर एलपीजी खरीदने के लिए बाध्य होना पड़ सकता है। हालांकि इस चर्चा को लेकर अभी कोई आधिकारिक स्पष्टता सामने नहीं आई है। अब तक की पुख्ता जानकारी के अनुसार, यदि कोई ग्राहक इस प्रक्रिया को पूरा नहीं करता है, तो इंडेन गैस, एचपी गैस और भारत गैस के उपभोक्ताओं को तब तक कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है जब तक प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती।
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बुकिंग नियम में बदलाव
इस बीच एक अन्य महत्वपूर्ण विकास क्रम के तहत ऑयल मिनिस्ट्री ने तेल विपणन कंपनियों को ग्रामीण इलाकों के ग्राहकों के लिए एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के अंतराल को 45 दिनों से घटाकर 25 दिन करने का निर्देश दिया है। वहीं दूसरी ओर, शहरी इलाकों के उपभोक्ताओं के लिए 25 दिन का यह नियम पहले की तरह ही यथावत बना रहेगा।
इंडेन गैस के लिए ई-केवाईसी कैसे पूरी करें
ग्राहक घर बैठे आसानी से अपनी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इंडेन गैस उपभोक्ता इसके लिए अपने फोन में इंडियनओल वन ऐप और आधार फेसआरडी ऐप डाउनलोड कर सकते हैं। ऐप डाउनलोड करने के बाद अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी से साइन अप करना होगा। इसके बाद अपने गैस कैश मेमो या सब्सक्रिप्शन वाउचर पर दिए गए 16 अंकों की एलपीजी आईडी को लिंक करना होगा, जिसके बाद उपभोक्ता का पूरा विवरण स्क्रीन पर दिखाई देने लगेगा। होम स्क्रीन पर जाने के बाद माय प्रोफाइल विकल्प पर टैप करना होगा और फिर री-केवाईसी विकल्प चुनना होगा। स्क्रीन पर दिए गए निर्देशों को ध्यान से पढ़कर सहमति देनी होगी और फेस ऑथेंटिकेशन एडवाइजरी पेज पर टिक बॉक्स पर क्लिक करना होगा। इसके बाद फेस स्कैन बटन दबाकर बायोमेट्रिक आधार सत्यापन पूरा किया जा सकता है।
भारत गैस के लिए ई-केवाईसी की प्रक्रिया
भारत गैस उपभोक्ताओं को अपनी प्रक्रिया के लिए हैलो बीपीसीएल ऐप डाउनलोड करना होगा। ऐप इंस्टॉल करने के बाद उसमें रजिस्टर करना होगा। होमपेज पर ई-केवाईसी का विकल्प मिल जाएगा जिस पर क्लिक करने के बाद ओटीपी वेरिफिकेशन पेज खुलेगा। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर छह अंकों का एक वन-टाइम पासवर्ड भेजा जाएगा जिसे दर्ज करना होगा। नंबर सत्यापित होने के बाद नियम और शर्तें पढ़नी होंगी और अपनी सहमति प्रदान करनी होगी। इसके बाद प्रक्रिया को पूरी तरह से संपन्न करने के लिए प्रोसीड पर क्लिक करना होगा।
एचपी गैस के लिए ई-केवाईसी के चरण
एचपी गैस के उपभोक्ता अपनी ई-केवाईसी और अन्य सेवाओं के लिए एचपी पे ऐप डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अलावा आधार फेसआरडी ऐप के जरिए भी यह काम किया जा सकता है। एचपी पे ऐप खोलने के बाद रजिस्टर पर टैप करना होगा और अपने गैस खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। प्राप्त ओटीपी को दर्ज करके नंबर का सत्यापन करना होगा। इसके बाद चार अंकों का एक एमपीआईएन सेट करना होगा जिससे भविष्य में ऐप तक आसानी से पहुंच बनाई जा सके। एमपीआईएन के जरिए लॉग इन करने के बाद लोकेशन एक्सेस की अनुमति देनी होगी। इसके बाद माय एचपी सेक्शन में जाकर एलपीजी विकल्प पर क्लिक करना होगा। वहां ई-केवाईसी का विकल्प मिलेगा जिस पर क्लिक करने से यूजर नियम और शर्तों के पेज पर पहुंच जाएगा। ध्यान से पढ़ने के बाद सहमति दें और कैप्चर फेस विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद आधार फेसआरडी ऐप खुलेगा जो चेहरे को स्कैन करेगा। स्क्रीन पर दिखाई देने वाले निर्देशों का पालन करके ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।



















